फिलिस्तीन में बनेगा 'इंडिया हॉस्पिटल': राजदूत अबू शावेश बोले — कागजात पर हस्ताक्षर हो चुके
सारांश
मुख्य बातें
भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक विशेष बातचीत में खुलासा किया कि वेस्ट बैंक में जल्द ही एक 'इंडिया हॉस्पिटल' का निर्माण होगा और इससे जुड़ी सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि यह कदम भारत-फिलिस्तीन द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक ठोस पहल है।
इंडिया हॉस्पिटल: क्या हुआ और कब
राजदूत शावेश के अनुसार, विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन ने मंगलवार, 18 अगस्त को फिलिस्तीन की आधिकारिक यात्रा के दौरान फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री के साथ कई बैठकें कीं। इन बैठकों में वेस्ट बैंक में 'इंडिया हॉस्पिटल' की स्थापना सहित कई परियोजनाओं पर हस्ताक्षर किए गए।
शावेश ने कहा, "कागजात पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। और सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि कई प्रोजेक्ट्स हैं जिन पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं। हम भारत के वरिष्ठ डिप्लोमैट के इस दौरे को भारत और फिलिस्तीन के बीच आपसी रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक और कदम के तौर पर देखते हैं।"
श्रीप्रिया रंगनाथन का फिलिस्तीन दौरा
सचिव रंगनाथन ने रामल्लाह में फिलिस्तीन की विदेश एवं प्रवासी मामलों की मंत्री वारसनेन अगाबेकियान शाहीन से मुलाकात की और टू-नेशन सॉल्यूशन के प्रति भारत के दीर्घकालिक समर्थन को दोहराया। रामल्लाह स्थित भारत के प्रतिनिधि कार्यालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि "भारत ने बातचीत के ज़रिए दो-देश समाधान के लिए अपने लंबे समय से चले आ रहे समर्थन को दोहराया।" साथ ही, गाजा में गंभीर मानवीय संकट पर गहरी चिंता जताई गई और आम नागरिकों तक बिना किसी बाधा के सहायता पहुँचाने पर बल दिया गया।
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य व्यवस्था और भारत की मदद
राजदूत शावेश ने फिलिस्तीन की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि लगभग दो महीने पहले उन्होंने भारत के विदेश मंत्री से इस संकट पर बात की थी। उन्होंने बताया, "मेरी जानकारी के अनुसार यहाँ से दवाइयाँ और मेडिकल सप्लाई बहुत जल्द फिलिस्तीन पहुँच जाएंगी।"
इसके अलावा, भारत डायलिसिस मशीन और अन्य चिकित्सा उपकरण भेजेगा। कृत्रिम अंग परियोजना के लिए भी भारत की ओर से सहायता मिल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब फिलिस्तीन का स्वास्थ्य ढाँचा, विशेषकर गाजा में, गंभीर दबाव में है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
राजदूत शावेश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह पूछने के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए कि फिलिस्तीनी समुदाय के साथ क्या हुआ। कार्रवाई अभी की जानी चाहिए।" उन्होंने इज़रायली बस्तियों के विस्तार, जबरन विस्थापन और कथित 'वास्तविक विलय' को रोकने की माँग की।
शावेश ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "फिलिस्तीनी ज़मीन कोई चुनावी पुरस्कार नहीं है। फिलिस्तीनी लोगों की ज़िंदगी चुनावी मुद्रा नहीं है और फिलिस्तीनियों के अधिकार इज़रायल के चुनाव में गिने जाने वाले मतपत्र नहीं हैं।" उन्होंने कथित चरमपंथी हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने और फिलिस्तीनी लोगों के अस्तित्व के मौलिक अधिकार की रक्षा की माँग भी दोहराई।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि 'इंडिया हॉस्पिटल' परियोजना के कागजात पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, अब निर्माण की समयसीमा और वित्त पोषण की विस्तृत रूपरेखा सामने आने की प्रतीक्षा है। दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों की खेप शीघ्र रवाना होने की उम्मीद है। भारत-फिलिस्तीन संबंधों में यह सक्रियता ऐसे समय में आई है जब मध्य-पूर्व में कूटनीतिक हलचल तेज़ है और भारत अपनी 'मानवता-केंद्रित विदेश नीति' को रेखांकित कर रहा है।