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इटली में स्कूलों पर बुर्का-नकाब बैन की तैयारी, PM मेलोनी का बड़ा ऐलान

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इटली में स्कूलों पर बुर्का-नकाब बैन की तैयारी, PM मेलोनी का बड़ा ऐलान

सारांश

इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का-नकाब बैन और विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने का प्रस्ताव रखा है — यह यूरोप की उस व्यापक प्रवृत्ति का नया अध्याय है जहाँ फ्रांस, बेल्जियम, ऑस्ट्रिया समेत आठ से अधिक देश पहले ही इस राह पर चल चुके हैं।

मुख्य बातें

PM जॉर्जिया मेलोनी ने 21 सितंबर 2026 को इटली के स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में रखने की घोषणा की।
सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या पर कानूनी सीमा तय करने और कुछ विदेशी अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की भी योजना बना रही है।
फिलहाल इटली के स्कूलों में विदेशी छात्र कुल नामांकन का लगभग 11.6% हैं; 2010 की एक पुरानी व्यवस्था में 30% की सीमा पहले से है लेकिन पूरी तरह लागू नहीं हुई।
प्रस्ताव को कानून बनने के लिए संसदीय मंजूरी आवश्यक होगी।
फ्रांस (2011), बेल्जियम (2011), ऑस्ट्रिया (2017), डेनमार्क (2018), नीदरलैंड्स (2019), स्विट्जरलैंड (2023) और पुर्तगाल (2026) समेत कई यूरोपीय देशों में पहले से ऐसी पाबंदियाँ लागू हैं।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 21 सितंबर 2026 को घोषणा की कि उनकी सरकार देश के स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखेगी। इसके साथ ही सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या पर कानूनी सीमा तय करने और सांस्कृतिक समस्याओं का सामना कर रहे विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की भी योजना बना रही है।

मेलोनी का ऐलान और उसकी पृष्ठभूमि

मेलोनी ने यह घोषणा रविवार को अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा संगठन के एक कार्यक्रम में की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा सीखनी, संस्कृति को समझना और कानूनों का सम्मान करना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि इन उपायों से जुड़ा प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।

यह प्रस्तावित नियम विशेष रूप से स्कूलों में पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर केंद्रित है। बुर्का और नकाब में चेहरा पूरी तरह ढका रहता है, जबकि हिजाब में सामान्यतः सिर और गर्दन ढके होते हैं और चेहरा खुला रहता है — मेलोनी की घोषणा में केवल बुर्का और नकाब का उल्लेख किया गया है।

विदेशी छात्रों की संख्या पर सीमा

सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या तय करने वाला कानून लाने की तैयारी में है, हालाँकि मेलोनी ने अभी तक कोई सटीक संख्या स्पष्ट नहीं की है। वर्तमान में इटली के स्कूलों में विदेशी नागरिक छात्र कुल नामांकन का लगभग 11.6 प्रतिशत हैं। गौरतलब है कि 2010 की एक प्रशासनिक व्यवस्था में गैर-इतालवी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा पहले से मौजूद है, लेकिन इसका क्रियान्वयन कई स्थानों पर पूरी तरह नहीं हो पाया है।

इटली में पहले से मौजूद कानूनी ढाँचा

चेहरा ढकने का मुद्दा इटली के लिए पूरी तरह नया नहीं है। देश में 1975 का एक कानून सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे हेलमेट या परिधानों से संबंधित है जिनसे व्यक्ति की पहचान मुश्किल हो जाए। हालाँकि अब तक बुर्का या नकाब पर कोई देशव्यापी स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है। मेलोनी सरकार का नया प्रस्ताव स्कूलों तक सीमित है और इसे कानून बनने के लिए संसदीय मंजूरी की आवश्यकता होगी।

यूरोप में पहले से लागू पाबंदियाँ

यूरोप के कई देशों में सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर अलग-अलग स्तर की पाबंदियाँ पहले से लागू हैं। फ्रांस ने अप्रैल 2011 में, बेल्जियम ने 2011 में, और बुल्गारिया ने 2016 से सरकारी, प्रशासनिक व शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे प्रतिबंध लागू किए हैं।

