12 जुलाई 2026
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एमनेस्टी इंटरनेशनल की पाकिस्तान को चेतावनी: PTM कार्यकर्ता फरीदुल्लाह अफरीदी के अपहरण पर जवाब दो

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एमनेस्टी इंटरनेशनल की पाकिस्तान को चेतावनी: PTM कार्यकर्ता फरीदुल्लाह अफरीदी के अपहरण पर जवाब दो

सारांश

एमनेस्टी इंटरनेशनल का पाकिस्तान पर दबाव बढ़ रहा है — PTM कार्यकर्ता फरीदुल्लाह अफरीदी के 18 मई को पेशावर से कथित अपहरण के बाद संगठन ने तत्काल जाँच की माँग की है। यह अकेला मामला नहीं; हनीफ पश्तीन और नूर उल्लाह तरीन भी नवंबर 2025 से लापता हैं — और पुलिस ने एक भी FIR दर्ज नहीं की।

मुख्य बातें

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 27 मई 2026 को पाकिस्तान में PTM कार्यकर्ताओं के जबरन गायब किए जाने पर गहरी चिंता जताई।
PTM सदस्य फरीदुल्लाह अफरीदी को 18 मई की शाम पेशावर, खैबर पख्तूनख्वा से कथित तौर पर अगवा किया गया।
परिवार की शिकायत के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की और न ही जाँच शुरू की।
PTM कार्यकर्ता हनीफ पश्तीन और नूर उल्लाह तरीन 12 नवंबर 2025 से पेशावर विधानसभा के बाहर से हिरासत में लिए जाने के बाद लापता हैं।
संगठन ने पाकिस्तान से स्वतंत्र, निष्पक्ष जाँच , अफरीदी की रिहाई और जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराने की माँग की है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 27 मई 2026 को पाकिस्तान में पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) के कार्यकर्ताओं के जबरन गायब किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इसे राज्य प्राधिकारियों द्वारा संचालित एक व्यापक दमन अभियान का हिस्सा करार दिया है।

फरीदुल्लाह अफरीदी का कथित अपहरण

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, PTM सदस्य फरीदुल्लाह अफरीदी को 18 मई की शाम पेशावर, खैबर पख्तूनख्वा से कथित तौर पर अगवा किया गया। संगठन ने बताया कि परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने न तो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और न ही किसी जाँच की शुरुआत की।

संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'फरीदुल्लाह अफरीदी पहले PTM कार्यकर्ता नहीं हैं जिन्हें बिना किसी सुराग के गायब किया गया हो। यह मामला PTM कार्यकर्ताओं के जबरन गायब किए जाने और राज्य प्राधिकारियों की कार्रवाई के चिंताजनक पैटर्न को दर्शाता है।'

पाकिस्तानी अधिकारियों से माँगें

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार से तीन स्पष्ट माँगें रखी हैं — अफरीदी के कथित अपहरण की तुरंत स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराई जाए; यदि वे सरकारी हिरासत में हैं तो उनकी मौजूदगी सार्वजनिक की जाए और उन्हें तत्काल रिहा किया जाए; तथा जिम्मेदार व्यक्तियों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के तहत जवाबदेह ठहराया जाए।

पिछले मामले और चिंताजनक पैटर्न

यह ऐसे समय में आया है जब पिछले महीने भी एमनेस्टी इंटरनेशनल ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को पत्र लिखकर PTM कार्यकर्ताओं हनीफ पश्तीन और नूर उल्लाह तरीन के गायब होने पर गंभीर चिंता जताई थी। दोनों को 12 नवंबर 2025 को पेशावर स्थित प्रांतीय विधानसभा परिसर से निकलते समय पुलिस हिरासत में लिया गया था।

गौरतलब है कि संगठन ने चेतावनी दी थी कि दोनों कार्यकर्ताओं की गुप्त हिरासत से यातना, दुर्व्यवहार और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का खतरा बढ़ गया है।

PTM पर दमन का व्यापक आरोप

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आरोप लगाया है कि PTM और उसके सदस्यों के खिलाफ पाकिस्तान में मनमानी गिरफ्तारी, उत्पीड़न, धमकी और जबरन गायब किए जाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। संगठन के अनुसार यह कोई अकेली या अपवाद-स्वरूप घटना नहीं है, बल्कि PTM कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्य-स्तरीय दमन के एक सुनियोजित पैटर्न का हिस्सा है।

आगे क्या होगा

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद पाकिस्तान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। मानवाधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि स्वतंत्र जाँच नहीं हुई तो यह मामला संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के समक्ष भी उठाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संरचनात्मक मिलीभगत का संकेत है। जब तक पाकिस्तान में जबरन गुमशुदगी को स्वतंत्र न्यायिक निगरानी के दायरे में नहीं लाया जाता, तब तक ये माँगें केवल कागज़ी दबाव बनकर रह जाएँगी।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फरीदुल्लाह अफरीदी कौन हैं और उनके साथ क्या हुआ?
फरीदुल्लाह अफरीदी पाकिस्तान के नागरिक अधिकार संगठन पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) के सदस्य हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार उन्हें 18 मई 2026 की शाम पेशावर, खैबर पख्तूनख्वा से कथित तौर पर अगवा किया गया और परिवार की शिकायत के बावजूद पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान से क्या माँगें रखी हैं?
संगठन ने तीन माँगें रखी हैं — अफरीदी के अपहरण की तुरंत स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच, यदि वे हिरासत में हैं तो उनकी मौजूदगी सार्वजनिक कर तत्काल रिहाई, और जिम्मेदार व्यक्तियों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के तहत जवाबदेह ठहराना।
PTM के और कौन से कार्यकर्ता पाकिस्तान में लापता हैं?
PTM कार्यकर्ता हनीफ पश्तीन और नूर उल्लाह तरीन 12 नवंबर 2025 को पेशावर स्थित प्रांतीय विधानसभा परिसर से निकलते समय पुलिस हिरासत में लिए गए थे और तब से लापता हैं। एमनेस्टी ने इस मामले में खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को पत्र भी लिखा था।
पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) क्या है?
PTM पाकिस्तान का एक नागरिक अधिकार आंदोलन है जो मुख्यतः पश्तून समुदाय के अधिकारों के लिए काम करता है। संगठन पर पाकिस्तान में लंबे समय से राज्य-प्रायोजित दमन के आरोप लगते रहे हैं, जिसमें मनमानी गिरफ्तारी, उत्पीड़न और जबरन गुमशुदगी शामिल हैं।
पाकिस्तान में जबरन गुमशुदगी की घटनाएँ कितनी गंभीर हैं?
एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार PTM कार्यकर्ताओं के खिलाफ जबरन गायब किए जाने, मनमानी गिरफ्तारी और धमकी की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। संगठन ने चेतावनी दी है कि गुप्त हिरासत में रखे गए कार्यकर्ताओं को यातना और दुर्व्यवहार का गंभीर खतरा है।
राष्ट्र प्रेस
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