31 जुलाई 2026
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इजरायली हमले की पहली वर्षगांठ पर बाघेई का दावा: 'दुश्मन का सपना शर्मनाक हार में बदला'

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इजरायली हमले की पहली वर्षगांठ पर बाघेई का दावा: 'दुश्मन का सपना शर्मनाक हार में बदला'

सारांश

इजरायली हमले की पहली वर्षगांठ पर ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने एक्स पर फारसी काव्य-पंक्तियाँ साझा कर दावा किया कि ईरान की इच्छाशक्ति ने हमलावरों के सपने को हार में बदल दिया। दूसरी ओर, नेतन्याहू ने ट्रंप के साथ 'पूरी सहमति' का हवाला देते हुए ईरान को परमाणु हथियार न बनाने देने की कसम दोहराई।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 13 जून 2025 के इजरायली हमले की पहली वर्षगांठ पर एक्स पर बयान जारी किया।
बाघेई ने कहा कि ईरानी जनता की 'अटूट इच्छाशक्ति और बलिदान' ने दुश्मन के सपने को शर्मनाक हार में बदल दिया।
रिपोर्टों के अनुसार, 13 जून 2025 को शुरू हुआ इजरायल-ईरान संघर्ष 12 दिनों तक चला और युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर कहा कि उनके कार्यकाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे; अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से 'पूरी सहमति' का दावा किया।
नेतन्याहू ने कहा कि वह 30 से अधिक वर्षों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय अभियान में सक्रिय हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 13 जून 2025 को इजरायल द्वारा अमेरिकी समर्थन से ईरान पर किए गए सैन्य हमले की पहली वर्षगांठ पर कहा कि ईरानी जनता की अटूट इच्छाशक्ति, प्रतिरोध और बलिदान ने हमलावरों के सभी मकसदों को विफल कर दिया। उनके अनुसार, जो शक्तियाँ 'जीत के भ्रम' में आई थीं, उनका सपना अंततः 'शर्मनाक हार' में तब्दील हो गया।

वर्षगांठ पर बाघेई का संदेश

14 जून 2026 को बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रसिद्ध फारसी कवि साएब तबरीजी की काव्य-पंक्तियाँ साझा कीं, जिनमें बलिदान, संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने की भावना को रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह हमला उस धरती पर किया गया जो 'इतिहास में अपने मजबूत प्रतिरोध और दुश्मनों को परास्त करने के संकल्प के लिए जानी जाती है।' बाघेई ने यह भी कहा कि इन घटनाओं ने ईरान की ताकत, धैर्य और सम्मान के साथ जीने की उसकी इच्छा को पूरी दुनिया के सामने उजागर किया।

13 जून 2025 का सैन्य संघर्ष: पृष्ठभूमि

रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने 13 जून 2025 को ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसके दौरान ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों की हत्या की गई। इसके जवाब में ईरान ने भारी हवाई हमले किए। कुछ दिनों के भीतर अमेरिका भी इस संघर्ष में शामिल हो गया। यह युद्ध 12 दिनों तक चला और अंततः युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ।

नेतन्याहू की परमाणु चेतावनी

इसी बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा कि जब तक वह इजरायल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर उनके और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 'पूरी सहमति' है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि वह 30 से अधिक वर्षों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय अभियान में सबसे आगे रहे हैं।

ईरान का रुख और आगे की राह

बाघेई के बयान को ईरानी नेतृत्व की उस व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें घरेलू स्तर पर प्रतिरोध की भावना को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश देना है कि ईरान दबाव में नहीं झुका। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-इजरायल तनाव और अमेरिका की भूमिका को लेकर कूटनीतिक हलकों में बहस जारी है। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से इस तरह के बयान क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौती बने रहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ 'नैतिक जीत' का आख्यान टिकाए रखना ज़रूरी है। गौरतलब है कि युद्धविराम की शर्तें और उनके परिणाम अभी तक सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुए हैं, जबकि नेतन्याहू का परमाणु-रोक का संकल्प दशकों पुरानी नीति की पुनरावृत्ति मात्र है। असली सवाल यह है कि इस संघर्ष के बाद ईरान की वास्तविक सैन्य और परमाणु क्षमता पर क्या असर पड़ा — जिसका जवाब अभी किसी पक्ष ने नहीं दिया है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस्माइल बाघेई ने इजरायली हमले की वर्षगांठ पर क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरानी जनता की अटूट इच्छाशक्ति और बलिदान ने हमलावरों के सपने को शर्मनाक हार में बदल दिया। उन्होंने एक्स पर फारसी कवि साएब तबरीजी की पंक्तियाँ साझा कर ईरान के प्रतिरोध को ऐतिहासिक मिसाल बताया।
13 जून 2025 को इजरायल और ईरान के बीच क्या हुआ था?
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल ने 13 जून 2025 को ईरान के विरुद्ध सैन्य अभियान शुरू किया, जिसमें ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों और वैज्ञानिकों की हत्या की गई। इसके जवाब में ईरान ने हवाई हमले किए और कुछ दिनों बाद अमेरिका भी इस संघर्ष में शामिल हो गया। यह युद्ध 12 दिनों तक चला और युद्धविराम के साथ समाप्त हुआ।
नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु हथियारों पर क्या कहा?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा कि जब तक वह इजरायल के प्रधानमंत्री हैं, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी 'पूरी सहमति' है और वह 30 से अधिक वर्षों से इस अभियान में सबसे आगे हैं।
बाघेई ने एक्स पर किस कवि की पंक्तियाँ साझा कीं और क्यों?
बाघेई ने प्रसिद्ध फारसी कवि साएब तबरीजी की पंक्तियाँ साझा कीं, जिनमें बलिदान, संघर्ष और विपरीत परिस्थितियों में अडिग रहने की भावना को रेखांकित किया गया है। यह कदम इजरायली हमले की वर्षगांठ पर ईरानी प्रतिरोध की भावना को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ देने के लिए उठाया गया।
ईरान-इजरायल संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति क्या है?
12 दिनों के संघर्ष के बाद युद्धविराम हुआ, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है। ईरान 'नैतिक जीत' का दावा कर रहा है, जबकि नेतन्याहू ने परमाणु मुद्दे पर कड़ा रुख दोहराया है। युद्धविराम की शर्तें और उनके दीर्घकालिक परिणाम अभी तक पूरी तरह सार्वजनिक नहीं हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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