ऑस्ट्रिया में 2017 से सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक है, और सितंबर 2026 से 14 वर्ष तक की छात्राओं के लिए स्कूलों में इस्लामी परंपरा के कुछ परिधानों पर नया प्रतिबंध भी लागू हुआ है। डेनमार्क ने 2018 में, नीदरलैंड्स ने 2019 से आंशिक प्रतिबंध, स्विट्जरलैंड ने 2023 में और पुर्तगाल ने अगस्त 2026 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक लगाने वाला कानून लागू किया।

जर्मनी में पूरे देश के लिए ऐसा कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं है, हालाँकि संघीय कानून कुछ सरकारी कर्मचारियों, न्यायाधीशों और सैन्यकर्मियों पर रोक लगाता है और कई राज्यों में स्कूल व विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग नियम हैं।

यूरोप में नीतियों की विविधता

यूरोप में इस मुद्दे पर नीतियाँ एकरूप नहीं हैं — कहीं पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में चेहरा ढकने पर रोक है, तो कहीं प्रतिबंध केवल स्कूल, अस्पताल, सरकारी संस्थाओं या सार्वजनिक परिवहन तक सीमित है। कुछ देशों में धार्मिक पोशाक को लेकर व्यापक संवैधानिक संरक्षण भी मौजूद है। इटली का यह प्रस्ताव, अगर संसद से पास होता है, तो वह इस महाद्वीपीय प्रवृत्ति में एक और अध्याय जोड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो धर्म, आव्रजन और सार्वजनिक स्थान तीनों को एक साथ निशाने पर लेती है। विडंबना यह है कि इटली में अभी विदेशी छात्र कुल नामांकन का मात्र 11.6% हैं, जबकि 2010 की 30% सीमा ही अधूरी लागू है — नए कानून की व्यावहारिक जरूरत संदिग्ध है। असली सवाल यह है कि क्या संसद इसे पारित करेगी, या यह घोषणा चुनावी संदेश भर है। मुख्यधारा की कवरेज यूरोपीय तुलना पर टिकी है, लेकिन इटली के मुसलमान समुदाय की आवाज़ इस बहस से लगभग गायब है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इटली में बुर्का-नकाब बैन का प्रस्ताव क्या है?
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 21 सितंबर 2026 को घोषणा की कि उनकी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखेगी। यह प्रस्ताव विशेष रूप से शैक्षणिक संस्थानों में पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर केंद्रित है।
क्या इटली में यह बैन कानून बन जाएगा?
अभी यह केवल एक प्रस्ताव है जिसे कानून बनने के लिए इतालवी संसद की मंजूरी लेनी होगी। मेलोनी ने कहा है कि प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा, लेकिन संसदीय प्रक्रिया और मतदान की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
यूरोप के किन देशों में बुर्का या चेहरा ढकने पर पाबंदी है?
फ्रांस और बेल्जियम ने 2011 में, बुल्गारिया ने 2016 में, ऑस्ट्रिया ने 2017 में, डेनमार्क ने 2018 में, नीदरलैंड्स ने 2019 में, स्विट्जरलैंड ने 2023 में और पुर्तगाल ने अगस्त 2026 में सार्वजनिक स्थानों या विशेष संस्थानों में चेहरा ढकने पर पाबंदी लागू की है। जर्मनी में देशव्यापी प्रतिबंध नहीं है, हालाँकि कुछ सरकारी पदों पर रोक है।
इटली के स्कूलों में विदेशी छात्रों की मौजूदा स्थिति क्या है?
इटली के स्कूलों में विदेशी नागरिक छात्र फिलहाल कुल नामांकन का लगभग 11.6 प्रतिशत हैं। 2010 की एक प्रशासनिक व्यवस्था में गैर-इतालवी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा पहले से मौजूद है, लेकिन इसका क्रियान्वयन कई स्थानों पर पूरी तरह नहीं हो पाया है।
मेलोनी के प्रस्ताव में भाषा से जुड़ी शर्त क्या है?
प्रस्ताव के अनुसार जो विदेशी छात्र इतालवी संस्कृति सीखने या समझने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं, उनके अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य किया जाएगा। मेलोनी ने कहा कि इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा सीखनी, संस्कृति को समझना और कानूनों का सम्मान करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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