जैश-ए-मोहम्मद के नेतृत्व में संभावित परिवर्तन, मसूद अजहर के ईद संदेश ने बढ़ाई चर्चाएं

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जैश-ए-मोहम्मद के नेतृत्व में संभावित परिवर्तन, मसूद अजहर के ईद संदेश ने बढ़ाई चर्चाएं

सारांश

जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर ने ईद के मौके पर एक ऑडियो संदेश जारी किया, लेकिन भारतीय एजेंसियों ने उनकी कमजोर स्थिति का संकेत पाया है। क्या संगठन में नेतृत्व परिवर्तन का समय आ गया है?

मुख्य बातें

मसूद अजहर की स्थिति कमजोर है।
जैश-ए-मोहम्मद में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा।
लश्कर-ए-तैयबा की बढ़ती सक्रियता।
परिवार का कोई सदस्य नया प्रमुख बन सकता है।
संगठन को एक मजबूत कमांडर की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर हर साल ईद-उल-फितर से पहले अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए संदेश जारी करते हैं। इस बार भी उन्होंने एक ऑडियो क्लिप साझा की है। लेकिन, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने इस क्लिप में कुछ असामान्य बातें देखी हैं।

उनके अनुसार, अजहर इस बार अपने ईद संदेश में बेहद टूटे हुए दिखाई दिए और भारत के प्रति उनका परंपरागत गुस्सा भी कमज़ोर लगा। एजेंसियों का कहना है कि संगठन के भीतर स्थिति ठीक नहीं है और अजहर की बीमार हालत के कारण कई लोग नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।

कुछ सदस्यों को यह महसूस हो रहा है कि मौजूदा हालात संगठन के लिए किसी भी मददगार नहीं हैं और इससे कई कार्यों में बाधा आ रही है। एक अधिकारी ने कहा, "अगर ध्यान दिया जाए, तो इस बार लश्कर-ए-तैयबा अधिक सक्रिय नजर आ रहा है।" लश्कर के नेता को हमास के सदस्यों के साथ बातचीत करते देखा गया है। दूसरी ओर, जैश-ए-मोहम्मद साफ तौर पर चुप है और बड़े आयोजनों से गायब है, जो संगठन के अंदर खींचतान का संकेत देता है।

हालांकि, यह समझना आवश्यक है कि अजहर को बदलना आसान नहीं होगा, क्योंकि ऐसा करने से कैडर का मनोबल और गिर सकता है। दूसरी तरफ, कई का मानना है कि यदि संगठन के पास एक मजबूत कमांड नहीं होगी, तो यह समाप्त होने लगेगा। वर्तमान में, कोई भी मजबूत नेता नहीं होने के कारण सदस्यों का व्यवहार भी बदल गया है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लॉन्चपैड मौजूद हैं। इस बीच, अधिकारियों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद की तुलना में लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनल सदस्य अधिक सक्रिय दिख रहे हैं।

शुरुआत में ऐसा लगा कि जैश-ए-मोहम्मद यह दिखाने के लिए नाटक कर रहा है कि अजहर बीमार और टूटे हुए हैं, ताकि उन्हें भारतीय सेना के निशाने से बचाया जा सके। लेकिन अब इंटेलिजेंस एजेंसियों ने पुष्टि की है कि अजहर की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और नेतृत्व परिवर्तन के बारे में विचार चल रहा है।

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि संगठन इस बात को लेकर दुविधा में है कि अजहर के परिवार के किसी सदस्य को नया प्रमुख बनाया जाए या किसी ऐसे व्यक्ति को जिसे संचालन का अनुभव हो। अधिकारी का कहना है कि परिवार का कोई सदस्य पहले विकल्प के रूप में होगा। फिर भी, संगठन को एक मजबूत कमांडर की आवश्यकता अवश्य है।

मिलिट्री मामलों के इंचार्ज अब्दुल जब्बार एक संभावित विकल्प हो सकते हैं क्योंकि वह ऑन-ग्राउंड ऑपरेशनों की देखरेख करते हैं, जिसमें लॉजिस्टिक्स और योजना भी शामिल हैं। अजहर के भाई, तल्हा अल सैफ के चुने जाने की संभावना कम है, क्योंकि उसका मुख्य कार्य जैश-ए-मोहम्मद के लिए डिजिटल वॉलेट का प्रबंधन करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा चल रही है। मसूद अजहर की बीमार हालत और संगठन के अन्य सदस्यों की सक्रियता से स्पष्ट होता है कि यह संगठन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मसूद अजहर की हालत गंभीर है?
जी हाँ, भारतीय एजेंसियों का मानना है कि मसूद अजहर की हालत ठीक नहीं है और वह काफी कमजोर लग रहे हैं।
क्या जैश-ए-मोहम्मद में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है?
हां, कई सदस्य संगठन के अंदर नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं।
लश्कर-ए-तैयबा की स्थिति क्या है?
लश्कर-ए-तैयबा इस समय अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है और इसके नेता हमास के सदस्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
क्या अजहर के परिवार का कोई सदस्य नया प्रमुख बन सकता है?
यह संभव है, लेकिन संगठन को एक मजबूत कमांडर की भी आवश्यकता है।
क्या इस स्थिति का प्रभाव जैश-ए-मोहम्मद की गतिविधियों पर पड़ेगा?
हां, यदि नेतृत्व परिवर्तन होता है, तो इससे संगठन की गतिविधियों में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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