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बाढ़ से 12 जलविद्युत परियोजनाएँ क्षतिग्रस्त, फिर भी नेपाल ने भारत को बिजली बेचकर कमाए ₹5.93 अरब NPR

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बाढ़ से 12 जलविद्युत परियोजनाएँ क्षतिग्रस्त, फिर भी नेपाल ने भारत को बिजली बेचकर कमाए ₹5.93 अरब NPR

सारांश

बाढ़ से 12 जलविद्युत परियोजनाएँ तबाह होने के बावजूद नेपाल ने भारत को बिजली बेचकर आश्विन माह में 5.93 अरब NPR कमाए — पिछले साल से 962 मिलियन NPR अधिक। वैकल्पिक संयंत्रों की मंजूरी और कुल 1,179 MW निर्यात क्षमता के साथ, नेपाल दक्षिण एशिया के ऊर्जा मानचित्र पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

मुख्य बातें

नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) ने आश्विन माह (मध्य सितंबर–मध्य अक्टूबर) में भारत को 633.99 मिलियन यूनिट बिजली निर्यात कर 5.93 अरब NPR कमाए।
यह कमाई पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने की तुलना में 962 मिलियन NPR अधिक है।
चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में कुल बिजली निर्यात आय 16.15 अरब NPR रही।
26 अगस्त 2026 की बाढ़ से 12 जलविद्युत परियोजनाएँ क्षतिग्रस्त हुईं — जिनमें 7 चालू और 3 निर्यात-अधिकृत परियोजनाएँ शामिल थीं।
भारत के CEA की मंजूरी के बाद सोलु, काबेली-1 और लोअर मोदी परियोजनाओं से बिजली निर्यात शुरू; कुल निर्यात क्षमता बढ़कर 1,179 MW हुई।
नेपाल-भारत-बांग्लादेश त्रिपक्षीय समझौते के तहत बांग्लादेश को 40 MW बिजली आपूर्ति भी फिर से शुरू।

नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के आँकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के तीसरे महीने 'आश्विन' (मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर) में नेपाल ने भारत को बिजली निर्यात करके 5.93 अरब नेपाली रुपये (NPR) की कमाई की — जो पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने से 962 मिलियन NPR अधिक है। यह उपलब्धि इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ ने देश की 12 जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया था।

निर्यात आय का विस्तृत विवरण

NEA के आँकड़ों के अनुसार, 'आश्विन' महीने में नेपाल ने भारत को 633.99 मिलियन यूनिट बिजली का निर्यात किया। तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के इसी महीने में यह कमाई 4.96 अरब NPR थी। चालू वित्त वर्ष के दूसरे महीने 'भाद्र' (मध्य अगस्त से मध्य सितंबर) में NEA ने 5.09 अरब NPR की कमाई की थी, यानी 'आश्विन' में 832.5 मिलियन NPR की और वृद्धि दर्ज की गई।

चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों (मध्य जुलाई से मध्य अक्टूबर) को मिलाकर देखें तो नेपाल ने कुल 16.15 अरब NPR मूल्य की बिजली का निर्यात किया है।

बाढ़ से हुआ नुकसान और उसका प्रभाव

विश्व बैंक द्वारा इस महीने की शुरुआत में जारी 'नेपाल डेवलपमेंट अपडेट' के अनुसार, 26 अगस्त की बाढ़ से 12 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुँचा — जिनमें चालू और निर्माणाधीन दोनों तरह की परियोजनाएँ शामिल हैं। इनमें से सात चालू परियोजनाएँ थीं, जिनमें से तीन को भारत और बांग्लादेश को बिजली निर्यात करने की मंजूरी प्राप्त थी।

रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी में भी बाढ़ आ गई, जिससे त्रिशूली और चिलिमे जलविद्युत संयंत्र क्षतिग्रस्त हो गए — ये दोनों बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति के लिए अधिकृत थे। इस नुकसान का असर हरियाणा को होने वाले बिजली निर्यात पर भी आंशिक रूप से पड़ा।

त्रिपक्षीय व्यवस्था और बांग्लादेश को आपूर्ति की बहाली

नेपाल, भारत और बांग्लादेश के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते के तहत नेपाल, भारत के ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से बांग्लादेश को 40 मेगावाट (MW) तक बिजली निर्यात कर सकता है। भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) द्वारा वैकल्पिक स्रोतों से बिजली निर्यात को मंजूरी मिलने के बाद, नेपाल ने बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति फिर से शुरू कर दी। संशोधित व्यवस्था के तहत अब सोलु, काबेली-1 और लोअर मोदी जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली को बांग्लादेश और हरियाणा निर्यात करने की मंजूरी दी गई है, जिसने त्रिशूली, देवीघाट और चिलीमे संयंत्रों की जगह ली है।

