4 अगस्त 2026
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रिमपैक नौसैनिक अभ्यास पर उत्तर कोरिया का कड़ा विरोध, 'प्रतिरोधक क्षमता नए स्तर तक ले जाने' की चेतावनी

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रिमपैक नौसैनिक अभ्यास पर उत्तर कोरिया का कड़ा विरोध, 'प्रतिरोधक क्षमता नए स्तर तक ले जाने' की चेतावनी

सारांश

उत्तर कोरिया ने रिमपैक को 'आक्रामक युद्ध की रिहर्सल' करार देते हुए अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग को 'रेड लाइन' पार करने की संज्ञा दी है। प्योंगयांग की यह चेतावनी कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते तनाव के बीच आई है और नई सैन्य कार्रवाई की आशंका को हवा दे रही है।

मुख्य बातें

उत्तर कोरिया ने रिमपैक नौसैनिक अभ्यास को 'आक्रामक युद्ध की रिहर्सल' करार दिया।
केसीएनए में 4 अगस्त को प्रकाशित सैन्य टिप्पणीकार के लेख में अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग की कड़ी आलोचना की गई।
प्योंगयांग ने चेतावनी दी कि वह 'प्रतिरोधक क्षमता को नए स्तर' तक ले जाएगा।
उत्तर कोरिया ने बडी स्क्वाड्रन हवाई अभ्यास और संयुक्त रसद प्रशिक्षण की भी आलोचना की।
त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग को 'रेड लाइन' पार करने की संज्ञा दी गई, जिसे एशिया-प्रशांत शांति के लिए खतरा बताया गया।

उत्तर कोरिया ने अमेरिका के नेतृत्व में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास रिम ऑफ द पैसिफिक (रिमपैक) को 'आक्रामक युद्ध की रिहर्सल' बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है और चेतावनी दी है कि वह जवाब में अपनी 'प्रतिरोधक क्षमता को नए स्तर' तक ले जाएगा। 4 अगस्त को उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए (KCNA) में एक सैन्य टिप्पणीकार के हवाले से प्रकाशित लेख में यह बयान सामने आया। प्योंगयांग का यह रुख ऐसे समय में आया है जब एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं।

रिमपैक अभ्यास पर उत्तर कोरिया के आरोप

केसीएनए में प्रकाशित लेख के अनुसार, रिमपैक अभ्यास दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच गहराते सैन्य सहयोग का प्रतीक है। प्योंगयांग का आरोप है कि इस अभ्यास का असली उद्देश्य एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य दबदबा कायम करना है, न कि केवल नियमित प्रशिक्षण। लेख में यह भी दावा किया गया कि इस बार के अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका पिछले वर्षों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और सक्रिय रही।

अमेरिकी अधिकारी के बयान का उल्लेख

केसीएनए ने अमेरिकी प्रशांत बेड़े के उप-कमांडर के उस कथित बयान का भी संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि रिमपैक में दक्षिण कोरिया और जापान की भागीदारी महज प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक सैन्य अभियानों के लिए अनिवार्य है। उत्तर कोरिया ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि यह अभ्यास संभावित सैन्य कार्रवाई की व्यावहारिक तैयारी है।

द्विपक्षीय सैन्य कार्यक्रमों पर भी निशाना

उत्तर कोरिया ने केवल रिमपैक तक ही आपत्ति सीमित नहीं रखी। उसने हाल में आयोजित बडी स्क्वाड्रन हवाई अभ्यास और संयुक्त रसद प्रशिक्षण सहित दक्षिण कोरिया-अमेरिका के अन्य संयुक्त सैन्य कार्यक्रमों की भी तीखी आलोचना की। प्योंगयांग का कहना है कि ये सभी गतिविधियाँ कोरियाई प्रायद्वीप में संभावित सैन्य संघर्ष की तैयारी की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

