30 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ और भूस्खलन: 675 शव बरामद, 2,498 लापता; भारत ने भेजी 11 टन की चौथी राहत उड़ान

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नेपाल बाढ़ और भूस्खलन: 675 शव बरामद, 2,498 लापता; भारत ने भेजी 11 टन की चौथी राहत उड़ान

सारांश

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की तबाही थमने का नाम नहीं ले रही — 675 शव बरामद, 2,498 अभी भी लापता और 753 पर्यटक संपर्क से बाहर। भारत ने चौथी राहत उड़ान से 11 टन सामग्री, फोरेंसिक और सुरंग विशेषज्ञ भेजे; कुल हवाई सहायता 68.5 टन पहुँची।

मुख्य बातें

NDRRMA के अनुसार नेपाल बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 675 शव बरामद, 2,498 लोग लापता।
753 पर्यटक — जिनमें 589 विदेशी नागरिक — शनिवार शाम तक संपर्क से बाहर।
जयशंकर ने भारत की चौथी राहत उड़ान की पुष्टि की, जिसमें 11 टन सामग्री, सुरंग विशेषज्ञ और फोरेंसिक टीम शामिल।
भारत की ओर से अब तक 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुँचाई जा चुकी है।
230 फुट मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँचे; 7 बेली ब्रिज के उपकरण भी जल्द भेजे जाएँगे।
भोटेकोसी नदी में अचानक बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान।

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही में नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2,498 लोग अभी भी लापता हैं। भोटेकोसी नदी में अचानक आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में व्यापक तबाही मचाई है, जलविद्युत परियोजनाओं, सड़कों और पुलों को भारी नुकसान पहुँचाया है।

लापता पर्यटकों की स्थिति

नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत पर्यटन विभाग के अनुसार, शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम 5:30 बजे तक 753 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया था, जिनमें 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने आपात सूचना जारी कर विभिन्न संगठनों और आम नागरिकों से प्रभावित जिलों के पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री दान करने की अपील की है।

भारत की राहत कार्रवाई

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को जानकारी दी कि भारत ने नेपाल के लिए राहत सहायता की चौथी उड़ान रवाना कर दी है। भारतीय वायुसेना के सी-130 विमान के ज़रिए 11 टन अतिरिक्त राहत सामग्री भेजी गई है। एक्स पर अपनी पोस्ट में जयशंकर ने लिखा, 'भारत से 11 टन सहायता लेकर चौथी उड़ान अब रवाना हो चुकी है। सी-130 विमान में खोज एवं बचाव कार्यों के लिए सुरंग विशेषज्ञों की तकनीकी टीम और आवश्यक उपकरण भेजे जा रहे हैं। साथ ही डीएनए जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और फोरेंसिक उपकरण भी भेजे गए हैं। इसके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट जैसी राहत सामग्री भी भेजी गई है।'

पुल और बुनियादी ढाँचा पुनर्निर्माण

जयशंकर के अनुसार, 230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के निर्माण के लिए आवश्यक उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। इसके अतिरिक्त सात बेली ब्रिज लगाने के लिए जरूरी उपकरण और तकनीकी टीमें भी शीघ्र नेपाल पहुँचेंगी। यह कदम बाढ़ में बह गए पुलों और क्षतिग्रस्त सड़क संपर्क को बहाल करने की दिशा में अहम है।

अब तक की कुल भारतीय सहायता

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, अब तक भारत की ओर से 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुँचाई जा चुकी है। इसमें जरूरी दवाइयाँ, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियाँ और अन्य तकनीकी उपकरण शामिल हैं। इससे पहले बुधवार को भारतीय वायुसेना का सी-130जे हरक्यूलिस विमान 10 टन आपात राहत सामग्री — जिसमें अस्थायी आश्रय, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और दवाइयाँ शामिल थीं — लेकर नेपाल पहुँचा था।

आगे की राह

यह आपदा ऐसे समय में आई है जब नेपाल पहले से ही मानसून की चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि भोटेकोसी जैसी नदियाँ ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के लिहाज से संवेदनशील मानी जाती हैं। जयशंकर ने स्पष्ट किया, 'नेपाल के राहत और बचाव प्रयासों में हमारा सहयोग लगातार जारी है।' बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश में फोरेंसिक टीमें भी अब मैदान में उतरेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

498 लापता लोगों का आँकड़ा बताता है कि यह आपदा अभी भी अपने सबसे गहरे दौर में है — मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। भारत की त्वरित और बहु-आयामी प्रतिक्रिया — फोरेंसिक टीम से लेकर मॉड्यूलर ब्रिज तक — कूटनीतिक संदेश भी है: 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति को ज़मीन पर उतारने का प्रयास। लेकिन असली सवाल यह है कि भोटेकोसी जैसी GLOF-संवेदनशील नदियों पर दीर्घकालिक पूर्व-चेतावनी तंत्र कब बनेगा, क्योंकि यह इस दशक में इस क्षेत्र की कम-से-कम तीसरी बड़ी बाढ़ आपदा है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ और भूस्खलन में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
NDRRMA के अनुसार अब तक 675 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 2,498 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान जारी है, इसलिए आँकड़े बदल सकते हैं।
नेपाल में कितने पर्यटक लापता हैं और उनमें कितने विदेशी हैं?
पर्यटन विभाग के अनुसार शनिवार शाम 5:30 बजे तक 753 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया था, जिनमें 589 विदेशी नागरिक शामिल हैं। प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान जारी है।
भारत ने नेपाल को कितनी राहत सहायता भेजी है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक 68.5 टन राहत सामग्री हवाई मार्ग से काठमांडू पहुँचाई जा चुकी है। इसमें दवाइयाँ, पोर्टेबल जनरेटर, खाद्य पैकेट, पानी शुद्ध करने की गोलियाँ, कंबल, फोरेंसिक उपकरण और सुरंग विशेषज्ञ शामिल हैं।
भारत नेपाल में पुलों के पुनर्निर्माण में कैसे मदद कर रहा है?
230 फुट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के लिए उपकरण लेकर 16 ट्रक नेपाल पहुँच चुके हैं। इसके अलावा सात बेली ब्रिज लगाने के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीकी टीमें भी शीघ्र भेजी जाएँगी।
नेपाल में बाढ़ सबसे ज़्यादा किन जिलों में आई है?
भोटेकोसी नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। काठमांडू जिला प्रशासन ने इन्हीं जिलों के पीड़ितों के लिए राहत सामग्री दान करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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