PM मोदी ने सर्बिया के राष्ट्रपति वुसिक को किया धन्यवाद, भारत-सर्बिया मित्रता को बताया अमूल्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जून 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के माध्यम से सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक को उनकी हार्दिक बधाई के लिए धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति वुसिक ने मोदी के भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें विशेष शुभकामनाएँ दी थीं। फ्रांस दौरे पर मौजूद प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
वुसिक की बधाई — क्या कहा सर्बियाई राष्ट्रपति ने
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक ने एक्स पर लिखा, 'भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई।' उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक देश के सर्वोच्च पद पर बने रहना जनता के अपने नेता में अटूट विश्वास का प्रमाण है।
वुसिक ने आगे कहा कि किसी नेता की असली ताकत केवल उसके पद पर बिताए वर्षों या जीते चुनावों से नहीं, बल्कि उस विरासत, उपलब्धियों और दूरदर्शी सोच से मापी जाती है जो वह पीछे छोड़ जाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल की भेंट में उन्होंने मोदी में एक ऐसे अनुभवी राजनेता की समझ देखी जो आधुनिक चुनौतियों के साथ-साथ परंपरा, पहचान और राष्ट्रीय हितों को भी समान महत्व देते हैं।
PM मोदी की प्रतिक्रिया — मित्रता को बताया प्राथमिकता
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर उत्तर देते हुए लिखा, 'राष्ट्रपति वुसिक, आपके स्नेहपूर्ण और दिल से दिए गए शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद।' उन्होंने राष्ट्रपति वुसिक की हालिया भारत यात्रा और उनके बीच हुई सार्थक बातचीत को याद करते हुए कहा कि भारत, सर्बिया के साथ अपनी मित्रता को बहुत महत्व देता है।
मोदी ने यह भी कहा कि वे आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गौरतलब है कि यह कूटनीतिक संवाद ऐसे समय में हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के आधिकारिक दौरे पर हैं।
ऐतिहासिक मील का पत्थर — नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छूटा
10 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र सरकार के प्रमुख के रूप में 4,399 दिन पूरे कर भारत के सबसे लंबे समय तक सेवारत निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम था।
यह ऐसे समय में आया है जब मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में सक्रिय रूप से वैश्विक कूटनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने में जुटे हैं। सर्बिया जैसे देशों के साथ संबंध प्रगाढ़ करना इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत-सर्बिया संबंध — आगे की राह
दोनों नेताओं के बीच यह सार्वजनिक कूटनीतिक संवाद भारत और सर्बिया के द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को रेखांकित करता है। राष्ट्रपति वुसिक की हालिया भारत यात्रा के बाद दोनों पक्षों के बीच सहयोग के नए आयाम खुलने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोप में सर्बिया जैसे देशों के साथ भारत के संबंध भविष्य में व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में और विस्तृत हो सकते हैं। दोनों देशों के नेताओं के बीच इस प्रकार का व्यक्तिगत सौहार्द द्विपक्षीय संबंधों की नींव को और मजबूत करता है।