ईरान का नया हमला: डिएगो गार्सिया पर 4,000 किलोमीटर दूर से दागी मिसाइलें!

Click to start listening
ईरान का नया हमला: डिएगो गार्सिया पर 4,000 किलोमीटर दूर से दागी मिसाइलें!

सारांश

ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन के सैन्य बेस डिएगो गार्सिया पर मिसाइलें दागकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। यह हमला 4,000 किलोमीटर की दूरी से किया गया है, जो ईरानी मिसाइलों की असली क्षमता को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • ईरान ने 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर मिसाइलें दागी।
  • यह हमला अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस पर किया गया।
  • ईरान की मिसाइल रेंज पहले से अधिक हो सकती है।
  • इस हमले ने वैश्विक चिंता को बढ़ा दिया है।
  • अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पहले ये हमले केवल मिडिल ईस्ट में सीमित थे, लेकिन अब ये अन्य क्षेत्रों में भी फैलते जा रहे हैं।

हाल ही में, ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन के एक सैन्य बेस पर हमला किया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने 'डिएगो गार्सिया' पर कम से कम दो मिड-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह स्थान अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य बेस है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक मिसाइल उड़ान के दौरान विफल हो गई, जबकि दूसरी मिसाइल एक अमेरिकी इंटरसेप्टर से टकरा गई जो एक वॉरशिप से दागी गई थी। डिएगो गार्सिया इक्वेटर के दक्षिण में मध्य हिंद महासागर में स्थित है।

ईरान ने अपने देश से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर स्थित इस सैन्य बेस पर हमला किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि ईरानी मिसाइलों की रेंज पहले से कहीं अधिक है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने यह दावा किया था कि ईरान ने अपनी मिसाइलों की रेंज 2,000 किलोमीटर तक सीमित कर दी है। लेकिन ताजा हमले से यह सवाल उठता है कि यदि ईरान के पास इतनी दूरी की मिसाइलें नहीं हैं, तो उसने डिएगो गार्सिया पर हमले के लिए कौन सी मिसाइल का उपयोग किया?

भारत से डिएगो गार्सिया की दूरी 1,800 किलोमीटर है। अमेरिका और ब्रिटेन इस एयरबेस का उपयोग पूरे एशिया और पश्चिम एशिया में अपनी गतिविधियों के लिए करते हैं। यह स्थान अमेरिका के लिए एशिया और पश्चिम एशिया में सैन्य रणनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। साथ ही, यहां विशाल ईंधन भंडारण, रडार सिस्टम और कंट्रोल टावर भी हैं, जो लंबी दूरी के सैन्य अभियानों को संभव बनाते हैं।

ईरान के इस हमले ने कई स्तरों पर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि ईरान ने अपने दुश्मनों को एक गंभीर चोट पहुंचाई है।

Point of View

बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी गूंज होगी। हमें इस स्थिति पर नजर रखनी होगी।
NationPress
21/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने डिएगो गार्सिया पर कब हमला किया?
ईरान ने 21 मार्च को डिएगो गार्सिया पर हमला किया।
यह सैन्य बेस कहाँ स्थित है?
डिएगो गार्सिया मध्य हिंद महासागर में स्थित है।
ईरान की मिसाइलों की रेंज क्या है?
ईरान ने हाल ही में 4,000 किलोमीटर की रेंज से मिसाइलें दागी हैं।
इस हमले का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
यह हमला वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता ला सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान ने अपनी मिसाइलों की रेंज 2,000 किलोमीटर तक सीमित की है।
Nation Press