9 जुलाई 2026
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नासिक रिंग रोड अलाइनमेंट विवाद: राजस्व मंत्री बावनकुले ने 3 दिनों में जांच का दिया आश्वासन

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नासिक रिंग रोड अलाइनमेंट विवाद: राजस्व मंत्री बावनकुले ने 3 दिनों में जांच का दिया आश्वासन

सारांश

नासिक रिंग रोड के अलाइनमेंट में कथित जानबूझकर बदलाव और भूमि अनियमितताओं के आरोपों के बीच महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बावनकुले ने विधानसभा में 3 दिनों में जांच का वादा किया। किसानों को जबरन अधिग्रहण से राहत और उचित मुआवजे का भरोसा दिलाया गया।

मुख्य बातें

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 9 जुलाई 2026 को विधानसभा में नासिक रिंग रोड अलाइनमेंट विवाद की जांच 3 दिनों के भीतर कराने का आश्वासन दिया।
विधायक विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में कुछ व्यक्तियों ने परियोजना की पूर्व जानकारी से इस क्षेत्र में जमीनें खरीदीं।
यदि जांच में अनियमितता सिद्ध हुई, तो मुख्य सचिव स्तर पर विस्तृत जांच होगी।
नासिक जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद के विरुद्ध लगे आरोपों की भी मुख्य सचिव द्वारा जांच होगी।
सरकार ने किसानों को भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत उचित मुआवजे और जबरन अधिग्रहण न करने का भरोसा दिलाया।

महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि नासिक रिंग रोड के मार्ग परिवर्तन की जांच अगले तीन दिनों के भीतर पूरी की जाएगी। यह घोषणा आगामी कुंभ मेले के लिए निर्माणाधीन इस महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजना में कथित अनियमितताओं को लेकर विधानसभा में उठे तीखे सवालों के जवाब में आई।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव से उठा विवाद

विधायक विजय वडेट्टीवार द्वारा विधानसभा में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के बाद यह पूरा मामला सामने आया। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि नासिक रिंग रोड के संरेखण में जानबूझकर बदलाव किया गया, ताकि बड़े पैमाने पर भूमि संबंधी अनियमितताओं को अंजाम दिया जा सके। उनके अनुसार, परियोजना की रूपरेखा की पूर्व जानकारी रखने वाले कुछ व्यक्तियों ने पिछले तीन वर्षों में इस क्षेत्र में संदिग्ध तरीके से जमीनें खरीदी हैं।

जांच का दायरा और प्रक्रिया

राजस्व मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि तीन दिनों की प्राथमिक जांच में विशेष रूप से यह सत्यापित किया जाएगा कि क्या किसी व्यक्ति ने परियोजना की आंतरिक जानकारी या गुप्त उद्देश्य से इस क्षेत्र में भूमि खरीदी थी। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि अलाइनमेंट को जानबूझकर विशेष हितों के लिए बदला गया, तो मुख्य सचिव स्तर पर विस्तृत जांच कराई जाएगी।

इसके साथ ही, जन प्रतिनिधियों द्वारा नासिक जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का संज्ञान लेते हुए भी मुख्य सचिव द्वारा जांच का आदेश दिया गया है।

हेलमेट प्रकरण पर अधिकारी का बचाव

बावनकुले ने आईएएस अधिकारी दत्ता का जोरदार बचाव किया, जो भूमि माप सर्वेक्षण के दौरान हेलमेट पहने नजर आए थे और जिस पर सवाल उठाए जा रहे थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि उस दिन सर्वेक्षण के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया और केरोसिन की बोतलें लेकर आए, जिससे कानून-व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने केवल आत्मरक्षा के लिए हेलमेट पहना था और इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।

किसानों को आश्वासन

कुंभ मेले के प्रबंधन के लिए रिंग रोड की अनिवार्यता पर जोर देते हुए राजस्व मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि किसी भी किसान की भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'हम किसानों को एक बार फिर विश्वास में लेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। उन्हें भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार उचित मुआवजा मिलेगा। यदि सरकार से अतिरिक्त सहायता की कोई अपेक्षा है, तो उस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।'

आगे की राह

तीन दिनों में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि मामला मुख्य सचिव स्तर की विस्तृत जांच तक पहुंचता है या नहीं। नासिक रिंग रोड परियोजना कुंभ मेले की तैयारियों की दृष्टि से समयसीमा में पूरी होना जरूरी मानी जा रही है, ऐसे में जांच और निर्माण — दोनों की गति पर सरकार की नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह जांच केवल प्रक्रियागत खानापूर्ति बनेगी या पिछले तीन वर्षों की भूमि खरीद के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचेगी। मुख्य सचिव स्तर की जांच की शर्त को 'यदि' से जोड़ना — यानी केवल तब जब प्रारंभिक जांच में अनियमितता मिले — इस प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक रिंग रोड अलाइनमेंट विवाद क्या है?
विधायक विजय वडेट्टीवार ने विधानसभा में आरोप लगाया कि नासिक रिंग रोड के मार्ग में जानबूझकर बदलाव किया गया, ताकि कुछ व्यक्ति परियोजना की पूर्व जानकारी के आधार पर इस क्षेत्र में जमीनें खरीद सकें। यह परियोजना आगामी कुंभ मेले के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का हिस्सा है।
जांच में क्या-क्या जांचा जाएगा?
जांच में यह सत्यापित किया जाएगा कि क्या पिछले तीन वर्षों में किसी ने परियोजना की आंतरिक जानकारी या गुप्त उद्देश्य से इस क्षेत्र में भूमि खरीदी। यदि अनियमितता सिद्ध हुई, तो मुख्य सचिव स्तर पर विस्तृत जांच होगी।
नासिक के किसानों को क्या आश्वासन दिया गया है?
राजस्व मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि किसी भी किसान की भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत उचित मुआवजा दिया जाएगा। सरकार किसानों से पुनः बातचीत करेगी और अतिरिक्त सहायता की मांग पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
IAS अधिकारी दत्ता के हेलमेट पहनने पर विवाद क्यों हुआ?
भूमि माप सर्वेक्षण के दौरान IAS अधिकारी दत्ता को हेलमेट पहने देखा गया था, जिस पर सवाल उठाए गए। राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि उस दिन प्रदर्शनकारियों ने आत्मदाह का प्रयास किया और केरोसिन की बोतलें लाए थे, जिससे अधिकारी ने केवल आत्मरक्षा के लिए हेलमेट पहना था।
नासिक रिंग रोड कुंभ मेले के लिए क्यों जरूरी है?
नासिक रिंग रोड आगामी कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण ढांचागत परियोजना है। मेले के प्रबंधन और यातायात व्यवस्था की दृष्टि से इसे समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता में है।
राष्ट्र प्रेस
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