जिनेवा में चीन की पहल: असमानता समाप्ति और विकास अधिकार को बढ़ावा
सारांश
Key Takeaways
- असमानता का अंत और विकास के अधिकार का महत्व।
- वैश्विक विकास पहल का समावेशिता पर जोर।
- संरचनात्मक असमानताओं का समाधान आवश्यक।
- वैश्विक सहयोग का महत्व।
- नवाचारात्मक दृष्टिकोणों के माध्यम से विकास को साकार करना।
बीजिंग, १५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के ६१वें सत्र के दौरान, चीनी मानवाधिकार विकास सोसायटी ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 'असमानता का अंत करना और विकास के अधिकार की प्राप्ति को प्रोत्साहित करना' विषय पर एक सह-कार्यक्रम का आयोजन किया। इस वैश्विक कार्यक्रम में चीन समेत विभिन्न देशों के मानवाधिकार विशेषज्ञों और विद्वानों ने भाग लिया।
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय संकटों के संदर्भ में गहन विचार-विमर्श किया कि किस प्रकार नवाचारात्मक दृष्टिकोणों के माध्यम से सभी के लिए विकास के अधिकार को साकार किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि समान अवसर ही विकास के अधिकार की प्राप्ति का मूल आधार है।
उन्होंने चीन की 'वैश्विक विकास पहल' का उल्लेख करते हुए बताया कि यह पहल 'समावेशिता और साझी समृद्धि' के सिद्धांत के माध्यम से समान विकास अधिकारों के विचार को और मजबूत बनाती है।
कार्यक्रम के अंत में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग को और प्रबल करने, संरचनात्मक असमानताओं को दूर करने, और एक समावेशी, लचीली और टिकाऊ वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण के लिए संयुक्त प्रयास करने का आह्वान किया गया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)