कराची जल संकट: धाबेजी पंपिंग स्टेशन पर बिजली गुल, 21 में से 10 यूनिट ठप — लाखों परेशान
सारांश
मुख्य बातें
कराची में पहले से चल रहे गंभीर जल संकट के बीच धाबेजी पंपिंग स्टेशन पर अचानक बिजली आपूर्ति बाधित होने से स्थिति और विकट हो गई है। कराची वॉटर एंड सीवरेज कॉरपोरेशन (KWSC) के अनुसार, के-इलेक्ट्रिक के धाबेजी ग्रिड स्टेशन के एक ट्रांसफॉर्मर में बड़ी तकनीकी खराबी आने से शाम 6:30 बजे आपातकालीन शटडाउन करना पड़ा, जिससे शहर के कई इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। यह संकट लगातार दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
KWSC के आधिकारिक बयान के अनुसार, बिजली बाधित होने के कारण धाबेजी पंपिंग स्टेशन की 21 में से 10 पंपिंग यूनिट्स बंद हो गईं। इससे पूरे शहर की जलापूर्ति प्रणाली पर गंभीर दबाव पड़ा। के-इलेक्ट्रिक ने शुरुआत में बिजली कटौती करीब एक घंटे तक रहने का अनुमान दिया था, लेकिन बयान जारी होने तक बिजली पूरी तरह बहाल होने का कोई निश्चित समय नहीं बताया गया।
KWSC ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है और बिजली जल्द बहाल कराने तथा जलापूर्ति सामान्य करने के लिए के-इलेक्ट्रिक के अधिकारियों के संपर्क में है।
संकट की पृष्ठभूमि
मार्च 2026 से ही कराची में पानी की सप्लाई कई कारणों से बाधित है — इनमें पाइपलाइन फटना, भूमिगत लीकेज, पंपिंग स्टेशनों पर बार-बार बिजली खराबी और मुख्य पाइपलाइनों को नुकसान शामिल हैं। कई इलाकों में हफ्तों से, और कुछ स्थानों पर दो महीने से भी अधिक समय से पानी की आपूर्ति प्रभावित है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े धार्मिक अवसर पर कराचीवासियों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ी हो। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ईद, रमजान और मुहर्रम जैसे महत्वपूर्ण मौकों पर जलापूर्ति संकट KWSC की एक दुखद परंपरा बन चुकी है। इस बार ईद-उल-अजहा के दौरान भी लोगों को धार्मिक स्नान, पशुओं की देखभाल और सफाई जैसे ज़रूरी कार्यों के लिए पानी खरीदना पड़ा।
आम जनता पर असर
जलापूर्ति ठप होने से मजबूर होकर लोग पानी के टैंकरों और निजी सप्लायर्स पर निर्भर हो गए हैं। सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश लोगों को टैंकर मिलने के लिए 7 से 10 दिन तक प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। इसके अलावा, टैंकरों के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं, जिससे कम आय वाले परिवार इन्हें खरीदने में असमर्थ हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
रिपोर्टों के अनुसार, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (MQM-P) के विधायकों ने सिंध विधानसभा में कराची के जल संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और ईद-उल-अजहा से पहले पानी की सप्लाई तुरंत बहाल करने की मांग की। इस दौरान उन्होंने "कराची को पानी दो" के नारे लगाए।
विपक्ष के नेता अली खुर्शीदी ने कहा कि कराची का हर व्यक्ति पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है, जबकि अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि घरों के नलों में पानी नहीं आ रहा और उन्होंने स्वयं दो दिनों तक टैंकर मंगाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
जवाब में सिंध के कानून एवं संसदीय मामलों के मंत्री ज़िया-उल-हसन लांजर ने कहा कि कराची में के-IV परियोजना पर काम जारी है। उन्होंने MQM-P से आग्रह किया कि चूँकि वह केंद्र सरकार का हिस्सा है, इसलिए उसे इस परियोजना को शीघ्र पूरा कराने के लिए केंद्र पर दबाव डालना चाहिए।
KWSC के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अहमद अली ने ईद के दौरान सामान्य जलापूर्ति बनाए रखने की कोशिश का दावा करते हुए जलापूर्ति बाधित होने के लिए के-इलेक्ट्रिक और बार-बार होने वाली बिजली खराबियों को जिम्मेदार ठहराया।
आगे की राह
फिलहाल जलापूर्ति बहाली की कोई निश्चित समयसीमा सामने नहीं आई है। के-IV परियोजना — जो कराची की दीर्घकालिक जल समस्या का स्थायी समाधान मानी जा रही है — अभी भी निर्माणाधीन है। जब तक यह परियोजना पूरी नहीं होती, शहर के करोड़ों निवासी इसी तरह के संकटों के प्रति संवेदनशील बने रहेंगे।