एएफडी की एरफुर्ट बैठक के खिलाफ 15,000 प्रदर्शनकारी सड़कों पर, पुलिस से झड़प
सारांश
मुख्य बातें
जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी ऑल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) की राष्ट्रीय नेतृत्व बैठक के विरोध में 4 जुलाई 2026 को पूर्वी जर्मनी के शहर एरफुर्ट में लगभग 15,000 प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। पुलिस के अनुमान के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सम्मेलन स्थल तक जाने वाले मार्गों को अवरुद्ध किया और दंगा-रोधी बलों से उनकी झड़प हुई।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों और हाईवे को ब्लॉक कर एएफडी के सम्मेलन केंद्र तक पहुँच बाधित कर दी। दंगा-रोधी गियर में तैनात पुलिस बल लगातार स्थिति पर नज़र बनाए रहा। कुछ प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच सीधी झड़प की भी सूचना है। बैठक का उद्देश्य पार्टी के नेतृत्व चुनाव सहित आंतरिक एकता का प्रदर्शन करना था।
प्रदर्शनकारियों का रुख
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संगठन वाइडरजेटजेन के प्रवक्ता जॉर्ग बेकर ने कहा, 'हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे, और हम मानते हैं कि जर्मनी में फासीवाद फिर से बढ़ रहा है।' प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि एएफडी की विचारधारा जर्मनी के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा है।
ऐतिहासिक संदर्भ और विवाद
इस सम्मेलन को इसलिए भी विवादास्पद माना जा रहा है क्योंकि यह उस ऐतिहासिक स्थल के निकट आयोजित हो रहा है, जहाँ लगभग 100 वर्ष पहले नाजी पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी — जिसने एडोल्फ हिटलर के सत्ता-सुदृढ़ीकरण में भूमिका निभाई थी। इतिहासकारों और राजनीतिक विरोधियों का कहना है कि इस स्थान-चयन का प्रतीकात्मक महत्व है। हालाँकि एएफडी ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है।
एएफडी की रणनीति और राजनीतिक महत्वाकांक्षा
पार्टी की सह-अध्यक्ष ऐलिस वाइडेल ने हाल ही में कहा था कि '2026 एएफडी के लिए निर्णायक वर्ष होगा।' बैठक का मुख्य एजेंडा मौजूदा सह-अध्यक्षों ऐलिस वाइडेल और टीनो क्रुपाला के कार्यकाल को आगे बढ़ाना है। उल्लेखनीय है कि जर्मनी में राजनीतिक दल हर दो वर्ष में नेतृत्व चुनाव करते हैं।
मुख्यधारा की पार्टियाँ एएफडी के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार करती हैं — इस नीति को 'फायरवॉल' कहा जाता है। इसके बावजूद पार्टी मौजूदा सरकार की आर्थिक नीतियों से जनता की नाराज़गी और धीमी अर्थव्यवस्था का राजनीतिक लाभ उठाने में सफल रही है। पार्टी का एजेंडा अब केवल आव्रजन तक सीमित नहीं, बल्कि व्यापक आर्थिक और सामाजिक मुद्दों तक फैल चुका है।
आगे क्या होगा
एएफडी का लक्ष्य 6 सितंबर को होने वाले सैक्सनी-अनहाल्ट क्षेत्रीय चुनाव में 40 प्रतिशत या उससे अधिक मत हासिल करना है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है, तो पार्टी पूर्ण बहुमत अथवा अन्य दलों के असंतुष्ट विधायकों के समर्थन से पहली बार किसी राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में पहुँच सकती है — जो जर्मन राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा।