भारत-फलस्तीन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखी, श्रीप्रिया रंगनाथन ने PM मुस्तफा से की मुलाकात
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी एवं ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन ने 18 से 20 अगस्त 2026 तक फलस्तीन की आधिकारिक यात्रा की, जिसके दौरान वेस्ट बैंक के जेनिन जिले के अर्राबेह में इंडियन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखी गई। यह भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित एक प्रमुख विकास परियोजना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
उच्चस्तरीय बैठकें और द्विपक्षीय चर्चा
यात्रा के दौरान श्रीप्रिया रंगनाथन ने फलस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. मोहम्मद मुस्तफा, विदेश एवं प्रवासी मामलों की मंत्री डॉ. वार्सेन अघाबेकियन शाहीन, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. माजेद अबू रमादान, श्रम मंत्री डॉ. एनास दहादहा अत्तारी और राष्ट्रपति के राजनयिक मामलों के सलाहकार डॉ. माजदी अल-खाल्दी से मुलाकात की। इन बैठकों में स्वास्थ्य सहयोग, विकास साझेदारी, कौशल विकास, क्षमता निर्माण और जनसंपर्क जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने के रास्तों पर विचार किया। श्रीप्रिया रंगनाथन ने बातचीत के माध्यम से दो-राष्ट्र समाधान के लिए भारत के दीर्घकालिक और सिद्धांत-आधारित समर्थन को एक बार फिर रेखांकित किया।
अस्पताल की आधारशिला: मुख्य घटनाक्रम
यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम अर्राबेह, जेनिन में इंडियन सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखा जाना रहा। आधारशिला रखने का समारोह रामल्लाह और अर्राबेह में एक साथ वर्चुअल माध्यम से आयोजित हुआ, जिसमें फलस्तीन के प्रधानमंत्री डॉ. मोहम्मद मुस्तफा और श्रीप्रिया रंगनाथन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, विदेश और श्रम मंत्रालयों के मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी, स्थानीय प्रशासन तथा अन्य प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे।
प्रस्तावित अस्पताल में कई विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ एक ट्रॉमा सेंटर भी शामिल होगा। इससे विशेष रूप से जेनिन और उत्तरी वेस्ट बैंक के निवासियों को उन्नत एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं तक बेहतर पहुँच मिलने की उम्मीद है।
दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर
इस यात्रा के दौरान भारत और फलस्तीन के बीच दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता 'फलस्तीन में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण' से संबंधित था, जिस पर श्रीप्रिया रंगनाथन और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. माजेद अबू रमादान ने हस्ताक्षर किए। दूसरा समझौता 'प्रिंटिंग क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को समर्थन' से जुड़ा था, जिस पर श्रम मंत्री डॉ. एनास दहादहा अत्तारी के साथ हस्ताक्षर हुए।
मानवीय सहायता और स्वास्थ्य पहल
श्रीप्रिया रंगनाथन ने फलस्तीन में कृत्रिम अंगों के लिए एक विशेष शिविर आयोजित करने के भारत के निर्णय की जानकारी दी। साथ ही गाजा में उपयोग हेतु भीष्म क्यूब — एक मोबाइल हेल्थ सेंटर — दान करने की घोषणा की। इस अवसर पर जीवन रक्षक दवाओं की पहली खेप भी फलस्तीन को सौंपी गई। यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में मानवीय संकट की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।
आगे की दिशा
भारत-फलस्तीन स्वास्थ्य सहयोग के तहत यह यात्रा चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और मानवीय सहायता को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते भविष्य में कौशल विकास और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की नींव रखते हैं।