ओमेगा ब्लॉक से यूरोप में भीषण गर्मी: फ्रांस में 18, जर्मनी में 5 मौतें, रेड अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
यूरोप इन दिनों एक असाधारण मौसमी संकट की चपेट में है। ओमेगा ब्लॉक नामक वायुमंडलीय प्रणाली ने महाद्वीप के ऊपर एक विशाल हीट डोम बना दिया है, जिसके कारण फ्रांस में 18 और जर्मनी में 5 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रिटेन समेत कई देशों में रेड अलर्ट जारी किया गया है और इंग्लैंड-वेल्स के स्कूल बंद करने पड़े हैं। कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, यह पश्चिमी यूरोप की हाल के वर्षों की सबसे तीव्र शुरुआती हीट वेव्स में से एक है।
क्या है ओमेगा ब्लॉक?
ओमेगा ब्लॉक एक स्थिर वायुमंडलीय पैटर्न है जिसमें एक उच्च दबाव क्षेत्र दो निम्न दबाव क्षेत्रों के बीच फंस जाता है। इस पैटर्न का आकार ग्रीक वर्णमाला के 24वें और अंतिम अक्षर 'ओमेगा' (Ω) जैसा दिखता है, इसीलिए इसे यह नाम दिया गया है। इसके केंद्र में गर्म हवा का एक विशाल गुंबद बनता है, जबकि दोनों किनारों पर अपेक्षाकृत ठंडी हवा बनी रहती है।
यह प्रणाली बेहद धीमी गति से आगे बढ़ती है, जिससे हवा का प्रवाह लगभग थम जाता है और राहत देने वाली ठंडी बयार नहीं पहुँच पाती। इस 'लॉक-इन' स्थिति के कारण कई दिनों तक चरम मौसम एक ही क्षेत्र में बना रहता है।
ओमेगा ब्लॉक और हीट डोम में अंतर
ओमेगा ब्लॉक और हीट डोम परस्पर संबंधित हैं, परंतु एक नहीं हैं। सरल शब्दों में — ओमेगा ब्लॉक कारण है और हीट डोम उसका परिणाम।
हीट डोम तब बनता है जब ऊपरी वायुमंडल में उच्च दबाव का एक बड़ा क्षेत्र किसी इलाके के ऊपर स्थिर हो जाता है और नीचे की गर्म हवा को वैसे ही फंसा लेता है जैसे किसी बर्तन पर ढक्कन रख दिया जाए। वर्तमान में उत्तरी अफ्रीका से आ रही गर्म हवाएं इसी प्रक्रिया से पश्चिमी और मध्य यूरोप में फंसी हुई हैं।
फ्रांस में टूटा 1947 का रिकॉर्ड
राष्ट्रीय मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस के अनुसार, सोमवार से मंगलवार के बीच की रात फ्रांस की अब तक की सबसे गर्म रात दर्ज की गई। देश का राष्ट्रीय तापमान सूचकांक — जो 30 मौसम केंद्रों के औसत पर आधारित है — मंगलवार सुबह 21.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया।
यह 1947 में रिकॉर्ड-कीपिंग शुरू होने के बाद का सर्वोच्च आँकड़ा है। इससे पहले का रिकॉर्ड 21.4 डिग्री सेल्सियस था, जो 25 जुलाई 2019 को दर्ज हुआ था।
गौरतलब है कि कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के आँकड़ों के अनुसार, इस हीट डोम का निर्माण यूरोप में असामान्य रूप से गर्म रहे मई महीने के बाद हुआ है, जब कई देशों में मई के तापमान रिकॉर्ड टूट चुके थे।
आम जनता पर असर
इंग्लैंड और वेल्स के कई स्कूलों ने छात्रों की सेहत को देखते हुए इस सप्ताह बंद रहने या समय से पहले छुट्टी करने की घोषणा की है। परिवहन अधिकारियों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अत्यावश्यक स्थिति को छोड़कर यात्रा न करें।
यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप पहले से ही जलवायु परिवर्तन से जुड़ी चरम मौसमी घटनाओं की बढ़ती आवृत्ति से जूझ रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की हीट वेव्स की तीव्रता और अवधि आने वाले दशकों में और बढ़ सकती है।
आगे की स्थिति
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ओमेगा ब्लॉक की प्रकृति इसे अल्पकालिक राहत के लिए भी कठिन बनाती है, क्योंकि यह प्रणाली स्वयं को तोड़ने में सक्षम नहीं होती जब तक कि बाहरी वायुमंडलीय बदलाव न हों। प्रभावित देशों की सरकारें स्वास्थ्य आपातकाल की तैयारियों में जुटी हैं और नागरिकों को अधिकतम सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।