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खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा में पेजेश्कियन की चेतावनी: 'थोपे गए युद्ध' के जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराएगा ईरान

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खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा में पेजेश्कियन की चेतावनी: 'थोपे गए युद्ध' के जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराएगा ईरान

सारांश

खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा महज शोक का अवसर नहीं रही — राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इसे कूटनीतिक मंच में बदल दिया। अमेरिका-इजरायल पर 'थोपे गए युद्ध' का आरोप लगाते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही की चेतावनी दी और चीन-अफगानिस्तान जैसे देशों से संबंध मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

मुख्य बातें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 3 जुलाई 2026 को तेहरान में खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा के दौरान अमेरिका और इजरायल पर बिना उकसावे के हमले का आरोप लगाया।
पेजेश्कियन ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है; जिम्मेदारों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जवाबदेह ठहराया जाएगा।
हमले में सैन्य कमांडर, अधिकारी, वैज्ञानिक और आम नागरिक मारे गए — ऐसा पेजेश्कियन ने विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को बताया।
चीन, नामीबिया, अफगानिस्तान सहित दर्जनों देशों के प्रतिनिधि श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे।
अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में होगा; इससे पहले बगदाद, कर्बला और नजफ में भी कार्यक्रम आयोजित होंगे।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 3 जुलाई 2026 को तेहरान में आयोजित सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा के दौरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान पर थोपे गए इस युद्ध के जिम्मेदारों और उनके समर्थकों को कानूनी एवं कूटनीतिक सभी उपलब्ध रास्तों से जवाबदेह ठहराया जाएगा।

श्रद्धांजलि सभा में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनएस) की रिपोर्टों के अनुसार, चीन, नामीबिया और अफगानिस्तान से आए विशेष प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकों के दौरान पेजेश्कियन ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने बिना किसी उकसावे के ईरान पर हमला किया, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। उन्होंने उन देशों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने इस हमले की सार्वजनिक रूप से निंदा की।

पेजेश्कियन ने इन बैठकों में बताया कि इस हमले में कुछ सैन्य कमांडर, अधिकारी, वैज्ञानिक और आम नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान इस मसले को अंतरराष्ट्रीय मंचों और संस्थाओं में पूरी गंभीरता के साथ उठाएगा।

विदेश नीति में मित्र देशों को प्राथमिकता

राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने यह भी रेखांकित किया कि ईरान, चीन, नामीबिया और अफगानिस्तान जैसे समान सोच रखने वाले देशों के साथ अपने संबंधों को और अधिक मजबूत एवं गहरा बनाना चाहता है। उन्होंने इसे देश की विदेश नीति की एक अहम प्राथमिकता बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पश्चिमी दबाव के बीच नए कूटनीतिक गठजोड़ बनाने की दिशा में सक्रिय है।

श्रद्धांजलि सभा में वैश्विक भागीदारी

तेहरान के इमाम खुमैनी मोसल्ला में आयोजित इस सभा में दुनिया के कई देशों के उच्च अधिकारी और प्रतिनिधि पहुंचे। इंडोनेशिया और अफगानिस्तान के इस्लामी विद्वान और धार्मिक बुद्धिजीवियों के साथ-साथ अहमद शाह मसूद के पुत्र अहमद मसूद भी समारोह में उपस्थित रहे। लेबनान के अमल मूवमेंट का एक प्रतिनिधिमंडल और सीरिया, लेबनान, इराक तथा मोरक्को के रेजिस्टेंस फ्रंट के प्रतिनिधियों ने भी दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके अलावा स्पेन, इक्वाडोर और बोलीविया के सांस्कृतिक कार्यकर्ता भी इस अवसर पर पहुंचे।

अंतिम संस्कार का कार्यक्रम

श्रद्धांजलि सभा शनिवार और रविवार को भी जारी रहेगी, जिस दौरान पार्थिव शरीर को ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद सोमवार को तेहरान में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। आगे की रस्में पवित्र शहर कोम में होंगी, और इसके बाद इराक के बगदाद, कर्बला और नजफ में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंततः 9 जुलाई को मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। गौरतलब है कि खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान के भावी नेतृत्व और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें तेहरान पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ईरान के पास उन मंचों पर वास्तविक प्रभाव है जहाँ वह यह मामला उठाना चाहता है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की वीटो शक्ति और पश्चिमी गठजोड़ को देखते हुए, यह रणनीति घरेलू दर्शकों को संतुष्ट करने तक सीमित रह सकती है। साथ ही, चीन और अफगानिस्तान जैसे देशों के साथ संबंध गहरे करने की प्राथमिकता स्पष्ट संकेत है कि ईरान पश्चिम-विरोधी धुरी को और मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खामेनेई की श्रद्धांजलि सभा में राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने क्या कहा?
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान पर बिना उकसावे के हमला किया गया, जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस 'थोपे गए युद्ध' के जिम्मेदारों को कानूनी और कूटनीतिक सभी रास्तों से जवाबदेह ठहराया जाएगा।
अयातुल्लाह खामेनेई का अंतिम संस्कार कब और कहाँ होगा?
अंतिम संस्कार 9 जुलाई को मशहद में होगा। इससे पहले तेहरान में अंतिम यात्रा, कोम में रस्में और इराक के बगदाद, कर्बला तथा नजफ में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ईरान अमेरिका और इजरायल को किस आधार पर जवाबदेह ठहराना चाहता है?
पेजेश्कियन के अनुसार, हमला संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। ईरान इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों और संस्थाओं में उठाने की योजना बना रहा है ताकि जिम्मेदारों और उनके समर्थकों पर कार्रवाई हो सके।
श्रद्धांजलि सभा में कौन-कौन से देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए?
चीन, नामीबिया, अफगानिस्तान, इंडोनेशिया, लेबनान, सीरिया, इराक, मोरक्को, स्पेन, इक्वाडोर और बोलीविया समेत कई देशों के उच्च अधिकारी और प्रतिनिधि तेहरान पहुंचे। अहमद शाह मसूद के पुत्र अहमद मसूद भी समारोह में उपस्थित रहे।
खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान की विदेश नीति में क्या बदलाव दिख रहा है?
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने संकेत दिया है कि ईरान चीन, नामीबिया और अफगानिस्तान जैसे समान सोच रखने वाले देशों के साथ संबंध और गहरे करेगा। यह पश्चिमी दबाव के बीच वैकल्पिक कूटनीतिक गठजोड़ बनाने की प्राथमिकता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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