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आईआरजीसी का दावा: बहरीन में अमेज़न के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिसाइल हमला, जॉर्डन-कुवैत बेस भी निशाने पर

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आईआरजीसी का दावा: बहरीन में अमेज़न के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिसाइल हमला, जॉर्डन-कुवैत बेस भी निशाने पर

सारांश

ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेज़न के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, जॉर्डन में एफ-15 शेल्टर और कुवैत में पैट्रियट सिस्टम को निशाना बनाया — यह सब दारखोविन परमाणु केंद्र पर अमेरिकी हमले के जवाब में। ये दावे अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हैं।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने दावा किया कि बहरीन में अमेज़न के केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को क्रूज मिसाइलों से नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई कथित तौर पर दारखोविन परमाणु केंद्र पर अमेरिकी हमले के जवाब में की गई, जो आईएईए निगरानी में था।
जॉर्डन में अमेरिकी अड्डे पर मिसाइल रक्षा रडार और एफ-15 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचाने का दावा।
कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और एएन/एफपीएस-117 रडार निशाने पर होने का दावा।
आईआरजीसी ने अमेरिकी सेना को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी दी और 'और अधिक विनाशकारी' हमलों की धमकी दी।
सभी दावे अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं ; अमेरिका या खाड़ी देशों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 21 जुलाई को दावा किया कि उसने बहरीन में स्थित अमेरिकी कंपनी अमेज़न के केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को क्रूज मिसाइलों से नष्ट कर दिया। आईआरजीसी के अनुसार, यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान में निर्माणाधीन दारखोविन परमाणु केंद्र पर अमेरिकी सैन्य हमले के जवाब में की गई।

हमले का दावा और पृष्ठभूमि

आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस अभियान में कई क्रूज मिसाइलों का उपयोग किया गया, जिन्होंने बहरीन में अमेज़न के केंद्रीय डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी ईरान में स्थित दारखोविन परमाणु स्थल — जो कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी व्यवस्था के तहत था — को सोमवार को अमेरिकी सैन्य हमले में नुकसान पहुंचा। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका तनाव अपने चरम पर है।

जॉर्डन और कुवैत में हमलों के दावे

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमले के दौरान एक मिसाइल रक्षा रडार प्रणाली को नष्ट किया और एक सुरक्षित विमान शेल्टर में खड़े एफ-15 लड़ाकू विमान को भी नुकसान पहुंचाया।

एक अलग बयान में आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर अमेरिकी वायु रक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रणालियों को निशाना बनाया। इनमें कथित तौर पर शुरुआती चेतावनी रडार, मिसाइल रक्षा रडार, एएन/एफपीएस-117 रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और उपग्रह संचार प्रणाली शामिल हैं।

आईआरजीसी की चेतावनी

आईआरजीसी ने अपने बयान में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ 'और अधिक निर्णायक एवं विनाशकारी' मिसाइल व ड्रोन हमलों की चेतावनी दी है। संगठन ने अमेरिकी सेना से क्षेत्र छोड़ने की अपील करते हुए कहा कि रडार प्रणालियों को निष्क्रिय करने के बाद आगे के हमले और घातक होंगे।

व्यापक संदर्भ और असर

गौरतलब है कि ये सभी दावे अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं। अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन या कुवैत की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया है। यह क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव की एक और कड़ी है जो खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को प्रभावित कर सकती है। आने वाले दिनों में अमेरिकी और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया इस संघर्ष की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सूचना युद्ध का हिस्सा भी हो सकते हैं। बहरीन में अमेज़न के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने का दावा विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी राज्य-समर्थित बल ने किसी वाणिज्यिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले का सार्वजनिक दावा किया हो — जो वैश्विक साइबर और भौतिक सुरक्षा के लिए एक नई और खतरनाक मिसाल बन सकती है। जब तक अमेरिका, बहरीन या अमेज़न की ओर से कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं आती, इन दावों को सावधानी से लेना आवश्यक है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआरजीसी ने बहरीन में अमेज़न के डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले का दावा क्यों किया?
आईआरजीसी के अनुसार, यह हमला दक्षिणी ईरान में दारखोविन परमाणु केंद्र पर अमेरिकी सैन्य हमले के जवाब में किया गया। संगठन ने इसे अपनी 'जवाबी कार्रवाई' का हिस्सा बताया है।
दारखोविन परमाणु केंद्र क्या है?
दारखोविन दक्षिणी ईरान में निर्माणाधीन एक परमाणु स्थल है। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि यह केंद्र अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी व्यवस्था के तहत था और सोमवार को इस पर अमेरिकी हमला हुआ।
क्या आईआरजीसी के दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित हुए हैं?
नहीं। अब तक अमेरिका, बहरीन, जॉर्डन, कुवैत या अमेज़न की ओर से इन दावों की न तो पुष्टि हुई है और न ही खंडन। ये दावे केवल आईआरजीसी के बयान पर आधारित हैं।
कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर कौन-कौन सी प्रणालियाँ निशाने पर होने का दावा है?
आईआरजीसी ने दावा किया कि कुवैत के अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर शुरुआती चेतावनी रडार, एएन/एफपीएस-117 रडार, पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम और उपग्रह संचार प्रणाली को निशाना बनाया गया।
आईआरजीसी ने आगे के हमलों के बारे में क्या चेतावनी दी है?
आईआरजीसी ने कहा है कि रडार प्रणालियों को निष्क्रिय करने के बाद अब क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर 'और अधिक निर्णायक व विनाशकारी' ड्रोन और मिसाइल हमले किए जाएंगे। संगठन ने अमेरिकी सेना से क्षेत्र छोड़ने की अपील भी की है।
राष्ट्र प्रेस
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