देहरादून में भारत-नेपाल JWG की 14वीं बैठक: सीमा सुरक्षा, साइबर अपराध और तस्करी पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
देहरादून में 20 और 21 अगस्त 2026 को आयोजित नेपाल-भारत संयुक्त कार्य समूह (JWG) की 14वीं बैठक में दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, सुरक्षा सहयोग और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर व्यापक सहमति बनाई। उत्तराखंड की राजधानी में संपन्न हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने रियल-टाइम सूचना आदान-प्रदान और आधुनिक निगरानी तकनीक के उपयोग को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया।
बैठक का नेतृत्व और संरचना
नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आनंद काफले ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया, जबकि भारतीय पक्ष की अगुवाई गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पौसुमी बसु ने की। भारत में नेपाली दूतावास द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, यह बैठक मार्च 2025 में पोखरा में हुई 13वीं JWG बैठक के निर्णयों की कार्यान्वयन समीक्षा के साथ शुरू हुई।
मुख्य सुरक्षा एजेंडा
नेपाल सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में सीमा पार अपराधों की एक विस्तृत सूची पर चर्चा हुई — जिसमें मादक पदार्थों की तस्करी, प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की अवैध आवाजाही, वन्यजीव तस्करी, मानव तस्करी, जाली मुद्रा और हथियार-गोला बारूद की अवैध सप्लाई शामिल हैं। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय और रियल-टाइम सूचना साझाकरण को और सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया।
नेपाली पक्ष ने साइबर अपराध और सीमा पार डिजिटल धोखाधड़ी जैसी उभरती सुरक्षा चुनौतियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और सीमा पार डिजिटल नेटवर्क इसे और जटिल बना रहे हैं।
सीमा प्रबंधन के अहम मुद्दे
नेपाली गृह मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, बैठक में दशगजा क्षेत्र में अतिक्रमण और अनधिकृत उपयोग को रोकने, एकीकृत जांच चौकियों (Integrated Check Posts) का पूर्ण संचालन सुनिश्चित करने और परस्पर विधिक सहायता (Mutual Legal Assistance) को मज़बूत करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
इसके अलावा, दोनों देशों के नागरिकों की सीमा पार आवाजाही को सुगम बनाने, तीसरे देशों के नागरिकों की निगरानी, आपदा प्रबंधन में सहयोग और नेपाल-भारत जिला स्तरीय समन्वय समिति को अधिक प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी।
तकनीकी निगरानी पर जोर
दोनों पक्ष सीमा के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कैमरों सहित आधुनिक तकनीक के उपयोग से सुरक्षा निगरानी बढ़ाने पर सहमत हुए। गौरतलब है कि भारत-नेपाल की लगभग 1,850 किलोमीटर लंबी खुली सीमा पर निगरानी हमेशा से एक जटिल चुनौती रही है।
अगली बैठक और आगे की राह
दोनों देशों ने सहमति जताई कि JWG की 15वीं बैठक नेपाल में आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीख दोनों पक्षों की सुविधानुसार तय होगी। यह बैठक भारत-नेपाल संबंधों में नियमित संवाद की उस परंपरा को आगे बढ़ाती है जो दशकों से दोनों देशों के बीच सीमा प्रबंधन का आधार रही है।