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जेडी वेंस का दावा: अमेरिका-ईरान डील में आगे चलकर शामिल होगा इजरायल

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जेडी वेंस का दावा: अमेरिका-ईरान डील में आगे चलकर शामिल होगा इजरायल

सारांश

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का दावा है कि इजरायल अंततः अमेरिका-ईरान डील में शामिल होगा — लेकिन नेतन्याहू ने इसे सिरे से नकारा। ट्रंप द्वारा नेतन्याहू को 'कठिन शख्स' कहे जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में खटास साफ दिख रही है।

मुख्य बातें

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 16 जून 2025 को कहा कि इजरायल आगे चलकर अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते का हिस्सा बनेगा।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि वे इस एमओयू का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।
अमेरिका और ईरान के नेताओं ने समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं; औपचारिक इन-पर्सन हस्ताक्षर शुक्रवार को अपेक्षित।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में नेतन्याहू को 'बेहद कठिन शख्स' बताया था।
वेंस ने संकेत दिया कि ट्रंप शुक्रवार से पहले ही इस समझौते को सार्वजनिक कर सकते हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 16 जून 2025 को कहा कि इजरायल अंततः अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते का हिस्सा बनेगा — भले ही अभी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से इस समझौते से खुद को अलग कर लिया है। वेंस ने यह बयान एक अमेरिकी मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में दिया।

वेंस का बयान और समझौते पर रुख

अमेरिकी मीडिया चैनल NBC न्यूज़ को दिए साक्षात्कार में वेंस ने कहा, 'जो हम जानते हैं वह यह है कि यह समझौता इजरायल को ज़्यादा सुरक्षित बनाएगा और पूरे क्षेत्र को भी अधिक सुरक्षित करेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी और इजरायली मीडिया में इस समझौते को लेकर बड़े पैमाने पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है।

वेंस ने आगे कहा, 'हम पूरी तरह मानते हैं कि जब इजरायल की जनता को इस समझौते की पूरी जानकारी समझ में आएगी, तो वे इसे मध्य पूर्व में एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देखेंगे, जहाँ शांति और समृद्धि का रास्ता खुलेगा। हमें भरोसा है कि समय के साथ इजरायल भी इससे सहमत होगा।'

नेतन्याहू का इनकार और ट्रंप की आलोचना

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि वे इस एमओयू का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें इसकी पूर्व जानकारी भी नहीं दी गई थी। यह बयान वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच बढ़ते तनाव का संकेत माना जा रहा है।

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक साक्षात्कार में नेतन्याहू को 'बेहद कठिन शख्स' करार दिया था। ट्रंप ने यह भी कहा कि नेतन्याहू को अमेरिका का आभारी होना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी पहल ने क्षेत्र को एक बड़े संकट से बचाया है।

इस पर वेंस ने कहा, 'इजरायल अक्सर एक अच्छा साझेदार है, हमारे हित कई बार मिलते हैं, लेकिन कभी-कभी मुद्दों पर मतभेद भी होते हैं। यह पूरी तरह सामान्य है — चाहे वह यूनाइटेड किंगडम हो या इजरायल, सभी करीबी सहयोगियों के साथ कभी-कभी असहमति होती है।'

समझौते की औपचारिक प्रक्रिया

वेंस के अनुसार, अमेरिका और ईरान के नेताओं ने इस समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। औपचारिक और प्रत्यक्ष (इन-पर्सन) हस्ताक्षर प्रक्रिया शुक्रवार को होने की उम्मीद है। वेंस ने फॉक्स न्यूज़ से बातचीत में यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार से पहले ही इस समझौते को सार्वजनिक करने का फैसला कर सकते हैं।

क्षेत्रीय असर और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और अमेरिका-इजरायल संबंधों में दरारें सार्वजनिक रूप से उभर रही हैं। आलोचकों का कहना है कि इजरायल को विश्वास में लिए बिना किया गया कोई भी क्षेत्रीय समझौता दीर्घकालिक स्थिरता नहीं ला सकता। वेंस के बयान से स्पष्ट है कि वाशिंगटन इजरायल को धीरे-धीरे इस ढाँचे में शामिल करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दबाव की रणनीति ज़्यादा लगती है। नेतन्याहू को विश्वास में लिए बिना किए गए किसी भी क्षेत्रीय समझौते की टिकाऊ नींव संदिग्ध है। ट्रंप का नेतन्याहू को सार्वजनिक रूप से 'कठिन' कहना दशकों पुराने अमेरिका-इजरायल संबंधों की परिपाटी से अलग है और इसे महज बयानबाज़ी मानना भूल होगी। असली सवाल यह है कि क्या वाशिंगटन तेहरान के साथ संबंध सामान्य करने की कोशिश में अपने सबसे पुराने मध्य-पूर्व सहयोगी को हाशिये पर धकेलने को तैयार है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान डील पर इजरायल के बारे में क्या कहा?
वेंस ने कहा कि जब इजरायल की जनता को इस समझौते की पूरी जानकारी होगी, तो वे इसे मध्य पूर्व में शांति और समृद्धि की नई शुरुआत के रूप में देखेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि समय के साथ इजरायल भी इस डील से सहमत होगा।
नेतन्याहू ने अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या रुख अपनाया?
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि वे इस एमओयू का हिस्सा नहीं हैं और उन्हें इसकी पूर्व जानकारी भी नहीं दी गई थी। यह बयान वाशिंगटन और तेल अवीव के बीच बढ़ती दूरी का संकेत है।
अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कब होंगे?
वेंस के अनुसार, अमेरिका और ईरान के नेताओं ने समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर कर दिए हैं। औपचारिक इन-पर्सन हस्ताक्षर शुक्रवार को होने की उम्मीद है, और राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार से पहले ही इसे सार्वजनिक कर सकते हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू को 'कठिन शख्स' क्यों कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में नेतन्याहू को 'बेहद कठिन शख्स' बताया और कहा कि नेतन्याहू को अमेरिका का आभारी होना चाहिए क्योंकि अमेरिकी पहल ने क्षेत्र को बड़े संकट से बचाया। वेंस ने इसे सामान्य सहयोगी मतभेद बताया।
अमेरिका-ईरान डील का मध्य पूर्व पर क्या असर होगा?
कथित तौर पर यह समझौता पूरे क्षेत्र को अधिक सुरक्षित बनाने का दावा करता है। हालाँकि आलोचकों का कहना है कि इजरायल को विश्वास में लिए बिना किया गया कोई भी क्षेत्रीय समझौता दीर्घकालिक स्थिरता की गारंटी नहीं दे सकता।
राष्ट्र प्रेस
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