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हिरोसाकी कैसल: 1,800 लोगों ने रस्सियों से खींचा 360 टन का 400 साल पुराना जापानी किला

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हिरोसाकी कैसल: 1,800 लोगों ने रस्सियों से खींचा 360 टन का 400 साल पुराना जापानी किला

सारांश

जापान के आओमोरी प्रांत में 1,800 लोगों ने रस्सियों से 360 टन के हिरोसाकी कैसल टावर को खींचा — एक सदी बाद 'हिकिया' तकनीक का यह प्रयोग विरासत संरक्षण की अद्भुत मिसाल है। 8,000 आवेदकों में से चुने गए प्रतिभागियों ने दो दिनों में 2.22 मीटर की दूरी तय की।

मुख्य बातें

जापान के आओमोरी प्रांत में 1,800 लोगों ने रस्सियों से 360 टन वजनी हिरोसाकी कैसल के मुख्य टावर को खींचा।
दो दिनों में टावर को कुल 2.22 मीटर खिसकाया गया — शनिवार को 1.13 मीटर और रविवार को 1.09 मीटर ।
1,800 स्थानों के लिए 8,000 आवेदन आए — उपलब्ध अवसरों से लगभग चार गुना अधिक।
टावर को 2015 में दीवार की मरम्मत के लिए 80 मीटर दूर हटाया गया था; दीवार की मरम्मत दिसंबर 2024 में पूरी हुई।
वर्ष 2025 के अंत तक टावर को मूल स्थान पर वापस लाने का लक्ष्य; पर्यटकों के लिए 2033 तक खुलने की उम्मीद।
हिरोसाकी कैसल जापान के केवल 12 बचे ऐतिहासिक किला-टावरों में शामिल है।

जापान के आओमोरी प्रांत में स्थित हिरोसाकी कैसल के 360 टन वजनी मुख्य टावर को उसकी मूल जगह पर वापस लाने के लिए करीब 1,800 लोगों ने मिलकर रस्सियों के सहारे इसे खींचा। 24-25 अगस्त 2025 के सप्ताहांत के दौरान हुई इस अनूठी कवायद में सदियों पुरानी जापानी 'हिकिया' तकनीक का उपयोग किया गया, जो किसी ऐतिहासिक धरोहर को बिना तोड़े एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की परंपरागत विधि है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रतिभागियों ने 30 मीटर लंबी रस्सियों को थामकर टावर को रेल जैसी पटरी पर धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। शनिवार को टावर को 1.13 मीटर और रविवार को 1.09 मीटर खिसकाया गया — यानी दो दिनों में कुल 2.22 मीटर की दूरी तय हुई। पूरे अभियान के दौरान लोगों की टीमें बारी-बारी से रस्सियाँ खींचती रहीं और उत्साह बनाए रखने के लिए पारंपरिक जापानी नारे लगाए जाते रहे।

इस अभियान में भाग लेने के लिए जनता में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। आयोजकों को 1,800 स्थानों के लिए करीब 8,000 आवेदन प्राप्त हुए — यानी उपलब्ध अवसरों से लगभग चार गुना अधिक। प्रतिभागी न केवल हिरोसाकी शहर से, बल्कि जापान के दूसरे हिस्सों और विदेशों से भी पहुँचे।

'हिकिया' तकनीक: सदियों पुरानी विरासत

'हिकिया' जापान की एक प्राचीन निर्माण तकनीक है जिसमें किसी ऐतिहासिक इमारत को ध्वस्त किए बिना रोलर्स और रेल की सहायता से धीरे-धीरे एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया जाता है। हिरोसाकी कैसल के अधिकारियों के अनुसार, लगभग एक सदी के अंतराल के बाद पहली बार किसी किले को इस विधि से स्थानांतरित किया जा रहा है — जो इस अभियान को ऐतिहासिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण बनाता है।

