मध्यावधि चुनावों से पहले नॉर्थ डकोटा किसान का ट्रंप को संदेश: 'अंदर से सुरक्षित, वैश्विक खतरा बरकरार'
सारांश
मुख्य बातें
मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले नॉर्थ डकोटा के चौथी पीढ़ी के किसान रेजिनाल्ड हरमन ने व्हाइट हाउस के बाहर खड़े होकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल का मिला-जुला मूल्यांकन पेश किया — उनके अनुसार ट्रंप ने देश को आंतरिक रूप से अधिक सुरक्षित ज़रूर बनाया है, लेकिन वैश्विक स्तर पर स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। हरमन ने राष्ट्रपति से 'थोड़ा नरम' रवैया अपनाने और अधिक मुक्त व्यापार को प्रोत्साहित करने की अपील भी की।
किसान की ज़ुबानी — ट्रंप का आंतरिक-वैश्विक विरोधाभास
जब हरमन से पूछा गया कि क्या ट्रंप ने अमेरिका को सुरक्षित बनाया है, तो उन्होंने स्पष्ट किया, 'वैश्विक स्तर पर शायद नहीं, क्योंकि ईरान के साथ टकराव कुछ खतरे पैदा कर सकता है। लेकिन देश के भीतर की बात करें तो बिल्कुल, हाँ।' यह टिप्पणी उस व्यापक बहस को रेखांकित करती है जो अमेरिका में ट्रंप की विदेश नीति को लेकर चल रही है।
उनका सीधा संदेश था: 'फ्रैंकलिन ग्राहम की बात सुनिए और थोड़ा नरम बनिए, लेकिन साथ ही मज़बूत, दृढ़ और सख्त भी रहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप की शैली को लेकर उनके समर्थक वर्ग में भी असमंजस की स्थिति कथित तौर पर बनी हुई है।
हरमन का परिचय — शताब्दी पुराना खेत, छठी पीढ़ी का सपना
'डेविल्स लेक जर्नल' में छपे पारिवारिक इतिहास के अनुसार, रेजिनाल्ड हरमन नॉर्थ डकोटा के छोटे से शहर 'ब्रिंसमेड' के निवासी हैं, जो ग्रैंड फोर्क्स से लगभग 100 मील पश्चिम में स्थित है। वे 'हरमंसडेल फार्म' चलाते हैं, जिस पर उनका परिवार 1901 से खेती करता आ रहा है। हरमन चाहते हैं कि उनके बच्चे और पोते-पोतियाँ — परिवार की पाँचवीं और छठी पीढ़ी — आगे बढ़ने की आज़ादी पाएँ और उन पर जरूरत से ज़्यादा नियामक बोझ न हो।
इमिग्रेशन पर संतुलित रुख — नफ़रत नहीं, नियम चाहिए
हरमन ने स्पष्ट किया कि इमिग्रेशन का मुद्दा केवल सीमावर्ती राज्यों तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, 'नॉर्थ डकोटा में भी इमिग्रेशन का मुद्दा हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' साथ ही उन्होंने सुरक्षित सीमाओं और प्रवासियों के प्रति नफ़रत के बीच स्पष्ट रेखा खींची।
उन्होंने कहा, 'मैंने एक एशियाई लड़की को गोद लिया है। मुझे प्रवासी लोगों से प्यार है। मैं सिर्फ इतना मानता हूँ कि यह प्रक्रिया सुरक्षित और सही तरीके से होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार ने चार लोगों को ग्रीन कार्ड या यूक्रेनी नागरिकों के लिए बनाए गए विशेष कार्यक्रम के ज़रिए अमेरिका आने में सहायता की।
कृषि नीति और मुक्त व्यापार की माँग
कृषि क्षेत्र पर बात करते हुए हरमन ने कहा कि किसान सरकारी नियमों के आदी हैं, परंतु वे अधिक खुले व्यापार की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा, 'कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ काफी सरकारी नियंत्रण है, इसलिए हमें सरकार की भागीदारी की आदत है। लेकिन हम ज़्यादा स्वतंत्र व्यापार भी देखना चाहते हैं।' यह टिप्पणी ट्रंप की टैरिफ-केंद्रित व्यापार नीति पर परोक्ष सवाल उठाती है।
राजनीतिक गतिरोध — दोनों दल ज़िम्मेदार
हरमन ने राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए दोनों प्रमुख दलों को उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने कहा, 'यह लड़ाई पूरी तरह राजनीतिक है और दोनों पक्ष इसमें शामिल हैं। यह सिर्फ एक पार्टी की समस्या नहीं है — दोनों ही कुछ हद तक अपरिपक्व व्यवहार करते हैं।' गौरतलब है कि मध्यावधि चुनाव के नज़दीक आम मतदाताओं की ऐसी राय सत्ता-पक्ष के लिए अहम संकेत मानी जाती है।
ट्रंप के दोबारा सत्ता में लौटने के बाद के पहले दो वर्षों पर उन्होंने कहा, 'कुछ बातें मुझे पसंद हैं, कुछ नहीं। काश ट्रंप थोड़ा नरम स्वभाव के होते, लेकिन वाशिंगटन में नरम रहने पर लोग आपको दबाकर आगे निकल जाते हैं — फिर भी पिछले दो सालों में काफी काम हुआ है।' आने वाले चुनाव नतीजे यह तय करेंगे कि हरमन जैसे मतदाताओं का यह संतुलित नज़रिया किस दिशा में झुकता है।