ईरान की आईएईए निरीक्षकों को अनुमति पर वेंस बोले — परमाणु संकट खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 22 जून 2025 को बर्गेनस्टॉक, स्विट्जरलैंड में पत्रकारों से कहा कि ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को पुनः देश में प्रवेश की अनुमति देने पर सहमति जताई है। वेंस ने इसे ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को स्थायी रूप से समाप्त करने और मध्य पूर्व में तनाव घटाने की दिशा में एक निर्णायक उपलब्धि बताया।
बातचीत के चार मुख्य उद्देश्य
वेंस ने बताया कि अमेरिकी वार्ताकार दल चार स्पष्ट लक्ष्यों के साथ स्विट्जरलैंड पहुँचा था — होर्मुज जलडमरूमध्य को नौवहन के लिए खुला रखना, खाड़ी क्षेत्र में भविष्य के तनाव को नियंत्रित करने के लिए एक संस्थागत तंत्र बनाना, क्षेत्रीय युद्धविराम व्यवस्था को सुदृढ़ करना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तकनीकी वार्ता का एक ढाँचा तैयार करना।
उन्होंने कहा, 'होर्मुज जलडमरूमध्य अभी खुला है और हमने एक ऐसा तंत्र विकसित किया है जिससे भविष्य में कोई भी विवाद बड़े सशस्त्र संघर्ष में न बदले।'
आईएईए वार्ता की समयसीमा
वेंस ने संकेत दिया कि ईरान और आईएईए के बीच तकनीकी बातचीत उसी दिन या सप्ताह के भीतर आरंभ हो सकती है। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि यह कम से कम इस हफ्ते शुरू हो जाएगा। हमें लगता है कि निरीक्षकों और आईएईए के साथ कुछ बातचीत आज से भी शुरू हो सकती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों और हफ्तों में तकनीकी टीमें किसी बड़े समझौते के विवरण पर काम करती रहेंगी।
ट्रंप की टिप्पणियों और ईरानी धमकियों पर वेंस का जवाब
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हाल की कड़ी टिप्पणियों से वार्ता प्रभावित हुई, तो वेंस ने इससे इनकार किया। उन्होंने माना कि ईरानी अधिकारियों की ओर से वार्ता छोड़ने की धमकियों की खबरें आई थीं, लेकिन कहा कि बातचीत रात एक बजे के बाद तक जारी रही। उन्होंने कहा, 'हमने ईरानियों से कहा कि जब आप ऐसी बातें करते हैं जिसे हमारी पीढ़ी की भाषा में 'ट्रैश टॉक' कहा जाता है, तो आप यह उम्मीद नहीं कर सकते कि अमेरिका के राष्ट्रपति जवाब नहीं देंगे।'
गौरतलब है कि यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु तनाव पिछले कई वर्षों में अपने उच्चतम स्तर पर रहा है।
लेबनान और क्षेत्रीय स्थिरता
वेंस ने लेबनान के मुद्दे पर कहा कि इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में बदलने से रोकने के लिए 'बहुत अच्छी प्रगति' हुई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहता है कि इजरायल की सुरक्षा और लेबनान की संप्रभुता — दोनों सुनिश्चित हों। बातचीत के दौरान अमेरिका इजरायल, लेबनान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के साथ निरंतर संपर्क में था।
ईरान की फ्रीज संपत्तियों पर अमेरिका का रुख
वेंस ने ईरान की जब्त संपत्तियों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में ईरान की फ्रीज संपत्तियाँ जारी की जाती हैं, तो अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि उन धनराशियों का उपयोग आम ईरानी नागरिकों की भलाई के लिए हो, न कि किसी आतंकी गतिविधि के वित्तपोषण के लिए।
वेंस ने समग्र वार्ता को एक मजबूत नींव की संज्ञा दी — 'अंतिम समझौता एक घर की तरह है। हमने नींव तैयार कर दी है, लेकिन अभी घर बनना बाकी है।' आने वाले हफ्तों में तकनीकी टीमों की बातचीत यह तय करेगी कि यह नींव किसी ठोस समझौते में तब्दील होती है या नहीं।