नेतन्याहू का ऐलान: लेबनान में हिज़बुल्लाह के ठिकानों को नष्ट करने का अभियान जारी रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को घोषणा की कि इज़रायल ने हिज़बुल्लाह के विरुद्ध एक और निर्णायक सफलता अर्जित की है और लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में मौजूद आतंकवादी ढाँचे को खत्म करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इज़रायल किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा।
मुख्य घटनाक्रम
इज़रायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेतन्याहू के हवाले से कहा, 'हमने हिज़बुल्लाह के खिलाफ एक और बड़ी जीत हासिल की है। हमने ब्यूफोर्ट रिज और अली अल-ताहेर रिज पर उसके प्रमुख आतंकवादी गढ़ों को नष्ट कर दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारी नीति स्पष्ट है — लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में मौजूद आतंकवादी ढाँचे को समाप्त करना जारी रहेगा। इज़रायल के लिए किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
नेतन्याहू ने इज़रायल के दुश्मनों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने अब भी सबक नहीं सीखा और दोबारा हमले का विकल्प चुना, तो उन्हें पहले से कहीं अधिक भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभी कुछ काम बाकी है और वह पूरा किया जाएगा।
रोम वार्ता की पृष्ठभूमि
यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने पिछले महीने कहा था कि रोम में हुई ताज़ा वार्ता में इज़रायल और लेबनान के बीच सीमा विवाद और कैदियों की वापसी के मुद्दे पर सकारात्मक प्रगति हुई है। 7 अगस्त को हुई कैबिनेट बैठक में आउन ने बताया था कि रोम वार्ता में युद्धविराम, घरों को ढहाने की कार्रवाई, सीमा और कैदियों की वापसी तथा पायलट क्षेत्रों की पहचान — इन चार प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रोम में तीन दिनों तक चली यह वार्ता जून के अंत में वॉशिंगटन में हुए ढाँचागत समझौते को लागू करने और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। गौरतलब है कि हिज़बुल्लाह इस वार्ता प्रक्रिया का विरोध करता रहा है।
नेतन्याहू की रणनीतिक मंशा
विश्लेषकों के अनुसार, ब्यूफोर्ट रिज और अली अल-ताहेर रिज जैसी रणनीतिक ऊँचाइयों को निशाना बनाना इज़रायल की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत वह लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हिज़बुल्लाह की सैन्य उपस्थिति को कमज़ोर करना चाहता है। यह ऐसे समय में हो रहा है जब इज़रायल और लेबनान के बीच राजनयिक स्तर पर भी संवाद का दौर चल रहा है — जो इस संघर्ष की जटिलता को और रेखांकित करता है।
नेतन्याहू का यह बयान इज़रायली घरेलू राजनीतिक दबाव और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर युद्धविराम की बढ़ती माँग के बीच आया है।
आगे की स्थिति
नेतन्याहू के अनुसार, लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक क्षेत्र में आतंकवादी ढाँचा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। वहीं, रोम वार्ता में हुई प्रगति के आधार पर राष्ट्रपति आउन ने उम्मीद जताई है कि प्रमुख मुद्दों पर जल्द ही व्यावहारिक कदम सामने आएंगे। दोनों पक्षों के रुख में मौजूद यह विरोधाभास आने वाले हफ्तों में क्षेत्रीय स्थिरता की राह को और कठिन बना सकता है।