क्या पाकिस्तान में बाढ़ राहत प्रयासों को लेकर राजनीतिक मतभेद बढ़ रहे हैं?

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क्या पाकिस्तान में बाढ़ राहत प्रयासों को लेकर राजनीतिक मतभेद बढ़ रहे हैं?

सारांश

पाकिस्तान में बाढ़ राहत प्रयासों को लेकर सिंध और पंजाब सरकारों के बीच मतभेद गहरे होते जा रहे हैं। राष्ट्रपति जरदारी ने गृह मंत्री को तलब किया है। यह राजनीतिक विवाद बाढ़ के कारण हुए नुकसान के बीच बढ़ रहा है। जानिए इस स्थिति का विस्तार से।

मुख्य बातें

सिंध और पंजाब के बीच राजनीतिक विवाद गहरा हो रहा है।
राष्ट्रपति जरदारी ने हस्तक्षेप किया है।
बाढ़ राहत कार्यों में पारदर्शिता की कमी है।
पंजाब में हालात खराब हो रहे हैं।
आगामी बारिश की चेतावनी है।

इस्लामाबाद, 6 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान में सिंध और पंजाब प्रांतों की सरकारों के बीच बाढ़ राहत प्रयासों को लेकर चल रहा विवाद अब और तेज हो गया है। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी।

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सिंध और पंजाब सरकारों के बीच तनाव को कम करने के लिए हस्तक्षेप किया है। बाढ़ राहत प्रयासों पर शीर्ष प्रांतीय नेताओं के बीच तीखी बहस अब सार्वजनिक बहस में बदल गई है।

पाकिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थान समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, "सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति जरदारी ने संघीय गृह मंत्री मोहसिन नकवी से फोन पर बात की और दोनों प्रांतों के बीच बढ़ते मतभेद पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने इस विषय पर तत्काल परामर्श के लिए गृह मंत्री को कराची बुलाया है।"

इस कदम का उद्देश्य बढ़ते राजनीतिक तनाव को कम करना है, क्योंकि दोनों प्रांतीय सरकारें देश भर में लाखों लोगों को विस्थापित करने वाली विनाशकारी बाढ़ के बीच एक-दूसरे पर कुप्रबंधन और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगा रही हैं।

समा टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, "यह विवाद तब और गहरा हुआ जब पिछले हफ्ते एक सुबह के शो में पीपीपी नेता और एमएनए शर्मिला फारूकी ने पंजाब सरकार के राहत कार्यों की आलोचना की और प्रांत को प्रदर्शन की तुलना करने की चुनौती दी। पंजाब सरकार की प्रवक्ता उजला बुखारी ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए चुनौती स्वीकार की और कहा कि पंजाब ने एक पारदर्शी और व्यवस्थित राहत तंत्र बनाए रखा है।"

पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो के प्रवक्ता और कराची के मेयर मुर्तजा वहाब ने पंजाब के रुख की आलोचना करके इस तीखी बहस को और बढ़ा दिया।

स्थानीय मीडिया ने सोमवार को बताया कि पिछले 24 घंटों में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचाई है। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता के अनुसार, छत और दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और 28 अन्य घायल हो गए।

तूफान के कारण लाहौर में इमारतों के कुछ हिस्से गिरने से दो लोग घायल हो गए। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब प्रांत में रिकॉर्ड बारिश हुई है।

पीडीएमए प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अगले 24 घंटों में रावलपिंडी, मुर्री, गल्यात, अटक, लाहौर, झेलम, गुजरात, सियालकोट और गुजरांवाला सहित अधिकांश जिलों में बारिश जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समय है कि सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर बाढ़ पीड़ितों की सहायता करें। राजनीतिक मतभेदों के बजाय, फोकस राहत कार्यों पर होना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान में बाढ़ राहत प्रयासों में क्या समस्याएँ हैं?
सिंध और पंजाब सरकारों के बीच राजनीतिक मतभेद, कुप्रबंधन और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएँ हैं।
राष्ट्रपति जरदारी ने क्या कदम उठाया है?
राष्ट्रपति ने गृह मंत्री को तलब किया है ताकि दोनों प्रांतों के बीच मतभेदों को सुलझाया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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