किले को क्यों हटाया गया था

हिरोसाकी कैसल की पत्थर की दीवार को भूकंप से गंभीर क्षति पहुँची थी। इसकी मरम्मत के लिए 2015 में करीब 360 टन वजनी मुख्य टावर को उसकी मूल जगह से हटाकर लगभग 80 मीटर दूर ले जाया गया था। दीवार की मरम्मत का कार्य दिसंबर 2024 में पूरा हुआ और दीवार के 2,185 पत्थरों को उनकी मूल स्थिति में दोबारा स्थापित किया गया।

आगे की योजना

अगस्त 2025 के अंत तक करीब 4,100 लोगों की सहायता से टावर को हाथों से कुल 5 मीटर तक खींचने की योजना है। इसके बाद शेष करीब 73 मीटर की दूरी मशीनों की मदद से तय की जाएगी। वर्ष 2025 के अंत तक टावर को उसकी मूल जगह पर वापस पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

किले का ऐतिहासिक महत्व

हिरोसाकी कैसल का मूल निर्माण 1611 में हुआ था, जबकि मौजूदा मुख्य टावर 1810 में बनाया गया था। यह जापान में संरक्षित केवल 12 ऐतिहासिक किला-टावरों में शामिल है और उत्तर-पूर्वी तोहोकू क्षेत्र में ऐसा एकमात्र टावर है। मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य पूरा होने के बाद भी पर्यटकों को प्रतीक्षा करनी होगी — संरक्षण कार्य के चलते किले के मुख्य टावर को 2033 तक पर्यटकों के लिए पुनः खोलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 आवेदकों का उत्साह बताता है कि जापानी समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर से कितनी गहरी भावनात्मक जुड़ाव रखता है। यह मॉडल दुनिया के उन देशों के लिए भी प्रेरणादायक है — भारत सहित — जहाँ ऐतिहासिक इमारतें भूकंप या उपेक्षा से जोखिम में हैं। सवाल यह है कि क्या 2033 तक की लंबी समयसीमा में पर्यटन और संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना संभव होगा।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिरोसाकी कैसल का टावर क्यों हटाया गया था?
हिरोसाकी कैसल की पत्थर की दीवार को भूकंप से नुकसान पहुँचा था, जिसकी मरम्मत के लिए 2015 में 360 टन वजनी मुख्य टावर को मूल स्थान से लगभग 80 मीटर दूर ले जाया गया था। दीवार की मरम्मत दिसंबर 2024 में पूरी हुई और 2,185 पत्थरों को उनकी मूल स्थिति में दोबारा लगाया गया।
'हिकिया' तकनीक क्या है?
'हिकिया' जापान की एक प्राचीन परंपरागत तकनीक है जिसमें किसी इमारत को तोड़े बिना रोलर्स और रेल की मदद से धीरे-धीरे एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया जाता है। हिरोसाकी कैसल के अधिकारियों के अनुसार, करीब एक सदी बाद पहली बार किसी किले पर इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
हिरोसाकी कैसल टावर को वापस उसकी जगह पहुँचाने में कितना समय लगेगा?
अगस्त 2025 के अंत तक करीब 4,100 लोगों की मदद से टावर को हाथों से 5 मीटर खींचा जाएगा। इसके बाद शेष करीब 73 मीटर की दूरी मशीनों से तय की जाएगी और वर्ष 2025 के अंत तक टावर को उसकी मूल जगह पर पहुँचाने का लक्ष्य है।
हिरोसाकी कैसल पर्यटकों के लिए कब खुलेगा?
संरक्षण कार्य के चलते हिरोसाकी कैसल के मुख्य टावर को 2033 तक पर्यटकों के लिए पुनः खोलने की उम्मीद है। टावर के मूल स्थान पर वापस आने के बाद भी अंतिम संरक्षण कार्य पूरा होने में समय लगेगा।
हिरोसाकी कैसल का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
हिरोसाकी कैसल का निर्माण 1611 में हुआ था और मौजूदा मुख्य टावर 1810 में बनाया गया था। यह जापान में संरक्षित केवल 12 ऐतिहासिक किला-टावरों में से एक है और उत्तर-पूर्वी तोहोकू क्षेत्र में ऐसा एकमात्र टावर है।
राष्ट्र प्रेस
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