क्यूबा को मानवीय सहायता जारी रखेगा मेक्सिको: राष्ट्रपति शीनबाम का ऐलान, अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच एकजुटता
सारांश
मुख्य बातें
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शीनबाम ने 10 जून 2026 को अपनी दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि मेक्सिको आर्थिक संकट से जूझ रहे क्यूबा को मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों पुराने सहयोग और एकजुटता के संबंध इस प्रतिबद्धता की नींव हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका क्यूबा पर छह दशकों से अधिक समय से लागू अपने प्रतिबंधों को और कड़ा कर रहा है।
शीनबाम का स्पष्ट संदेश
राष्ट्रपति शीनबाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'हम हर तरह की सहायता भेजते रहे हैं और क्यूबा की जनता के लिए आगे भी सहायता भेजते रहेंगे।' उन्होंने जोड़ा कि यह एकजुटता का मामला है और मेक्सिको के लोगों ने हमेशा ऐसे ज़रूरतमंद देशों का साथ दिया है। शीनबाम ने यह भी कहा कि मेक्सिको अपनी पूरी क्षमता के अनुसार क्यूबा का समर्थन करता रहेगा।
राउल कास्त्रो अभियोग पर मेक्सिको की असहमति
गौरतलब है कि मई 2026 में भी शीनबाम ने देशों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करते हुए अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा क्यूबा के पूर्व नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ दायर अभियोग पर कड़ी असहमति जताई थी। उन्होंने कहा था, '30 साल पहले हुई किसी घटना के लिए अब किसी पर आरोप लगाने का क्या मतलब है?'
अमेरिकी अभियोग के अनुसार, 1996 में क्यूबा-अमेरिकी निर्वासित संगठन 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' के दो विमानों को मार गिराने की घटना में 94 वर्षीय राउल कास्त्रो की भूमिका थी, जो उस समय क्यूबा की क्रांतिकारी सशस्त्र सेनाओं के मंत्री थे। क्यूबा सरकार का कहना है कि उन विमानों ने बार-बार क्यूबा के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था और पूर्व चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया था, इसलिए आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल अपरिहार्य था।
अमेरिका की नीति पर सीधी टिप्पणी
शीनबाम ने यह भी कहा कि अमेरिका अक्सर मादक पदार्थों की तस्करी के मुद्दे को दूसरे देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बहाने के रूप में इस्तेमाल करता आया है, और मेक्सिको इस सोच से सहमत नहीं है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इतिहास को ध्यान में रखते हुए जहाँ संभव हो, मेक्सिको को अमेरिका के साथ सहयोग जारी रखना चाहिए।
व्यापक संदर्भ: क्यूबा की मौजूदा स्थिति
क्यूबा इस समय गंभीर ऊर्जा संकट, खाद्य आपूर्ति की कमी और आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों ने इस संकट को और गहरा किया है, जबकि वाशिंगटन का तर्क है कि यह दबाव क्यूबाई सरकार की नीतियों के कारण है। मेक्सिको की यह नीति लातिन अमेरिकी एकजुटता की उस परंपरा का हिस्सा है जिसे शीनबाम की पार्टी ऐतिहासिक रूप से समर्थन देती आई है।
आगे क्या
मेक्सिको और क्यूबा के बीच मानवीय सहायता का यह सिलसिला आने वाले महीनों में भी जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि शीनबाम का यह रुख मेक्सिको-अमेरिका संबंधों में एक नई तनाव की रेखा खींच सकता है, खासकर तब जब दोनों देश व्यापार और प्रवासन जैसे मुद्दों पर पहले से ही नाज़ुक संतुलन बनाए हुए हैं।