21 जुलाई 2026
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पीओके में जेएएसी का आंदोलन तेज, 23 जुलाई को मुजफ्फराबाद में बड़े प्रदर्शन का ऐलान

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पीओके में जेएएसी का आंदोलन तेज, 23 जुलाई को मुजफ्फराबाद में बड़े प्रदर्शन का ऐलान

सारांश

पीओके में जेएएसी का आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा — बंद, चक्का जाम और धरने जारी हैं, और 30 से अधिक लोगों की मौत के बाद 23 जुलाई को बड़े प्रदर्शन का ऐलान हुआ है। उस दिन एक 'अहम घोषणा' की बात ने आंदोलन को नई धार दे दी है।

मुख्य बातें

संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने 20 जुलाई को पुष्टि की कि पीओके में स्वैच्छिक बंद और चक्का जाम जारी रहेगा।
23 जुलाई को मीरपुर , मुजफ्फराबाद और पुंछ डिवीजन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का ऐलान; उसी दिन एक 'अहम घोषणा' होगी।
पीओके में जारी अशांति में अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
जेएएसी नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने तीनों डिवीजनों के निवासियों से धरना स्थलों पर पहुँचने की अपील की।
कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर की मध्यस्थता के बाद लंबे मार्च को 21 जुलाई तक स्थगित किया गया था, लेकिन माँगें अब भी लंबित हैं।
जेएएसी ने चेतावनी दी है कि माँगें न मानी गईं तो मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च फिर शुरू होगा।

संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने 20 जुलाई को घोषणा की कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्वैच्छिक बंद और चक्का जाम अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा, और 23 जुलाई को मीरपुर, मुजफ्फराबाद तथा पुंछ डिवीजन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। समिति ने स्पष्ट किया कि बातचीत के दौरान उनकी बुनियादी माँगों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

जेएएसी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, 'हम अपनी मांगों को लागू करने की माँग करते हैं। धैर्य, समझदारी, एकता और आपसी सहयोग के साथ हम अपनी लड़ाई में जरूर सफल होंगे।' कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत की प्रक्रिया में बुनियादी माँगों से कोई पीछे नहीं हटेगा।

जेएएसी की ओर से सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने मीरपुर और मुजफ्फराबाद डिवीजन के लोगों से अपने घरों से निकलकर बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने पुंछ डिवीजन के निवासियों से भी नजदीकी धरना स्थलों पर पहुँचने का आग्रह किया और कहा कि 23 जुलाई को एक 'अहम घोषणा' की जाएगी।

आंदोलन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 14 जुलाई की तय समय-सीमा समाप्त होने के बाद जेएएसी ने मुजफ्फराबाद की ओर लंबे मार्च के लिए हजारों समर्थकों को एकजुट किया था, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। रावलकोट और अन्य प्रदर्शन स्थलों पर इलाके के विभिन्न हिस्सों से काफिले पहुँचे।

बाद में पाकिस्तान के अधिकारियों और जेएएसी नेताओं के बीच बातचीत हुई, जिसमें कथित तौर पर पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल थे। इसके बाद संगठन ने प्रस्तावित लंबे मार्च को 21 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया था, और पाकिस्तान सरकार को माँगें पूरी करने का 'आखिरी मौका' देने की बात कही थी।

अब तक का नुकसान

पीओके में जारी इस अशांति में अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और धरना स्थलों पर प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ रही है।

जेएएसी की चेतावनी

संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसकी माँगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इस सप्ताह मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च फिर से शुरू किया जाएगा। साथ ही, पीओके के विभिन्न हिस्सों में चल रहे धरने भी अनिश्चितकाल तक जारी रहेंगे।

आगे क्या होगा

23 जुलाई का दिन आंदोलन के लिए निर्णायक माना जा रहा है। जेएएसी नेताओं के अनुसार, उस दिन एक महत्वपूर्ण घोषणा की जाएगी जो आंदोलन की अगली दिशा तय करेगी। पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेएएसी कौन है और पीओके में क्यों आंदोलन कर रही है?
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का एक जन-आंदोलन संगठन है जो क्षेत्र के लोगों की बुनियादी माँगों — जैसे सस्ती बिजली, आटा और अन्य आर्थिक अधिकार — को लेकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ आंदोलन चला रहा है। संगठन का कहना है कि सरकार बार-बार वादे करके मुकर जाती है।
23 जुलाई को पीओके में क्या होने वाला है?
23 जुलाई को मीरपुर, मुजफ्फराबाद और पुंछ डिवीजन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। जेएएसी नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी के अनुसार, उस दिन आंदोलन से जुड़ी एक 'अहम घोषणा' भी की जाएगी।
पीओके में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
रिपोर्टों के अनुसार, पीओके में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 30 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। यह आँकड़ा आंदोलन की गंभीरता को रेखांकित करता है।
जेएएसी का मुजफ्फराबाद लंबा मार्च क्यों रोका गया था?
14 जुलाई की समय-सीमा के बाद जेएएसी ने मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च शुरू किया था, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों और जेएएसी नेताओं के बीच बातचीत के बाद इसे 21 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया। कथित तौर पर इस प्रक्रिया में पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल थे।
अगर माँगें नहीं मानी गईं तो जेएएसी क्या करेगी?
जेएएसी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि माँगों पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने की स्थिति में मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च फिर से शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पीओके के विभिन्न हिस्सों में धरने अनिश्चितकाल तक जारी रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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