क्यूबा में फिर देशव्यापी ब्लैकआउट: अमेरिकी प्रतिबंध और पावर प्लांट फेल होने से 3 अगस्त को पूरे देश की बिजली गुल
सारांश
मुख्य बातें
क्यूबा में 3 अगस्त 2026 की रात एक बार फिर देशव्यापी ब्लैकआउट की स्थिति बन गई, जब नेशनल इलेक्ट्रिक यूनियन ने पुष्टि की कि देश का नेशनल पावर सिस्टम स्थानीय समय रात 22:43 बजे (02:43 GMT) पर पूरी तरह ठप हो गया। यूनियन के अनुसार, अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईंधन आयात और पुराने पावर प्लांट्स की मरम्मत में आ रही भारी बाधाएँ इस संकट की मुख्य वजह हैं।
मुख्य घटनाक्रम
नेशनल इलेक्ट्रिक यूनियन ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में बताया कि रविवार, 3 अगस्त को रात 22:43 बजे स्थानीय समय पर क्यूबा का राष्ट्रीय विद्युत तंत्र पूरी तरह बाधित हो गया। इससे ठीक पहले, 1 अगस्त को भी यही यूनियन यह जानकारी दे चुकी थी कि मटांजास से लेकर पिनार डेल रियो तक के पश्चिमी प्रांतों में शाम 6:07 बजे ट्रांसमिशन लाइनों के ट्रिप होने से बिजली गुल हो गई थी।
यूनियन ने स्पष्ट किया कि 1 अगस्त की खराबी का कारण मटांजास और पिनार डेल रियो प्रांतों के बीच ट्रांसमिशन लाइनों का अचानक ट्रिप होना था। यह घटनाएँ लगातार हो रही उस श्रृंखला की कड़ी हैं जो अक्टूबर 2024 से क्यूबा में पावर प्लांट फेल होने, तूफान और अन्य कारणों से बार-बार सामने आ रही हैं।
अमेरिकी प्रतिबंधों का असर
यूनियन के बयान में सीधे तौर पर कहा गया है कि अमेरिकी प्रतिबंधों के प्रभाव के चलते क्यूबा को ईंधन आयात करने और अपने जर्जर हो चुके पावर प्लांट्स की मरम्मत करने में गंभीर कठिनाइयाँ हो रही हैं। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दशकों से चले आ रहे अमेरिकी प्रतिबंध और हाल ही में लगाया गया ईंधन प्रतिबंध, क्यूबा की जनता को उनकी सरकार के विरुद्ध करने की नीति का हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि जुलाई में अमेरिकी विदेश विभाग की 100 पन्नों की एक रिपोर्ट में क्यूबा सरकार पर अमेरिकी धरती पर जासूसी और विध्वंसक नेटवर्क संचालित करने के आरोप लगाए गए थे। क्यूबा ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह एक झूठी कहानी है जिसका मकसद क्यूबा के खिलाफ वाशिंगटन की दीर्घकालिक आक्रामकता की नीति को उचित ठहराना है।
डियाज-कैनेल ने अपनी एक्स पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि इस रिपोर्ट को मौजूदा अमेरिकी सरकार के एक भ्रष्ट अधिकारी ने बढ़ावा दिया है, जिनके फ्लोरिडा में ड्रग तस्करों और आतंकवादियों से संबंध कथित तौर पर साबित हो चुके हैं।
आम जनता पर असर
अक्टूबर 2024 से क्यूबा में बार-बार होने वाले ब्लैकआउट ने आम नागरिकों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। खाद्य भंडारण, अस्पतालों की बिजली आपूर्ति और घरेलू जीवन पर इसका गहरा असर पड़ रहा है। देश की पहले से जर्जर अर्थव्यवस्था पर यह ऊर्जा संकट एक और बड़ा बोझ बन चुका है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब क्यूबा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव में है। जब तक अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील नहीं दी जाती और बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश नहीं होता, विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के ब्लैकआउट का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। क्यूबा सरकार ने अभी तक पावर सिस्टम को पूरी तरह बहाल करने की कोई ठोस समयसीमा घोषित नहीं की है।