चीनी जेल में बंद पत्रकार डोंग युयु के फेफड़े में ट्यूमर, RSF ने मेडिकल पैरोल की माँग की

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चीनी जेल में बंद पत्रकार डोंग युयु के फेफड़े में ट्यूमर, RSF ने मेडिकल पैरोल की माँग की

सारांश

चार साल से चीनी जेल में बंद पत्रकार डोंग युयु के फेफड़े में बड़ा ट्यूमर और हृदय की अनियमित धड़कन — और उनके परिजनों को नतीजे तक नहीं बताए गए। RSF ने इसे चीन की जेल प्रणाली की क्रूरता का नया सबूत बताते हुए तत्काल मेडिकल पैरोल की माँग की है।

मुख्य बातें

RSF ने 5 मई 2026 को पत्रकार डोंग युयु की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए मेडिकल पैरोल की माँग की।
28 अप्रैल को तियानजिन की जेल से जुड़े अस्पताल में CT स्कैन में बाएं फेफड़े में बड़ा ट्यूमर कथित तौर पर पाया गया।
जाँच में एरिथमिया भी सामने आया; 24 घंटे होल्टर मॉनिटरिंग जारी, नतीजे परिवार को नहीं बताए गए।
नवंबर 2024 में डोंग युयु को दो साल प्री-ट्रायल हिरासत के बाद सात साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
उन्होंने 35 साल सरकारी अखबार गुआंगमिंग डेली में काम किया और मानवाधिकार व सत्ता के दुरुपयोग पर रिपोर्टिंग की।
2026 RSF वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन 180 देशों में 178वें स्थान पर है; चीन में अभी कम से कम 120 मीडिया वर्कर जेल में हैं।

प्रेस स्वतंत्रता संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने 5 मई 2026 को चीनी पत्रकार डोंग युयु की गंभीर रूप से बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे बीजिंग पर दबाव डालें ताकि उन्हें मेडिकल पैरोल पर तत्काल रिहा किया जा सके। परिजनों के हवाले से संगठन ने बताया कि 28 अप्रैल को तियानजिन शहर की जेल से जुड़े एक अस्पताल में कराए गए CT स्कैन में उनके बाएं फेफड़े के निचले हिस्से में एक बड़ा ट्यूमर कथित तौर पर पाया गया है।

मेडिकल स्थिति: क्या सामने आया

RSF के अनुसार, कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) स्कैन में डोंग युयु के बाएं फेफड़े के निचले हिस्से में एक बड़े ट्यूमर की पहचान हुई, जिसकी प्रकृति जानने के लिए अतिरिक्त कंट्रास्ट-एन्हांस्ड इमेजिंग की आवश्यकता बताई गई है। इसके अलावा जाँच में एरिथमिया भी सामने आया, जिसमें समय से पहले एट्रियल कॉन्ट्रैक्शन और वेंट्रिकुलर कॉन्ट्रैक्शन शामिल हैं — यानी हृदय की असामान्य धड़कनें जो सामान्य लय को बाधित करती हैं।

संगठन ने बताया कि उन्हें आगे की निगरानी के लिए 24 घंटे के होल्टर मॉनिटर पर रखा गया है, लेकिन इन जाँचों के नतीजे अब तक उनके परिवार को नहीं बताए गए हैं। परिजनों ने RSF से कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि धीरे-धीरे खत्म भी करती हैं — जैसा नोबेल विजेता लियू शियाओबो और ब्लॉगर यांग टोंगयान के मामलों में देखा गया। RSF की अपील नैतिक रूप से सही है, लेकिन सवाल यह है कि क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव बीजिंग की नीति को वास्तव में बदल सकता है — खासकर तब जब चीन 180 देशों की प्रेस फ्रीडम सूची में 178वें स्थान पर रहते हुए भी किसी जवाबदेही से बचता रहा है। 35 साल सरकारी मीडिया में काम करने के बावजूद डोंग युयु को सात साल की सजा यह बताती है कि चीन में 'आज़ाद आवाज़' की कोई सुरक्षित जगह नहीं है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पत्रकार डोंग युयु कौन हैं और उन्हें क्यों जेल हुई?
डोंग युयु एक वरिष्ठ चीनी पत्रकार हैं जिन्होंने 35 साल सरकारी अखबार गुआंगमिंग डेली में काम किया और मानवाधिकारों व सत्ता के दुरुपयोग पर रिपोर्टिंग की। RSF के अनुसार, नवंबर 2024 में दो साल की प्री-ट्रायल हिरासत के बाद उन्हें सात साल जेल की सजा सुनाई गई।
डोंग युयु की सेहत अभी कैसी है?
परिजनों के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को तियानजिन की जेल से जुड़े अस्पताल में CT स्कैन में उनके बाएं फेफड़े के निचले हिस्से में एक बड़ा ट्यूमर कथित तौर पर पाया गया है। इसके अलावा एरिथमिया भी सामने आया है और 24 घंटे होल्टर मॉनिटरिंग जारी है, लेकिन नतीजे परिवार को नहीं बताए गए हैं।
RSF ने क्या माँग की है?
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे बीजिंग पर दबाव डालें ताकि डोंग युयु को मेडिकल पैरोल पर तत्काल रिहा किया जाए। संगठन ने माँग की है कि उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने और अपने परिवार से मिलने की अनुमति दी जाए।
चीन में कितने पत्रकार अभी जेल में हैं?
RSF के अनुसार, चीन में अभी कम से कम 120 मीडिया वर्कर जेल में बंद हैं। 2026 RSF वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में चीन 180 देशों की सूची में 178वें स्थान पर है, जो उसे पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी जेलों में से एक बनाता है।
चीन में अन्य पत्रकारों के साथ क्या हुआ है?
RSF ने कई मामलों का हवाला दिया है — पत्रकार झांग झान को जेल में बेड़ियों में जकड़ा गया और जबरदस्ती खाना खिलाया गया; 'मी टू' पत्रकार सोफिया हुआंग ज़ुएकिन को 'टाइगर चेयर' पर बिठाया गया। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता लियू शियाओबो और ब्लॉगर यांग टोंगयान की जेल में कैंसर से मौत हो गई क्योंकि उन्हें समुचित इलाज नहीं मिला।
राष्ट्र प्रेस
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