क्यूबा के उप विदेश मंत्री की चेतावनी: अमेरिकी हमले से सिर्फ मौत और तबाही होगी
सारांश
मुख्य बातें
क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने 29 मई 2026 को स्पष्ट किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास क्यूबा पर सैन्य हमला करने का कोई ठोस आधार नहीं है, और यदि ऐसा किया गया तो इसका परिणाम केवल मौत, तबाही और भारी नुकसान होगा। उनका यह बयान अमेरिकी पत्रिका 'पॉलिटिको' की उस रिपोर्ट के जवाब में आया, जिसमें दावा किया गया था कि पेंटागन क्यूबा पर संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
एक्स पर पोस्ट से दिया जवाब
फर्नांडीज डी कोसियो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'क्या लोगों को मारने, घायल करने, तबाही फैलाने और दुख पैदा करना कोई सही वजह है? और वह भी तब, जब इसमें अपने ही पक्ष के लोगों की जान जाने का निश्चित जोखिम भी शामिल हो?' उन्होंने 'पॉलिटिको' पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका को युद्ध के लिए उकसा रही है।
उन्होंने इस दावे की भी आलोचना की कि अमेरिकी सेना क्यूबा पर हमले के लिए तैयार खड़ी है और केवल डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रही है।
पेंटागन की तैयारियाँ और 'पॉलिटिको' की रिपोर्ट
बुधवार को प्रकाशित 'पॉलिटिको' की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन कई महीनों से उन सैनिकों और हथियारों की तैनाती की तैयारी कर रहा है, जिनकी मदद से क्यूबा पर सैन्य हमला किया जा सके। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियाँ तेज़ हुई हैं।
20 मई 2026 को अमेरिकी दक्षिणी कमांड ने घोषणा की थी कि निमिट्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियन क्षेत्र में पहुँच चुका है। इस समूह में एक एयरक्राफ्ट कैरियर, उसका एयर विंग और कम से कम एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर शामिल है।
अमेरिका के नए प्रतिबंध और कूटनीतिक दबाव
2026 की शुरुआत से ही अमेरिका ने क्यूबा के विरुद्ध कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें क्यूबा को तेल आपूर्ति करने वाले देशों पर पाबंदियाँ लगाना और कई क्यूबाई संस्थाओं व अधिकारियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध शामिल हैं।
ठीक 20 मई को ही अमेरिकी न्याय विभाग ने क्यूबा क्रांति के नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने 1996 में 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' नामक समूह के दो विमानों को गिराने में भूमिका निभाई थी।
निगरानी उड़ानों में बढ़ोतरी
हाल के हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्यूबा के आसपास अमेरिकी निगरानी और खुफिया उड़ानों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बढ़ता सैन्य दबाव क्यूबा-अमेरिका संबंधों में एक नए तनाव के दौर की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
गौरतलब है कि क्यूबा दशकों से अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, और इस ताज़ा घटनाक्रम ने कैरिबियन में भू-राजनीतिक तनाव को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया है।