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गाजा में 11,000 से अधिक सर्जरी टलीं, स्वास्थ्य व्यवस्था ढहने की कगार पर: फिलिस्तीनी राजदूत

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गाजा में 11,000 से अधिक सर्जरी टलीं, स्वास्थ्य व्यवस्था ढहने की कगार पर: फिलिस्तीनी राजदूत

सारांश

गाजा में 11,000 से अधिक सर्जरी टल चुकी हैं, जीवनरक्षक दवाएँ खत्म हो रही हैं और बच्चे लगातार तीसरे साल स्कूल से दूर हैं। भारत में फिलिस्तीनी राजदूत अबू शावेश ने नई दिल्ली से यह चेतावनी दी — और भारत से और अधिक चिकित्सा मदद की उम्मीद जताई।

मुख्य बातें

भारत में फिलिस्तीनी राजदूत अब्दुल्ला एम.
अबू शावेश ने 3 जुलाई को गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था को 'पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर' बताया।
गाजा में 11,000 से अधिक सर्जरी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं और जीवनरक्षक दवाएँ उपलब्ध नहीं हैं।
गाजा का 70 प्रतिशत हिस्सा तबाह हो चुका है; 365 वर्ग किलोमीटर में 23 लाख लोग रह रहे हैं।
फिलिस्तीनी बच्चे लगातार तीसरे वर्ष स्कूल नहीं जा सके; पिछले दो वर्षों में एक भी दिन पढ़ाई नहीं हुई।
भारत सरकार ने UNRWA को दी जाने वाली वार्षिक वित्तीय सहायता हाल ही में फिर से जारी की है।

भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने 3 जुलाई को नई दिल्ली में गाजा की स्थिति को 'अत्यंत गंभीर' बताते हुए कहा कि वहाँ की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने की कगार पर है और 11,000 से अधिक सर्जरी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं। राजदूत ने यह भी कहा कि जीवनरक्षक दवाएँ और ज़रूरी चिकित्सा सामग्री गाजा में लगभग नदारद हो चुकी है।

गाजा की ज़मीनी हकीकत

राजदूत अबू शावेश ने बताया कि गाजा मात्र 365 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 23 लाख से अधिक लोगों का घर है — जो इसे दुनिया के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक बनाता है। उन्होंने कहा, "इसका 70 प्रतिशत हिस्सा पहले ही तबाह किया जा चुका है। घोषित लक्ष्य फिलिस्तीनियों को गाजा से बाहर खदेड़ना और वहाँ से उनका पूरी तरह सफाया करना है।"

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि फिलिस्तीनी बच्चों का बचपन पूरी तरह छिन चुका है। लगातार तीसरे वर्ष गाजा के बच्चे स्कूल नहीं जा सके, और पिछले दो वर्षों में उन्होंने एक भी दिन पढ़ाई नहीं की।

स्वास्थ्य संकट की भयावह तस्वीर

राजदूत ने चिकित्सा संकट की गंभीरता रेखांकित करते हुए कहा, "वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह टूटने की कगार पर है। 11,000 सर्जरी टाल दी गई हैं। जीवन बचाने वाली अधिकांश दवाएँ और टैबलेट उपलब्ध नहीं हैं। गाजा में हज़ारों लोग ऐसे हैं जिन्हें गंभीर चोटों के बाद बाहर इलाज की सख्त ज़रूरत है, लेकिन उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।"

उन्होंने दवाओं की भारी कमी का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मरीज़ों को इलाज के लिए गाजा से बाहर ले जाना अनिवार्य है, परंतु यह रास्ता भी बंद बताया जा रहा है।

भारत की भूमिका और समर्थन

राजदूत अबू शावेश ने भारत की ओर से फिलिस्तीनियों को मिल रहे समर्थन की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) — जो फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए कार्य करती है — को दी जाने वाली वार्षिक वित्तीय सहायता फिर से जारी की है।

उन्होंने कहा, "भारतीय लोग विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारी मदद के लिए आगे आते हैं। दवाइयों और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं में सहायता के कई वादे किए गए हैं।" राजदूत ने उम्मीद जताई कि भारत गाजा को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा।

आगे की राह

गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ रहा है कि वह चिकित्सा सहायता और मानवीय राहत सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए। राजदूत अबू शावेश के अनुसार, यह संकट केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है — यह एक पूरी पीढ़ी के भविष्य का सवाल बन चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी राहत अब भी अपर्याप्त है। 11,000 टली सर्जरियाँ और दवाओं की पूर्ण कमी — ये आँकड़े किसी युद्धक्षेत्र की नहीं, बल्कि एक व्यवस्थागत चिकित्सा पतन की तस्वीर पेश करते हैं। भारत का UNRWA को समर्थन जारी रखना सकारात्मक है, परंतु जब गंभीर रूप से घायल मरीज़ों को इलाज के लिए बाहर जाने की अनुमति तक नहीं मिल रही, तो वित्तीय सहायता अकेले पर्याप्त नहीं। असली सवाल यह है कि क्या भारत अपनी कूटनीतिक स्थिति का उपयोग मानवीय गलियारे खुलवाने के लिए करेगा।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजा में 11,000 सर्जरी क्यों टाल दी गई हैं?
फिलिस्तीनी राजदूत अबू शावेश के अनुसार, गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था लगभग पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है — चिकित्सा उपकरण, दवाएँ और संसाधन सब खत्म हो रहे हैं। इसी कारण 11,000 से अधिक सर्जरी अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई हैं।
गाजा में स्वास्थ्य संकट कितना गंभीर है?
राजदूत के अनुसार, जीवनरक्षक अधिकांश दवाएँ और टैबलेट उपलब्ध नहीं हैं और हज़ारों घायलों को बाहर इलाज की ज़रूरत है लेकिन उन्हें जाने की अनुमति नहीं मिल रही। गाजा का 70 प्रतिशत हिस्सा पहले ही तबाह हो चुका है।
भारत फिलिस्तीन की मदद के लिए क्या कर रहा है?
भारत सरकार ने हाल ही में UNRWA को दी जाने वाली वार्षिक वित्तीय सहायता फिर से जारी की है। इसके अलावा दवाइयों और चिकित्सा आवश्यकताओं में सहायता के वादे भी किए गए हैं, जिसकी फिलिस्तीनी राजदूत ने सराहना की।
गाजा के बच्चों की शिक्षा पर क्या असर पड़ा है?
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार फिलिस्तीनी बच्चों का बचपन पूरी तरह छिन चुका है। लगातार तीसरे वर्ष गाजा के बच्चे स्कूल नहीं जा सके और पिछले दो वर्षों में उन्होंने एक भी दिन पढ़ाई नहीं की।
UNRWA क्या है और इसका फिलिस्तीनियों से क्या संबंध है?
UNRWA यानी संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (United Nations Relief and Works Agency) फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत सेवाएँ प्रदान करती है। भारत इस एजेंसी को वार्षिक वित्तीय सहायता देता है, जिसे हाल ही में फिर से जारी किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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