NEA प्रमुख का बयान और निर्यात क्षमता विस्तार

NEA के प्रबंध निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने कहा, 'आश्विन महीने में भारत को निर्यात की गई बिजली का लगभग दो-तिहाई हिस्सा द्विपक्षीय समझौतों के तहत बेचा गया था, जबकि शेष का व्यापार एनर्जी एक्सचेंज के ज़रिए हुआ।' उन्होंने यह भी कहा, 'बिजली निर्यात फिर से शुरू होने से नेपाल को अपने मौसमी बिजली अधिशेष को प्रबंधित करने और सीमा-पार बिजली व्यापार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।'

गौरतलब है कि NEA, द्विपक्षीय बिजली खरीद समझौतों के तहत भारत के हरियाणा और बिहार राज्यों को बिजली बेचता है, और बची हुई अतिरिक्त बिजली का व्यापार 'इंडियन एनर्जी एक्सचेंज' के 'डे-अहेड' और 'रियल-टाइम' बाज़ारों के माध्यम से किया जाता है। CEA ने हाल ही में नेपाल से 31 MW अतिरिक्त बिजली निर्यात को और मंजूरी दी है, जिससे कुल स्वीकृत निर्यात क्षमता बढ़कर लगभग 1,179 MW हो गई है।

आगे की संभावनाएँ

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल अपनी जलविद्युत क्षमता को दक्षिण एशियाई ऊर्जा बाज़ार के लिए एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। बाढ़-प्रभावित परियोजनाओं की मरम्मत और वैकल्पिक स्रोतों की मंजूरी से स्पष्ट होता है कि नेपाल अपने बिजली निर्यात को बाधित किए बिना आपदा प्रबंधन की क्षमता विकसित कर रहा है। CEA द्वारा निर्यात क्षमता विस्तार की मंजूरी इस साझेदारी को और गहरा करने का संकेत देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या नेपाल की निर्यात-निर्भरता मौसमी अधिशेष से आगे बढ़कर एक स्थायी राजस्व मॉडल बन पाएगी। CEA द्वारा 31 MW अतिरिक्त क्षमता की मंजूरी भारत की रुचि का संकेत है, पर यह भी उजागर करती है कि नेपाल के निर्यात की सीमा और गति काफी हद तक भारतीय नियामकीय अनुमोदन पर निर्भर है। बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति की अस्थायी बाधा यह याद दिलाती है कि त्रिपक्षीय ऊर्जा व्यवस्था अभी भी भौतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है और इसे और मज़बूत बुनियादी ढाँचे की ज़रूरत है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल ने भारत को बिजली बेचकर आश्विन महीने में कितनी कमाई की?
नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के अनुसार, आश्विन 2026 (मध्य सितंबर से मध्य अक्टूबर) में नेपाल ने भारत को 633.99 मिलियन यूनिट बिजली निर्यात कर 5.93 अरब NPR कमाए। यह पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने की तुलना में 962 मिलियन NPR अधिक है।
26 अगस्त की बाढ़ से नेपाल की कितनी जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान हुआ?
विश्व बैंक की 'नेपाल डेवलपमेंट अपडेट' के अनुसार, 26 अगस्त 2026 की बाढ़ से कुल 12 जलविद्युत परियोजनाएँ क्षतिग्रस्त हुईं — जिनमें चालू और निर्माणाधीन दोनों शामिल हैं। सात चालू परियोजनाओं में से तीन को भारत और बांग्लादेश को बिजली निर्यात की मंजूरी थी।
बाढ़ के बाद बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति कैसे बहाल हुई?
भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने वैकल्पिक जलविद्युत संयंत्रों — सोलु, काबेली-1 और लोअर मोदी — से बिजली निर्यात को मंजूरी दी, जिसके बाद नेपाल ने बांग्लादेश को आपूर्ति फिर से शुरू की। यह नेपाल-भारत-बांग्लादेश त्रिपक्षीय समझौते के तहत 40 MW तक की आपूर्ति है।
नेपाल भारत को बिजली कैसे बेचता है?
NEA द्विपक्षीय बिजली खरीद समझौतों के तहत हरियाणा और बिहार को बिजली बेचता है। बची हुई अतिरिक्त बिजली का व्यापार 'इंडियन एनर्जी एक्सचेंज' के 'डे-अहेड' और 'रियल-टाइम' बाज़ारों के माध्यम से होता है। NEA प्रमुख दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ के अनुसार आश्विन में लगभग दो-तिहाई बिजली द्विपक्षीय समझौतों के तहत बेची गई।
नेपाल की कुल स्वीकृत बिजली निर्यात क्षमता अब कितनी है?
CEA द्वारा हाल ही में 31 MW अतिरिक्त बिजली निर्यात को मंजूरी देने के बाद नेपाल की कुल स्वीकृत निर्यात क्षमता बढ़कर लगभग 1,179 MW हो गई है। चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों में कुल निर्यात आय 16.15 अरब NPR रही है।
राष्ट्र प्रेस
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