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इजरायली सेना प्रमुख जनरल जमिर की चेतावनी: ईरान पर फिर से बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार

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इजरायली सेना प्रमुख जनरल जमिर की चेतावनी: ईरान पर फिर से बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार

सारांश

इजरायली सेना प्रमुख जनरल जमिर की खुली चेतावनी — ईरान पर बड़ा अभियान कभी भी संभव। साथ ही नेतन्याहू और ट्रंप की सहमति: कोई भी अंतिम ईरान समझौता परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म किए बिना मंजूर नहीं। कूटनीति और सैन्य तैयारी एक साथ चल रही है।

मुख्य बातें

इजरायली सेना प्रमुख जनरल अयाल जमिर ने 25 मई 2026 को कहा कि IDF ईरान के खिलाफ तुरंत और बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।
यह बयान अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट खोलने और संघर्ष विराम पर जारी बातचीत के बीच आया।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और राष्ट्रपति ट्रंप इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के किसी भी अंतिम समझौते में परमाणु संवर्धन केंद्रों को बंद करना और संवर्धित सामग्री हटाना अनिवार्य हो।
नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट कर ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिकी-इजरायली सहयोग का उल्लेख किया।
इजरायली सेना अप्रैल के युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान से नहीं हटी और हिज्बुल्लाह पर रोजाना हमले जारी हैं।

इजरायली सेना प्रमुख जनरल अयाल जमिर ने 25 मई 2026 को स्पष्ट किया कि इजरायली सेना (IDF) ईरान के खिलाफ जरूरत पड़ने पर तुरंत और बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान यरूशलम में उत्तरी कमान की सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया — ठीक उस समय जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत में कुछ प्रगति की खबरें सामने आ रही थीं।

जनरल जमिर ने क्या कहा

रविवार को उत्तरी कमान की सुरक्षा स्थिति समीक्षा के दौरान जनरल जमिर ने कहा कि इजरायली सेना 'तुरंत और बड़े स्तर पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए तैयार है।' उन्होंने यह भी कहा कि सेना का स्पष्ट लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है। उनके अनुसार, जब तक जरूरत हो, सेना पूरी तैयारी और रणनीतिक लचीलापन बनाए रखेगी।

अमेरिका-ईरान वार्ता की पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर बातचीत चल रही है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं। गौरतलब है कि यह कूटनीतिक गतिविधि उस क्षेत्रीय तनाव के बीच हो रही है जो ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद से जारी है।

नेतन्याहू और ट्रंप में सहमति

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने से जुड़े समझौते और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर होने वाली आगामी वार्ता को लेकर विस्तार से बात की। नेतन्याहू ने कहा कि दोनों नेताओं की इस बात पर सहमति बनी है कि ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।

नेतन्याहू के अनुसार, इस समझौते में ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को बंद करना और देश में मौजूद संवर्धित परमाणु सामग्री को हटाना अनिवार्य रूप से शामिल होना चाहिए। उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के प्रति ट्रंप की 'अटूट प्रतिबद्धता' के लिए उनका आभार भी जताया।

लेबनान मोर्चे पर स्थिति

जनरल जमिर ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायली सेना लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखे हुए है और हर स्तर पर उसे निशाना बना रही है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल में इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बावजूद इजरायली सेना अब तक दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह नहीं हटी है। इजरायल का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर रोजाना हमले कर रहा है।

आगे क्या होगा

इन घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट की बैठक रविवार शाम को होने की संभावना जताई गई थी। क्षेत्र में बढ़ते कूटनीतिक दबाव और सैन्य तैयारी के इस द्वंद्व के बीच, अमेरिका-ईरान वार्ता का अगला दौर इस पूरे संकट की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इजरायल ने सैन्य तैयारी का संकेत देकर समझौते की शर्तें कड़ी करवाई हैं। नेतन्याहू-ट्रंप की 'परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म' करने की साझा शर्त व्यवहार में किसी भी मध्यवर्ती समझौते को लगभग असंभव बनाती है। सवाल यह है कि क्या यह कूटनीतिक रणनीति है या वास्तव में क्षेत्र एक नए सैन्य टकराव की दहलीज पर खड़ा है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायली सेना प्रमुख जनरल जमिर ने ईरान को लेकर क्या कहा?
जनरल अयाल जमिर ने 25 मई 2026 को उत्तरी कमान की सुरक्षा समीक्षा के दौरान कहा कि इजरायली सेना ईरान के खिलाफ तुरंत और बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सेना का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है।
नेतन्याहू और ट्रंप की ईरान समझौते पर क्या सहमति बनी?
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर सहमत हैं कि ईरान के साथ किसी भी अंतिम समझौते में उसके परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। इसमें ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्रों को बंद करना और संवर्धित परमाणु सामग्री को देश से हटाना शामिल है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका-ईरान में क्या बातचीत चल रही है?
अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने और संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने पर बातचीत जारी है। हालांकि, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों के बीच अब भी गहरे मतभेद बने हुए हैं।
इजरायल और लेबनान में युद्धविराम के बावजूद सैन्य कार्रवाई क्यों जारी है?
अप्रैल में इजरायल और लेबनान के बीच युद्धविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इजरायली सेना दक्षिणी लेबनान से पूरी तरह नहीं हटी है। इजरायल का कहना है कि वह हिज्बुल्लाह के ठिकानों और लड़ाकों को निशाना बनाकर रोजाना हमले कर रहा है।
ऑपरेशन रोअरिंग लॉयन और एपिक फ्यूरी क्या थे?
ये अमेरिकी और इजरायली सेनाओं द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए सैन्य अभियान थे, जिनका उल्लेख प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक्स पर अपनी पोस्ट में किया। नेतन्याहू के अनुसार, इन अभियानों के दौरान दोनों देशों की सेनाओं ने मिलकर ईरानी खतरे का सामना किया।
राष्ट्र प्रेस
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