यूएनजीए में क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज का अमेरिकी प्रतिबंधों पर तीखा हमला, $178.7 अरब नुकसान का दावा
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में 8 जुलाई को क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज ने आरोप लगाया कि अमेरिका लगभग सात दशकों से क्यूबा के विरुद्ध बहुआयामी और गैर-पारंपरिक युद्ध छेड़े हुए है, और पिछले सात महीनों में यह नीति पहले से कहीं अधिक कठोर हो गई है। उन्होंने इस प्रतिबंध नीति को 'सामूहिक सजा' करार देते हुए कहा कि अब तक मौजूदा कीमतों के अनुसार $178.7 अरब का संचयी आर्थिक नुकसान हो चुका है।
बहस का संदर्भ और मतदान
यह संबोधन यूएनजीए में 'क्यूबा पर अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय प्रतिबंधों को समाप्त करने की आवश्यकता' विषय पर आयोजित विशेष बहस के दौरान हुआ। बहस शुरू होने से पहले संयुक्त राष्ट्र में प्रबंधन और सुधार मामलों के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि जेफ्री बार्टोस ने इस विषय पर दोबारा चर्चा का विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि अक्टूबर 2025 में वार्षिक कार्यसूची के तहत इसी मुद्दे पर पहले ही बहस हो चुकी है और यह संयुक्त राष्ट्र के धन की अनावश्यक बर्बादी है। उन्होंने रिकॉर्डेड वोट की माँग की। इसके बावजूद महासभा ने 136 मतों के समर्थन, 9 मतों के विरोध और 30 देशों के मतदान से दूर रहने के साथ बहस जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
अमेरिकी नीति पर रोड्रिगेज के आरोप
रोड्रिगेज ने कहा कि अमेरिका केवल आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय नाकेबंदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने अभूतपूर्व बाह्य-क्षेत्रीय कदम भी उठाए हैं। उनके अनुसार इन कार्रवाइयों का स्पष्ट उद्देश्य क्यूबा में मानवीय संकट उत्पन्न करना और पूरे देश को अस्थिर करना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों द्वारा बार-बार क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकियाँ दी गई हैं।
आम जनता पर असर
रोड्रिगेज के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण क्यूबा की जनता को होने वाला मानवीय नुकसान और गहरा हुआ है। इससे लोगों के जीवन स्तर में गिरावट आई है, आजीविका के साधन सिकुड़े हैं और व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक विकास की संभावनाएँ सीमित हुई हैं। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का 'बड़े पैमाने पर, खुला और व्यवस्थित उल्लंघन' बताया। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा, 'अमेरिकी सरकार और खासतौर पर उसका विदेश मंत्रालय यह झूठ फैला रहा है कि यह नाकेबंदी क्यूबा की जनता के खिलाफ नहीं है। आप क्यूबा के लोगों से पूछिए कि क्या वे इस नाकेबंदी की वजह से पीड़ा नहीं झेल रहे हैं।'
वैश्विक चेतावनी और क्यूबा का रुख
रोड्रिगेज ने महासभा को आगाह किया कि आज जो क्यूबा के साथ हो रहा है, वह कल किसी भी अन्य देश के साथ हो सकता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर की रक्षा की अपील की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्यूबा सरकार की ओर से कभी कोई ऐसा बयान, सबूत या संकेत नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि क्यूबा ने अमेरिका को धमकी देने की कोशिश की हो — धमकियाँ झेलने वाला देश क्यूबा है, देने वाला नहीं। क्यूबा शांति, बहुपक्षवाद और न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखेगा, यह उनका स्पष्ट संदेश था।