ईरान का दावा: जास्क आइलैंड के पास अमेरिकी युद्धपोत पर दागी दो मिसाइलें, सेंटकॉम ने किया खंडन

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ईरान का दावा: जास्क आइलैंड के पास अमेरिकी युद्धपोत पर दागी दो मिसाइलें, सेंटकॉम ने किया खंडन

सारांश

ईरान की सरकारी मीडिया ने जास्क आइलैंड के पास अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमले का दावा किया, जिसे सेंटकॉम ने सिरे से नकार दिया। यह टकराव ऐसे समय में है जब ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' मिशन सक्रिय है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा खतरे का स्तर 'क्रिटिकल' घोषित किया गया है।

मुख्य बातें

फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि 4 मई 2026 को जास्क आइलैंड के पास अमेरिकी नौसैनिक पोत पर दो मिसाइलें दागी गईं।
यूएस सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर फैक्ट-चेक पोस्ट जारी कर दावे को पूरी तरह गलत बताया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' मिशन में लगभग 15,000 सैन्यकर्मी , 100 से अधिक विमान, युद्धपोत और ड्रोन तैनात हैं।
ज्वाइंट मेरीटाइम इंफोर्मेशन सेंटर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा खतरे का स्तर 'क्रिटिकल' घोषित किया है।
एडवाइजरी में जहाजों को वीएचएफ चैनल 16 के ज़रिए ओमान के अधिकारियों से समन्वय बनाए रखने की सलाह दी गई है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज एजेंसी ने 4 मई 2026 को स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया कि जास्क आइलैंड के निकट एक अमेरिकी नौसैनिक पोत पर दो मिसाइलें दागी गईं। हालाँकि, यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस दावे को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।

ईरान का दावा क्या है

फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह कथित हमला तब हुआ जब अमेरिकी जहाज ने इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करते हुए रुकने से इनकार कर दिया। एजेंसी ने स्थानीय सूत्रों का हवाला दिया, लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

सेंटकॉम का खंडन

यूएस सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फैक्ट-चेक पोस्ट जारी कर स्पष्ट किया कि

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन स्वतंत्र सत्यापन के अभाव में दोनों में से किसी भी दावे को निर्णायक नहीं माना जा सकता। गौरतलब है कि 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा के तत्काल बाद इस दावे का सामने आना संयोग नहीं लगता — यह क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सूचना-प्रबंधन की जटिलता को रेखांकित करता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुज़रता है, पर किसी भी सैन्य घटना के वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर तत्काल प्रभाव पड़ सकते हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल हमले का दावा क्यों किया?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया कि जास्क आइलैंड के पास एक अमेरिकी नौसैनिक पोत ने IRGC की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया, जिसके बाद उस पर दो मिसाइलें दागी गईं। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सेंटकॉम ने ईरानी दावे पर क्या कहा?
यूएस सेंट्रल कमांड ने एक्स पर फैक्ट-चेक पोस्ट जारी कर स्पष्ट किया कि अमेरिकी नौसेना के किसी भी जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ है। सेंटकॉम ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर नेवल नाकाबंदी जारी रखे हुए है।
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' मिशन क्या है?
'प्रोजेक्ट फ्रीडम' राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित एक अभियान है जिसका उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना और क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है। इसमें लगभग 15,000 सैन्यकर्मी, 100 से अधिक विमान, युद्धपोत और ड्रोन शामिल हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षा खतरे का स्तर क्या है?
ज्वाइंट मेरीटाइम इंफोर्मेशन सेंटर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा खतरे का स्तर 'क्रिटिकल' यानी अत्यंत गंभीर घोषित किया है। समुद्री यात्रियों को वीएचएफ चैनल 16 के ज़रिए ओमान के अधिकारियों से समन्वय बनाए रखने और ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के दक्षिण में ओमान के क्षेत्रीय जलमार्ग से गुज़रने की सलाह दी गई है।
इस घटना का अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर क्या असर पड़ सकता है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति करता है, इसलिए इस क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ और सुरक्षा खतरे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए जोखिम बढ़ा देती हैं। किंगडम मेरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने एडवाइजरी जारी कर जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
राष्ट्र प्रेस
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