इटली में स्कूलों पर बुर्का-नकाब बैन की तैयारी, PM मेलोनी का बड़ा ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 21 सितंबर 2026 को घोषणा की कि उनकी सरकार देश के स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखेगी। इसके साथ ही सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की संख्या पर कानूनी सीमा तय करने और सांस्कृतिक समस्याओं का सामना कर रहे विदेशी छात्रों के अभिभावकों के लिए इतालवी भाषा सीखना अनिवार्य करने की भी योजना बना रही है।
मेलोनी का ऐलान और उसकी पृष्ठभूमि
मेलोनी ने यह घोषणा रविवार को अपनी पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के युवा संगठन के एक कार्यक्रम में की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'इटली आने वाले लोगों को देश की भाषा सीखनी, संस्कृति को समझना और कानूनों का सम्मान करना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि इन उपायों से जुड़ा प्रस्ताव जल्द कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
यह प्रस्तावित नियम विशेष रूप से स्कूलों में पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर केंद्रित है। बुर्का और नकाब में चेहरा पूरी तरह ढका रहता है, जबकि हिजाब में सामान्यतः सिर और गर्दन ढके होते हैं और चेहरा खुला रहता है — मेलोनी की घोषणा में केवल बुर्का और नकाब का उल्लेख किया गया है।
विदेशी छात्रों की संख्या पर सीमा
सरकार प्रत्येक कक्षा में विदेशी छात्रों की अधिकतम संख्या तय करने वाला कानून लाने की तैयारी में है, हालाँकि मेलोनी ने अभी तक कोई सटीक संख्या स्पष्ट नहीं की है। वर्तमान में इटली के स्कूलों में विदेशी नागरिक छात्र कुल नामांकन का लगभग 11.6 प्रतिशत हैं। गौरतलब है कि 2010 की एक प्रशासनिक व्यवस्था में गैर-इतालवी छात्रों के लिए 30 प्रतिशत की सीमा पहले से मौजूद है, लेकिन इसका क्रियान्वयन कई स्थानों पर पूरी तरह नहीं हो पाया है।
इटली में पहले से मौजूद कानूनी ढाँचा
चेहरा ढकने का मुद्दा इटली के लिए पूरी तरह नया नहीं है। देश में 1975 का एक कानून सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे हेलमेट या परिधानों से संबंधित है जिनसे व्यक्ति की पहचान मुश्किल हो जाए। हालाँकि अब तक बुर्का या नकाब पर कोई देशव्यापी स्पष्ट प्रतिबंध नहीं है। मेलोनी सरकार का नया प्रस्ताव स्कूलों तक सीमित है और इसे कानून बनने के लिए संसदीय मंजूरी की आवश्यकता होगी।
यूरोप में पहले से लागू पाबंदियाँ
यूरोप के कई देशों में सार्वजनिक स्थानों पर पूरे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर अलग-अलग स्तर की पाबंदियाँ पहले से लागू हैं। फ्रांस ने अप्रैल 2011 में, बेल्जियम ने 2011 में, और बुल्गारिया ने 2016 से सरकारी, प्रशासनिक व शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे प्रतिबंध लागू किए हैं।
ऑस्ट्रिया में 2017 से सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक है, और सितंबर 2026 से 14 वर्ष तक की छात्राओं के लिए स्कूलों में इस्लामी परंपरा के कुछ परिधानों पर नया प्रतिबंध भी लागू हुआ है। डेनमार्क ने 2018 में, नीदरलैंड्स ने 2019 से आंशिक प्रतिबंध, स्विट्जरलैंड ने 2023 में और पुर्तगाल ने अगस्त 2026 में सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने पर रोक लगाने वाला कानून लागू किया।
जर्मनी में पूरे देश के लिए ऐसा कोई सामान्य प्रतिबंध नहीं है, हालाँकि संघीय कानून कुछ सरकारी कर्मचारियों, न्यायाधीशों और सैन्यकर्मियों पर रोक लगाता है और कई राज्यों में स्कूल व विश्वविद्यालयों के लिए अलग-अलग नियम हैं।
यूरोप में नीतियों की विविधता
यूरोप में इस मुद्दे पर नीतियाँ एकरूप नहीं हैं — कहीं पूरे सार्वजनिक क्षेत्र में चेहरा ढकने पर रोक है, तो कहीं प्रतिबंध केवल स्कूल, अस्पताल, सरकारी संस्थाओं या सार्वजनिक परिवहन तक सीमित है। कुछ देशों में धार्मिक पोशाक को लेकर व्यापक संवैधानिक संरक्षण भी मौजूद है। इटली का यह प्रस्ताव, अगर संसद से पास होता है, तो वह इस महाद्वीपीय प्रवृत्ति में एक और अध्याय जोड़ेगा।