नेपाल में राजदूत नियुक्ति के लिए पहली बार खुली प्रतियोगिता, 5 जून तक करें आवेदन
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार, 28 मई 2026 को विभिन्न देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में नेपाल के राजदूत तथा स्थायी प्रतिनिधियों की नियुक्ति के लिए योग्य नेपाली नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह नेपाल के इतिहास में पहला अवसर है जब राजदूत पदों के लिए खुली प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इच्छुक उम्मीदवारों को 5 जून 2026 तक अपने आवेदन जमा करने होंगे।
ऐतिहासिक बदलाव: क्यों है यह कदम अहम
नेपाल में दशकों से राजदूत नियुक्तियाँ राजनीतिक निष्ठा और सत्तारूढ़ दलों के बीच पावर-शेयरिंग व्यवस्था के आधार पर होती रही हैं, जिसकी व्यापक आलोचना होती रही है। परंपरागत रूप से ये पद राजनीतिक नामांकित व्यक्तियों और विदेश सेवा के करियर राजनयिकों के बीच बराबर बाँटे जाते थे। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार ने इस परंपरा को तोड़ते हुए योग्यता-आधारित प्रतिस्पर्धी चयन की शुरुआत की है।
किन देशों के लिए हैं पद — और क्यों हटाई गई सूची
सूत्रों के अनुसार, पहले जिन देशों के लिए आवेदन माँगे जाने की बात सामने आई थी, उनमें भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इज़राइल, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रिया, बहरीन, बांग्लादेश, मलेशिया, ओमान और सऊदी अरब के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय संगठन शामिल थे। हालाँकि, मंत्रालय ने वह वेबपेज हटा दिया है जिसमें देशवार पोस्टिंग की जानकारी दी गई थी। मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन-किन देशों के लिए आवेदन स्वीकार किए जा रहे हैं।
पात्रता मानदंड और योग्यताएँ
28 मई को प्रकाशित 'नेपाल के राजदूत के लिए कार्यक्षेत्र की शर्तें (टीओआर)' के अनुसार, आवेदक की न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए और उनके पास कम से कम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। नेपाल की विदेश नीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध या कूटनीति का ज्ञान अथवा अनुभव अनिवार्य है। अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति विज्ञान, कानून, अर्थशास्त्र या लोक प्रशासन में परास्नातक (मास्टर्स या उससे ऊपर) डिग्री को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, कूटनीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार या बहुपक्षीय वार्ता में विशेष प्रशिक्षण; नेपाल की विदेश नीति से संबंधित शोध या अकादमिक योगदान; और राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वरिष्ठ सरकारी, राजनयिक, कॉर्पोरेट या गैर-सरकारी भूमिकाओं में नेतृत्व अनुभव को अतिरिक्त लाभ माना जाएगा। उम्मीदवारों के पास किसी अन्य देश की स्थायी या अस्थायी रेजिडेंसी नहीं होनी चाहिए और वे भ्रष्टाचार या अनैतिक आचरण के दोषी नहीं होने चाहिए। साथ ही, वे किसी विदेशी या अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषित गैर-सरकारी संगठन में कार्यरत नहीं होने चाहिए।
राजदूतों की जिम्मेदारियाँ और कार्यकाल
टीओआर के अनुसार, नियुक्त राजदूत मेजबान देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन में नेपाल के सर्वोच्च राजनयिक प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में नेपाल के राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाना, विदेशी निवेश और व्यापार को सुगम बनाना, विदेश में रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा करना और उनसे संपर्क मजबूत करना शामिल है। टीओआर में आर्थिक कूटनीति, पर्यटन संवर्धन, जलवायु कूटनीति और सार्वजनिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया गया है। राजदूतों का कार्यकाल चार वर्ष निर्धारित किया गया है, हालाँकि सरकार आवश्यकता पड़ने पर कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व भी वापस बुला सकती है।
आगे की प्रक्रिया
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नियुक्तियाँ राजदूत नियुक्ति दिशानिर्देश, 2018 के प्रावधानों के अनुसार की जाएंगी। अंग्रेजी भाषा पर दक्षता, वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस की समझ और कूटनयिक प्रक्रियाओं का ज्ञान भी आवश्यक माना गया है। यह प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया नेपाल की विदेश नीति संचालन में पारदर्शिता और व्यावसायिकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।