नानछांग में आयोजित हुआ पांचवां राष्ट्रीय पठन सम्मेलन, 2026 के पठन सप्ताह की हुई घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
बीजिंग, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और सीपीसी केंद्रीय समिति के प्रचार विभाग के प्रमुख ली शुलेई ने सोमवार को चीन के च्यांगशी प्रांत के नानछांग में आयोजित पांचवें राष्ट्रीय पठन सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने इस अवसर पर 2026 के 'राष्ट्रीय पठन सप्ताह' के शुभारंभ की घोषणा की।
सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग पठन को अत्यधिक महत्व देते हैं और उसके प्रति समर्थन प्रदान करते हैं। इस दृष्टिकोण ने राष्ट्रीय पठन को राष्ट्रीय रणनीति और राष्ट्रीय इच्छाशक्ति के स्तर तक पहुंचाया है, जिससे राष्ट्रीय पठन को विकसित करने के लिए अद्वितीय अवसर प्राप्त हुए हैं। शी चिनफिंग के सांस्कृतिक विचारों का गहन अध्ययन और अभ्यास करना, राष्ट्रीय पठन को आगे बढ़ाना, पुस्तक-प्रेमी समाज का निर्माण करना और चीनी राष्ट्र के महान पुनरुत्थान के लिए आध्यात्मिक शक्ति को बढ़ाना आवश्यक है।
उपस्थित व्यक्तियों ने यह भी कहा कि पठन सांस्कृतिक निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। एक सशक्त सांस्कृतिक राष्ट्र की स्थापना में राष्ट्रीय पठन की महत्वपूर्ण भूमिका को समझना चाहिए और पूरे देश में सांस्कृतिक नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना चाहिए। पढ़ने के प्रति प्रेम का एक सशक्त सामाजिक वातावरण विकसित किया जाना चाहिए, ताकि लोग आजीवन पढ़ने की आदत विकसित कर सकें और उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके। राष्ट्रीय पठन गतिविधियों को निरंतर और गहनता से संचालित किया जाना चाहिए, और 'पुस्तकों की सुगंध से भरा चीन' अभियान को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही, राष्ट्रीय पठन सुविधाओं के निर्माण और प्रबंधन में सुधार करना भी आवश्यक है। राष्ट्रीय पठन प्रोत्साहन कार्यों के संस्थागतकरण और वैधीकरण को बढ़ावा देने के लिए 'राष्ट्रीय पठन प्रोत्साहन विनियम' को लागू करना चाहिए, जिससे पढ़ने के प्रति प्रेम, अच्छी पुस्तकें पढ़ने और प्रभावी ढंग से पढ़ने का एक मजबूत वातावरण निर्मित हो सके।
इस वर्ष का 'राष्ट्रीय पठन सप्ताह' 20 से 26 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 'राष्ट्रीय पठन को बढ़ावा देना और पुस्तक-प्रेमी समाज का निर्माण' विषय पर कई गतिविधियाँ शामिल होंगी। इनका मुख्य उद्देश्य समाज में पढ़ने के प्रति उत्साह जगाना और पुस्तक-प्रेमी समाज का निर्माण करना है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)