भारत-अमेरिका ट्रेड डील 99% पूरी, बाकी 1% पर बातचीत जारी: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 3 जून को मुंबई में कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौता 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है और शेष एक प्रतिशत मुद्दों पर सक्रिय बातचीत चल रही है। गोर ने यह बयान सिटी इंडिया 2026 कॉन्फ्रेंस के साइडलाइन पर पत्रकारों से बातचीत में दिया, और संकेत दिया कि दोनों पक्ष अंतरिम समझौते को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
राजदूत ने क्या कहा
गोर ने कहा, ‘हम समझौते को लेकर बहुत आशावादी हैं। हम 99 प्रतिशत तक पहुँच चुके हैं और शेष एक प्रतिशत पर काम चल रहा है।’ उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह उनकी मुलाकात वाशिंगटन डीसी से आए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से हुई, जिसमें उप व्यापार वार्ताकार भी शामिल हैं और जो कई दिनों से दिल्ली में चर्चा कर रहे हैं।
अगला कदम: पीयूष गोयल से मुलाकात
राजदूत के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठकों के बाद बुधवार को दिल्ली लौटेगा, जहाँ वह केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेगा। गोर ने कहा, ‘प्रतिनिधिमंडल वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर रहा है, और हम कल सुबह वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मिलने के लिए दिल्ली लौटेंगे।’
वार्ता की तेज़ रफ़्तार
गोर ने इस वार्ता की गति को ऐतिहासिक रूप से तेज़ बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत लगभग डेढ़ साल से चल रही है, जबकि यूरोपीय संघ को भारत के साथ व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने में लगभग 19 साल लग गए। यह तुलना इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों समझौते को रणनीतिक प्राथमिकता मान रहे हैं।
क्यों मायने रखता है
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक टैरिफ माहौल अनिश्चित बना हुआ है और भारतीय निर्यातक अमेरिकी बाज़ार में स्पष्टता का इंतज़ार कर रहे हैं। गोर के शब्दों में, ‘अमेरिका और भारत दोनों समान विचारधारा वाले साझेदार हैं और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि यह दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा, और हम इसकी संभावनाओं को लेकर बहुत उत्साहित हैं।’
क्या होगा आगे
आलोचकों का कहना है कि ‘अंतिम एक प्रतिशत’ अक्सर सबसे संवेदनशील मुद्दों — कृषि, डेयरी, डिजिटल व्यापार और टैरिफ रियायतें — को छुपा देता है। आने वाले दिनों में पीयूष गोयल और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की बैठक से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि अंतरिम समझौते की रूपरेखा कब सार्वजनिक की जाएगी।