इजरायली सेना प्रमुख जनरल जमिर की चेतावनी: ईरान पर फिर से बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार
सारांश
मुख्य बातें
इजरायली सेना प्रमुख जनरल अयाल जमिर ने 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि इजरायली सेना (IDF) ईरान के खिलाफ जरूरत पड़ने पर तुरंत और बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान यरूशलम में उत्तरी कमान की सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया — ठीक उस समय जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत में कुछ प्रगति की खबरें सामने आ रही थीं।
जनरल जमिर ने क्या कहा
रविवार को उत्तरी कमान की सुरक्षा स्थिति समीक्षा के दौरान जनरल जमिर ने कहा कि इजरायली सेना 'तुरंत और बड़े स्तर पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।' उन्होंने यह भी कहा कि सेना का स्पष्ट लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है। उनके अनुसार, जब तक जरूरत हो, सेना पूरी तैयारी और रणनीतिक लचीलापन बनाए रखेगी।
अमेरिका-ईरान वार्ता की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। गौरतलब है कि यह कूटनीतिक गतिविधि उस क्षेत्रीय तनाव के बीच हो रही है जो ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद से जारी है।
नेतन्याहू और ट्रंप में सहमति
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़े समझौते और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली आगामी वार्ता को लेकर विस्तार से बात की। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों नेताओं की इस बात पर सहमति बनी है कि ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।
नेतन्याहू के अनुसार, इस समझौते में ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को बंद करना और देश में मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री को हटाना अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए। उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के प्रति ट्रंप की 'अटूट प्रतिबद्धता' के लिए उनका आभार भी जताया।
लेबनान मोर्चे पर स्थिति
जनरल जमिर ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायली सेना लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखे हुए है और हर स्तर पर उसे निशाना बना रही है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल में इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बावजूद इजरायली सेना अब तक दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह नहीं हटी है। इजरायल का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर रोजाना हमले कर रहा है।
आगे क्या होगा
इन घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट की बैठक रविवार शाम को होने की संभावना जताई गई थी। क्षेत्र में बढ़ते कूटनीतिक दबाव और सैन्य तैयारी के इस द्वंद्व के बीच, अमेरिका-ईरान वार्ता का अगला दौर इस पूरे संकट की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।