28 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़: जयशंकर ने काठमांडू-बीजिंग दूतावासों संग की बैठक, 47.5 टन राहत सामग्री भेजी

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नेपाल बाढ़: जयशंकर ने काठमांडू-बीजिंग दूतावासों संग की बैठक, 47.5 टन राहत सामग्री भेजी

सारांश

नेपाल में भोटे कोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने 469 जानें लीं और 977 लोगों का संपर्क टूटा — जिनमें 290 भारतीय हैं। भारत ने 47.5 टन राहत सामग्री दो विमानों से भेजी और बेली ब्रिज की आपूर्ति भी की जा रही है। विदेश मंत्री जयशंकर ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 28 अगस्त को MEA अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग दूतावासों के साथ नेपाल राहत अभियान पर बैठक की।
भारत ने दो विमानों — C-130J और C-17 — के ज़रिए नेपाल को कुल 47.5 टन आपातकालीन सामग्री भेजी।
NDRRMA के अनुसार नेपाल बाढ़ में अब तक 469 मौतें , 977 लोग संपर्क से बाहर और 73 घायल ।
संपर्क से बाहर लोगों में 290 भारतीय , लगभग 100 चीनी और लगभग 90 अमेरिकी नागरिक शामिल।
भारत राहत सामग्री के अलावा बेली ब्रिज भी नेपाल भेज रहा है; और अधिक सहायता पर विचार जारी।
बाढ़ का कारण भोटे कोशी नदी के ऊपरी हिस्से में हिमस्खलन बताया जा रहा है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार, 28 अगस्त को विदेश मंत्रालय (MEA) के वरिष्ठ अधिकारियों तथा काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें नेपाल में भोटे कोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ के बाद चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों की समीक्षा की गई। बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी और MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल भी उपस्थित रहे।

बैठक में क्या हुआ

बैठक के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, 'नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। काठमांडू और बीजिंग में हमारे दूतावासों ने भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सलामती के बारे में ताज़ा जानकारी दी। MEA के संबंधित विभागों ने नेपाल भेजे जाने वाले अतिरिक्त राहत सामग्री के बारे में बताया। हम इस मुद्दे को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देते हैं।'

MEA प्रवक्ता जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य को गति देने के लिए बेली ब्रिज भी भेज रहा है।

भारत ने भेजी 47.5 टन राहत सामग्री

जायसवाल ने बताया कि भारत ने दो विमानों के ज़रिए नेपाल को कुल 47.5 टन आपातकालीन सहायता सामग्री भेजी है। पहला C-130J विमान बुधवार रात लगभग 8:30 बजे IST 10 टन सामग्री लेकर रवाना हुआ, जिसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाएं शामिल थीं।

गुरुवार सुबह दूसरा C-17 विमान 37.5 टन सामान लेकर रवाना हुआ — इसमें 28.5 टन राहत सामग्री (टेंट, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप, वॉटर पंप, किचन सेट, जेनसेट), 8 टन दवाएं और 1 टन खाद्य सामग्री शामिल थी। जायसवाल ने कहा कि अतिरिक्त सहायता भेजने पर भी विचार किया जा रहा है।

आपदा की भयावहता: 469 मौतें, 977 लापता

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अनुसार, अलग-अलग ज़िलों से अब तक 469 शव बरामद किए जा चुके हैं। सर्वाधिक 178 शव चितवन ज़िले से मिले हैं, इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, तनहुन में 28, नवलपरासी वेस्ट में 27, धाडिंग में 23 और रसुवा में 12 शव मिले हैं।

कम से कम 73 लोग घायल हुए हैं — रसुवा में 43, नुवाकोट में 27 और धाडिंग में 3977 लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

भारतीयों सहित विदेशी नागरिक लापता

MEA ने गुरुवार रात बताया कि बाढ़ के बाद 290 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने कहा कि लगभग 90 अमेरिकी नागरिक प्रभावित हो सकते हैं, जबकि चीन ने बताया कि नेपाली क्षेत्र में लगभग 100 चीनी नागरिक लापता हैं।

लापता लोगों में विदेश में रहने वाले 127 नेपाली, नेपाल पुलिस के 28 जवान, नेपाल सेना के 45 जवान, सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान, कस्टम कार्यालय के 15 कर्मचारी और आव्रजन कार्यालय के 4 कर्मचारी भी शामिल हैं।

बाढ़ का कारण और बुनियादी ढाँचे पर असर

माना जा रहा है कि नेपाल और चीन के बीच बहने वाली भोटे कोशी नदी के ऊपरी हिस्से में हिमस्खलन के कारण यह बाढ़ आई। इस तबाही में नदी के निचले इलाकों की कई बस्तियाँ, सड़कें, पनबिजली परियोजनाएं और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर बह गए। गौरतलब है कि यह क्षेत्र पहले भी हिमनद झील विस्फोट (GLOF) की घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। आने वाले दिनों में भारत की ओर से और सहायता तथा बेली ब्रिज की आपूर्ति अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब चीन भी नेपाल में अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है। असली परीक्षा यह है कि 290 लापता भारतीय नागरिकों तक पहुँचने में दूतावास कितना समय लेते हैं — यह संख्या अभी भी बड़ी है। भोटे कोशी जैसी हिमनद नदियों पर बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के जोखिम की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों में निवेश से पहले आपदा-प्रबंधन ढाँचा मज़बूत होना चाहिए।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
NDRRMA के अनुसार, भोटे कोशी नदी की बाढ़ से नेपाल के विभिन्न ज़िलों में अब तक 469 शव बरामद किए गए हैं और 977 लोग संपर्क से बाहर हैं। सबसे अधिक 178 मौतें चितवन ज़िले में दर्ज की गई हैं।
भारत ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए क्या भेजा है?
भारत ने दो सैन्य विमानों — C-130J और C-17 — के ज़रिए कुल 47.5 टन आपातकालीन सामग्री भेजी है, जिसमें टेंट, कंबल, दवाएं, वॉटर पंप, जेनसेट और खाद्य सामग्री शामिल हैं। इसके अलावा बेली ब्रिज भी भेजा जा रहा है और अतिरिक्त सहायता पर विचार जारी है।
नेपाल बाढ़ में कितने भारतीय नागरिक लापता हैं?
MEA ने बताया कि भोटे कोशी नदी की बाढ़ के बाद 290 भारतीय नागरिक अभी भी संपर्क से बाहर हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग दूतावासों से इन नागरिकों की स्थिति की ताज़ा जानकारी ली है।
नेपाल में यह बाढ़ क्यों आई?
कथित तौर पर नेपाल और चीन के बीच बहने वाली भोटे कोशी नदी के ऊपरी हिस्से में हिमस्खलन के कारण यह बाढ़ आई। इस आपदा ने नदी के निचले इलाकों में बस्तियों, सड़कों, पनबिजली परियोजनाओं और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुँचाया है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने नेपाल बाढ़ पर क्या कहा?
जयशंकर ने कहा कि भारत इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों ने भारतीय नागरिकों की स्थिति की ताज़ा जानकारी दी और MEA के विभागों ने अतिरिक्त राहत सामग्री भेजने की तैयारी की जानकारी साझा की।
राष्ट्र प्रेस
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