त्रिपक्षीय सहयोग को 'रेड लाइन' पार करने की संज्ञा

केसीएनए के लेख में कहा गया कि अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया का त्रिपक्षीय सैन्य सहयोग अब 'रेड लाइन' पार कर चुका है और यह पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति व सुरक्षा के लिए एक नया संकट उत्पन्न कर रहा है। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया अमेरिकी नेतृत्व में होने वाले किसी भी सैन्य अभ्यास को अपने विरुद्ध षड्यंत्र के रूप में देखता रहा है।

उत्तर कोरिया की आगे की रणनीति

उत्तर कोरिया ने अपने रुख को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि उसकी सुरक्षा नीति का मूल सिद्धांत यह है कि 'नए स्तर के खतरे का मुकाबला नए स्तर की प्रतिरोधक क्षमता से किया जाएगा।' विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की भाषा आमतौर पर प्योंगयांग द्वारा हथियार परीक्षण या सैन्य क्षमता प्रदर्शन से पहले इस्तेमाल की जाती है। आने वाले हफ्तों में कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव का स्तर क्या रुख लेता है, यह देखने वाली बात होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अक्सर इसके बाद मिसाइल परीक्षण या उकसावे की कार्रवाई देखी गई है। असली सवाल यह है कि इस बार 'नए स्तर की प्रतिरोधक क्षमता' का अर्थ क्या होगा — क्या यह महज कूटनीतिक शब्दजाल है या किसी ठोस सैन्य कदम का संकेत? त्रिपक्षीय अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया सहयोग की गहराती जड़ें प्योंगयांग के लिए रणनीतिक चिंता का असली कारण हैं, क्योंकि यह सहयोग अब प्रतीकात्मक नहीं रहा। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि उत्तर कोरिया की ऐसी चेतावनियाँ घरेलू दर्शकों के लिए भी उतनी ही होती हैं जितनी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रिमपैक नौसैनिक अभ्यास क्या है और उत्तर कोरिया ने इस पर आपत्ति क्यों जताई?
रिमपैक (रिम ऑफ द पैसिफिक) दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यासों में से एक है, जिसका नेतृत्व अमेरिका करता है। उत्तर कोरिया ने इसे 'आक्रामक युद्ध की रिहर्सल' बताते हुए आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य कार्रवाई की तैयारी करना है।
उत्तर कोरिया ने किस तरह की प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है?
उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह अपनी 'प्रतिरोधक क्षमता को नए स्तर' तक ले जाएगा। उसकी सुरक्षा नीति के अनुसार 'नए स्तर के खतरे का मुकाबला नए स्तर की प्रतिरोधक क्षमता से किया जाएगा।'
उत्तर कोरिया ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान के त्रिपक्षीय सहयोग को 'रेड लाइन' क्यों कहा?
केसीएनए के लेख के अनुसार, तीनों देशों का बढ़ता सैन्य समन्वय और संयुक्त अभियान क्षमता अब 'रेड लाइन' पार कर चुकी है। प्योंगयांग का मानना है कि यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए एक नया संकट उत्पन्न कर रहा है।
इस बार के रिमपैक अभ्यास में दक्षिण कोरिया और जापान की भूमिका अलग कैसे थी?
उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया के अनुसार, इस बार दक्षिण कोरिया और जापान की भागीदारी पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक रही। अमेरिकी प्रशांत बेड़े के उप-कमांडर के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि उनकी भूमिका वास्तविक सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण है।
उत्तर कोरिया ने रिमपैक के अलावा और किन सैन्य अभ्यासों पर आपत्ति जताई?
प्योंगयांग ने बडी स्क्वाड्रन हवाई अभ्यास और संयुक्त रसद प्रशिक्षण सहित दक्षिण कोरिया-अमेरिका के अन्य संयुक्त सैन्य कार्यक्रमों की भी आलोचना की। उसका आरोप है कि ये सभी गतिविधियाँ कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य संघर्ष की व्यापक तैयारी का हिस्सा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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