क्लाउडिया शेनबौम का स्पष्ट संदेश: मेक्सिको के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम ने 15 सितंबर 2026 को एक बार फिर दृढ़ता से कहा कि उनकी सरकार देश के आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी दखल को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने मेक्सिको सिटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ संबंध पूर्ण सहयोग और समन्वय पर आधारित होने चाहिए, न कि किसी प्रकार की अधीनता पर।
राष्ट्रपति का स्पष्ट रुख
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेनबौम ने उन लोगों की आलोचना की जो, उनके अनुसार, विदेशी हस्तक्षेप का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व अमेरिका के कुछ वर्गों के साथ-साथ मेक्सिको के विपक्षी दलों में भी मौजूद हैं।
शेनबौम ने अपने संबोधन में कहा, 'हम हमेशा इस सिद्धांत का बचाव करेंगे कि किसी तरह का हस्तक्षेप या दखल नहीं होना चाहिए। सिर्फ सहयोग और समन्वय होना चाहिए और वह भी बिना किसी अधीनता के। यही हमारा रुख रहेगा, क्योंकि यह हमारे सिद्धांतों, हमारे इतिहास, हमारी सोच और हमारे संविधान के अनुरूप है।'
जनमत सर्वेक्षण का हवाला
राष्ट्रपति ने एक जनमत सर्वेक्षण का उल्लेख करते हुए बताया कि 91 प्रतिशत मेक्सिकोवासियों ने किसी भी विदेशी हस्तक्षेप का विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसे फायदा होता है जब यह धारणा फैलाने की कोशिश की जाती है कि मेक्सिको की जनता कुछ और सोचती है। शेनबौम ने आरोप लगाया कि अमेरिका के कुछ समूह और दक्षिणपंथी मीडिया संस्थान मेक्सिको के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को बढ़ावा देना चाहते हैं।
2027 का बजट: यथार्थवादी लेकिन चिंताजनक
इस बीच, निजी क्षेत्र के आर्थिक अध्ययन केंद्र (सीईईएसपी) ने सोमवार को अपने साप्ताहिक आर्थिक विश्लेषण में कहा कि मेक्सिको सरकार का 2027 के लिए प्रस्तावित आर्थिक पैकेज पहले की तुलना में अधिक यथार्थवादी आर्थिक तस्वीर प्रस्तुत करता है। सरकार ने आर्थिक विकास के अनुमान घटाए हैं, जिससे ये अनुमान वित्तीय विश्लेषकों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के आकलनों के करीब आ गए हैं।
सीईईएसपी ने कहा, 'मैक्रोइकोनॉमिक फ्रेमवर्क के आंकड़ों में किया गया यह बदलाव ज्यादा वास्तविक स्थिति को दर्शाता है।' हालाँकि, संगठन ने यह भी चेतावनी दी कि बजट में अभी भी कुछ अनुमान अत्यधिक आशावादी हो सकते हैं और सार्वजनिक कर्ज को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं।
वित्तीय अनुशासन की राह
मेक्सिको सरकार कई वर्षों से वित्तीय अनुशासन की नीति पर काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य बजट घाटे को धीरे-धीरे कम करना और सार्वजनिक कर्ज को स्थिर रखना है, ताकि सरकारी खर्चों के लिए लगातार बढ़ते कर्ज पर निर्भरता न बढ़े। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-मेक्सिको के द्विपक्षीय संबंधों पर कूटनीतिक दबाव पहले से ही बना हुआ है।
आगे क्या
शेनबौम की यह टिप्पणी मेक्सिको की संप्रभुता पर उनकी सरकार के सुसंगत रुख को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में अमेरिका-मेक्सिको संबंध इस मुद्दे पर और परीक्षण से गुजर सकते हैं, विशेष रूप से सीमा सुरक्षा और व्यापार नीति को लेकर।