उत्तर कोरिया ने जापान-अमेरिका के 'रिजॉल्यूट ड्रैगन' अभ्यास को बताया 'युद्ध की रिहर्सल', टोक्यो को भयावह परिणामों की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर कोरिया ने 29 जून 2026 को जापान और अमेरिका के बीच जारी संयुक्त सैन्य अभ्यास 'रिजॉल्यूट ड्रैगन' की कड़ी निंदा करते हुए इसे 'युद्ध की रिहर्सल' करार दिया। प्योंगयांग ने टोक्यो को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उसने अपनी 'लापरवाह सैन्य गतिविधियाँ' नहीं रोकीं, तो उसे 'भयावह परिणाम' भुगतने पड़ सकते हैं।
केसीएनए का संपादकीय और मुख्य आरोप
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए (KCNA) ने सोमवार को एक संपादकीय प्रकाशित किया, जिसमें जापान की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज द्वारा अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के साथ आयोजित 'रिजॉल्यूट ड्रैगन' सैन्य अभ्यास में भागीदारी को निशाने पर लिया गया। संपादकीय में आरोप लगाया गया कि जापान इस प्रकार के अभ्यासों के ज़रिये अपनी 'आक्रमण क्षमता' को व्यवस्थित रूप से मज़बूत कर रहा है।
केसीएनए ने फरवरी में आयोजित अमेरिका-जापान के संयुक्त 'आयरन फिस्ट' सैन्य अभ्यास का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, उसने दावा किया कि अप्रैल और मई में अमेरिका के नेतृत्व में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आयोजित बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में जापान की पहली भागीदारी के दौरान लंबी दूरी की मिसाइलों का परीक्षण किया गया, जो कथित तौर पर पड़ोसी देशों पर पूर्व-नियोजित हमले की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से था।
जापान पर 'युद्धकारी देश' बनने का आरोप
उत्तर कोरिया ने आरोप लगाया कि जापान मौजूदा वैश्विक अस्थिरता का फायदा उठाकर खुद को एक 'युद्ध करने वाले देश' में रूपांतरित करने को उचित ठहराने की कोशिश कर रहा है। संपादकीय में कहा गया कि अमेरिका के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाकर जापान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना रहा है।
गौरतलब है कि इस बार के संपादकीय में उत्तर कोरिया ने सीधे तौर पर अमेरिका पर निशाना नहीं साधा — जो उसकी सामान्य रणनीति से अलग है और क्षेत्रीय विश्लेषकों के लिए एक उल्लेखनीय पहलू है।
नए युद्धपोत 'चोए ह्योन' की तैनाती
इस कूटनीतिक तनाव के बीच, उत्तर कोरिया ने हाल ही में 5,000 टन क्षमता वाले नए बहुउद्देशीय विध्वंसक युद्धपोत 'चोए ह्योन' को आधिकारिक तौर पर अपनी नौसेना में शामिल किया है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में नेता किम जोंग-उन ने कहा था कि इस युद्धपोत से उत्तर कोरियाई नौसेना की युद्ध क्षमता 'कल्पना से परे प्रशंसनीय स्तर' तक मज़बूत होगी।
उत्तर कोरिया ने इस युद्धपोत का पहली बार पिछले वर्ष अप्रैल में अनावरण किया था। आधिकारिक रूप से नौसेना में शामिल किए जाने से पहले हाल के महीनों में इस पोत से कई हथियार परीक्षण भी किए गए थे।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ पहले से ही बढ़ी हुई हैं और अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया का त्रिपक्षीय सुरक्षा ढाँचा मज़बूत हो रहा है। आलोचकों का कहना है कि उत्तर कोरिया की इस तरह की चेतावनियाँ अक्सर घरेलू प्रचार और बाहरी दबाव — दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करती हैं। आने वाले हफ्तों में जापान और अमेरिका की प्रतिक्रिया तथा क्षेत्र में और अभ्यासों की संभावना पर नज़र रहेगी।