ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और कमज़ोर, महंगाई 2027 तक 8.4% पहुँचने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
ग्रीस सिटी टाइम्स की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने 2026 में पाकिस्तान के पहले से ही संकटग्रस्त आर्थिक ढाँचे को और अधिक कमज़ोर कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मई 2025 के इस सैन्य अभियान के बाद निवेशकों का भरोसा घटा है और पर्यटन, विमानन तथा व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों पर गंभीर आर्थिक दबाव बढ़ा है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पहले से ही भारी ऋण, कमज़ोर विदेशी मुद्रा भंडार और बहुपक्षीय सहायता पर निर्भरता जैसी चुनौतियों से जूझ रही थी।
मुख्य आर्थिक संकट
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025 में पाकिस्तान को लगातार राजकोषीय घाटे, सीमित कर आधार और उच्च ऋण-सेवा लागतों का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, "पिछले वर्षों में मुद्रास्फीति के कारण परिवारों की क्रय शक्ति पहले ही कम हो चुकी थी। पिछले तीन वर्षों में जीडीपी वृद्धि भी औसतन लगभग 3 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो कमज़ोर औद्योगिक गति, सुस्त निवेश और सीमित उत्पादकता वृद्धि को दर्शाती है।" बाहरी वित्तपोषण के दबाव और कमज़ोर विदेशी मुद्रा भंडार ने अनिश्चितता को और गहरा किया है।
पर्यटन और विमानन पर असर
रिपोर्ट के अनुसार, पर्यटन उद्योग को सैन्य अभियान का सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों ने अपनी यात्राएँ रद्द कर दीं, जिससे होटलों, रेस्तरां, टूर ऑपरेटरों और पर्यटन आय पर निर्भर स्थानीय समुदायों को भारी झटका लगा। पहले से ही संरचनात्मक और वित्तीय संकट से जूझ रहा विमानन क्षेत्र भी प्रभावित हुआ।
रिपोर्ट में कहा गया है, "संपर्क में किसी भी प्रकार की बाधा से न केवल एयरलाइंस बल्कि निर्यातकों, आयातकों और यात्रियों के लिए भी लागत बढ़ जाती है। माल ढुलाई में देरी विशेष रूप से कपड़ा, नाशवान वस्तुएं, फार्मास्यूटिकल्स और हल्के इंजीनियरिंग सामान जैसे समय-संवेदनशील क्षेत्रों के लिए हानिकारक है।"
व्यापारिक भरोसे पर चोट
रिपोर्ट में आगे उल्लेख किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने बांग्लादेश, वियतनाम और भारत से माल खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पाकिस्तान का व्यापारिक विश्वास और कमज़ोर हुआ। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान का निर्यात क्षेत्र पहले से ही प्रतिस्पर्धात्मक दबाव में था।
महंगाई का बढ़ता बोझ
रिपोर्ट के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर ने मुद्रास्फीति के दबाव को फिर से बढ़ा दिया है। पाकिस्तान में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 2025 में 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 7.2 प्रतिशत और 2027 में 8.4 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया है। गौरतलब है कि यह अनुमान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तानी परिवार पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे हैं।
आगे क्या होगा
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर ने कई निवेशकों को प्रतीक्षा-और-देखो की स्थिति में धकेल दिया है। विश्लेषकों के अनुसार, जब तक भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहेगी, पाकिस्तान के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करना कठिन होगा। देश की आर्थिक पुनर्बहाली की राह अब और लंबी होती दिख रही है।