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एनपीटी की 11वीं समीक्षा बैठक बिना सहमति के समाप्त, गुटेरेस ने जताई गहरी निराशा

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एनपीटी की 11वीं समीक्षा बैठक बिना सहमति के समाप्त, गुटेरेस ने जताई गहरी निराशा

सारांश

परमाणु अप्रसार की सबसे बड़ी वैश्विक बैठक लगातार तीसरी बार विफल — गुटेरेस निराश, ईरान ने अमेरिका पर ठीकरा फोड़ा। यह नतीजा तब आया जब दुनिया परमाणु जोखिम के सबसे नाजुक दौर में खड़ी है।

मुख्य बातें

एनपीटी की 11वीं समीक्षा बैठक न्यूयॉर्क में शुक्रवार को बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई — यह लगातार तीसरी बार है जब यह सम्मेलन विफल रहा।
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि 'सम्मेलन अपने मकसद को पूरा नहीं कर सका' और सभी देशों से डायलॉग व डिप्लोमेसी अपनाने की अपील की।
ईरान के स्थायी मिशन ने एक्स पर पोस्ट कर अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसकी अत्यधिक मांगों ने एनपीटी को पतन की ओर धकेला।
सम्मेलन 27 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में शुरू हुआ था और इसमें कई देशों ने भाग लिया।
गुटेरेस ने दोहराया कि परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च निरस्त्रीकरण प्राथमिकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) की 11वीं समीक्षा बैठक के बेनतीजा रहने पर गहरी निराशा व्यक्त की है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 27 अप्रैल से शुरू हुआ यह सम्मेलन शुक्रवार को बिना किसी सहमतिपूर्ण दस्तावेज़ के समाप्त हो गया — और यह लगातार तीसरी बार है जब एनपीटी समीक्षा सम्मेलन विफल रहा है।

महासचिव का बयान

गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बैठक के समापन के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें गुटेरेस के हवाले से कहा गया कि उन्होंने सदस्य देशों की भागीदारी का स्वागत किया, लेकिन यह अफसोस जताया कि 'सम्मेलन अपने मकसद को पूरा नहीं कर सका' — खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ खड़ी हैं। गुटेरेस ने सभी देशों से अपील की कि वे तनाव कम करने और परमाणु जोखिम घटाने के लिए 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' के हर संभव रास्ते का उपयोग करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया संयुक्त राष्ट्र की सर्वोच्च निरस्त्रीकरण प्राथमिकता बनी रहेगी।

ईरान का आरोप — अमेरिका ने बिगाड़ी बातचीत

बैठक के विफल होने की जिम्मेदारी को लेकर तीखे आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आए। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 'अमेरिका की अत्यधिक मांगों ने एनपीटी को पतन की ओर धकेल दिया है।' तेहरान का आरोप है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की बाधा डालने वाली नीतियों के कारण यह सम्मेलन लगातार तीसरी बार विफल रहा।

ईरान का स्पष्ट मानना है कि अमेरिका इस बैठक का उपयोग ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाने के लिए कर रहा था, जिसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।

एनपीटी और इस सम्मेलन का महत्व

परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य परमाणु हथियारों का प्रसार रोकना, परमाणु निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग करना है। इस 11वीं समीक्षा बैठक में कई देशों ने भाग लिया और सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना, देशों के बीच तनाव कम करना और दुनिया को परमाणु खतरे से सुरक्षित बनाना था।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष और मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच परमाणु जोखिम पर वैश्विक चिंता पहले से कहीं अधिक गहरी हो चुकी है।

आगे क्या

लगातार तीन समीक्षा सम्मेलनों की विफलता के बाद, विशेषज्ञों के अनुसार एनपीटी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। गुटेरेस की अपील के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच गहरे मतभेद तथा परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच आपसी अविश्वास को देखते हुए निकट भविष्य में किसी सहमति की संभावना फिलहाल सीमित दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि परमाणु व्यवस्था की बुनियादी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न है। ईरान और अमेरिका के बीच आरोप-प्रत्यारोप असली समस्या को ढक लेते हैं — परमाणु-सशस्त्र देश स्वयं निरस्त्रीकरण के प्रति गंभीर नहीं हैं, जबकि संधि यही माँगती है। गुटेरेस की 'डायलॉग और डिप्लोमेसी' की अपील सुनने में सही लगती है, लेकिन जब तक बड़ी शक्तियाँ अपने परमाणु शस्त्रागार को आधुनिक बनाने में अरबों खर्च कर रही हैं, यह अपील खोखली रहेगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनपीटी की 11वीं समीक्षा बैठक क्यों विफल रही?
सदस्य देशों के बीच किसी सहमतिपूर्ण दस्तावेज़ पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। ईरान ने अमेरिका की 'अत्यधिक मांगों' को इसका प्रमुख कारण बताया, जबकि अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
एंटोनियो गुटेरेस ने इस विफलता पर क्या कहा?
गुटेरेस ने अपने प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक के माध्यम से जारी बयान में कहा कि 'सम्मेलन अपने मकसद को पूरा नहीं कर सका।' उन्होंने सभी देशों से तनाव कम करने और परमाणु जोखिम घटाने के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी अपनाने की अपील की।
ईरान ने अमेरिका पर क्या आरोप लगाए?
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी मिशन ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका की अत्यधिक मांगों ने एनपीटी को पतन की ओर धकेला और अमेरिका इस बैठक का उपयोग ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बनाने के लिए कर रहा था।
एनपीटी क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) एक अंतरराष्ट्रीय संधि है जिसका उद्देश्य परमाणु हथियारों का प्रसार रोकना, परमाणु निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग करना है। इसकी समीक्षा बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित होती हैं।
यह कितनी बार एनपीटी समीक्षा सम्मेलन विफल हुआ है?
ईरान के बयान के अनुसार, अमेरिका और उसके सहयोगियों की नीतियों के कारण एनपीटी समीक्षा सम्मेलन लगातार तीसरी बार विफल रहा है। यह विफलता ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर परमाणु जोखिम को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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