ईरान ने हवाई प्रतिबंधों पर सैन्य जवाबी कार्रवाई से किया इनकार, SNSC ने बातचीत को दी प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने 27 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि अमेरिकी विमानन प्रतिबंधों के जवाब में तेहरान कोई सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। SNSC ने कहा कि कुछ 'गैर-कानूनी' हवाई प्रतिबंधों को हटाने के लिए संबंधित देशों के साथ राजनयिक बातचीत जारी है।
SNSC का बयान और पृष्ठभूमि
SNSC का यह बयान परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई की हालिया टिप्पणियों को लेकर उठे विवाद के बाद आया। रेज़ाई ने हवाई परिवहन के मुद्दे पर बात की थी, जिसे कुछ माध्यमों ने सैन्य कार्रवाई के संकेत के रूप में पेश किया। परिषद ने इन दावों को 'गलत व्याख्या' करार देते हुए खारिज कर दिया।
अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने SNSC के इस फैसले की जानकारी दी। परिषद ने जोर देकर कहा कि यदि ज़रूरत पड़ी तो प्रतिबंधों का पालन करने वालों के विरुद्ध गैर-सैन्य जवाबी उपाय अपनाए जा सकते हैं — जिन्हें कुछ हवाई अड्डों पर लागू करने का विकल्प मौजूद है। हालाँकि, SNSC ने उम्मीद जताई कि स्थिति उस हद तक नहीं पहुँचेगी।
अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा
इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ऐलान किया था कि बुधवार से दुनिया भर में सभी ईरानी एयरलाइंस को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो कंपनियाँ ईरानी विमानों को ईंधन, लैंडिंग सेवाएँ या टिकट बिक्री की सुविधा देंगी, उन पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
प्रसारक CNBC को दिए एक साक्षात्कार में बेसेंट ने कहा था कि ईरानी विमान के किसी हवाई अड्डे पर उतरने पर 'आप उन्हें ईंधन नहीं दे सकते, लैंडिंग सेवाएँ नहीं दे सकते, टिकट नहीं बेच सकते, वरना आपको डॉलर प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा।'
रेज़ाई की अपील और ईरानी रुख
सरकारी IRIB टेलीविज़न को दिए एक साक्षात्कार में रेज़ाई ने ईरान के पड़ोसी देशों से अपील की कि वे अमेरिका की इस 'साहसिक कार्रवाई' में शामिल न हों, क्योंकि यह जल्द विफल हो जाएगी। उनका यह बयान अमेरिकी प्रतिबंधों के लागू होने के कुछ घंटों बाद आया था।
यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव पहले से कहीं अधिक है। गौरतलब है कि ईरानी एयरलाइंस पहले से ही अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण कई वर्षों से वैश्विक बाज़ार में सीमित परिचालन करती आ रही हैं।
ट्रंप का सीज़फायर प्रस्ताव अस्वीकार
इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सात दिन के सीज़फायर प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका में नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद तेहरान पर फिर से बमबारी शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य के नक्शे पर घेरा बनाकर 'ट्रंप स्ट्रेट' लिखा दिखाया गया — जिसे व्यापक रूप से एक उत्तेजक भू-राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
SNSC के बयान से संकेत मिलता है कि ईरान फिलहाल राजनयिक रास्ते को तरजीह दे रहा है, लेकिन गैर-सैन्य जवाबी विकल्पों की संभावना को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की पृष्ठभूमि में आने वाले हफ्ते इस संकट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।