भारत-लेबनान द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा: श्रीप्रिया रंगनाथन ने बेरूत में की उच्चस्तरीय बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (सीपीवी और ओआईए) श्रीप्रिया रंगनाथन ने 21 अगस्त 2026 को बेरूत में लेबनान के विदेश मंत्रालय के महासचिव राजदूत अब्देल सत्तार इस्सा से मुलाकात की और भारत-लेबनान द्विपक्षीय संबंधों के समस्त आयामों की विस्तृत समीक्षा की। यह बैठक रंगनाथन की 16 से 21 अगस्त तक चली मिस्र, फिलिस्तीन और लेबनान की आधिकारिक तीन-देशीय यात्रा के अंतिम चरण में हुई।
मुख्य घटनाक्रम
लेबनान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि दोनों वरिष्ठ राजनयिकों ने आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया तथा क्षेत्र में उभरती स्थिति पर भी चर्चा की। रंगनाथन ने स्वयं एक्स पर लिखा, 'बेरूत में आकर और महासचिव राजदूत अब्दुल सत्तार एसा से मिलकर अपने सभी पहलुओं में हमारे द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करके अपनी व्यस्तताओं की शुरुआत करके प्रसन्नता हो रही है।'
रंगनाथन का बेरूत पहुँचने पर राजदूत नूर रहमान शेख ने स्वागत किया। इससे पहले उन्होंने लेबनान की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष नबीह बेरी से भी भेंट की, जिसमें संसदीय आदान-प्रदान सहित भारत-लेबनान साझेदारी को विस्तार देने के उपायों पर चर्चा हुई।
फिलिस्तीन में ऐतिहासिक पहल
लेबनान से पहले अपनी फिलिस्तीन यात्रा के दौरान सचिव रंगनाथन ने फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री मोहम्मद मुस्तफा के साथ जेनिन में 200 बेड वाले इंडियन सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के शिलान्यास समारोह में भाग लिया। यह भारत-फिलिस्तीन विकास साझेदारी में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।
इस अवसर पर दोनों देशों ने अस्पताल परियोजना के लिए द्विपक्षीय ज्ञापन समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें एक ट्रॉमा सेंटर भी शामिल होगा। इसके अतिरिक्त, प्रिंटिंग क्षेत्र में तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET) पर फिलिस्तीन के श्रम मंत्रालय के साथ एक अलग एमओयू भी हस्ताक्षरित किया गया।
क्षेत्रीय संदर्भ और महत्त्व
यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव का वातावरण बना हुआ है। भारत के फिलिस्तीन स्थित प्रतिनिधि कार्यालय ने रामल्लाह में पोस्ट किया कि 'आज के समारोह ने स्वास्थ्य सेवा, रोजगार-उन्मुख कौशल और क्षमता-निर्माण में हमारे सहयोग को और मजबूत किया।' गौरतलब है कि भारत इस क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक उपस्थिति को व्यापक विकास साझेदारी के रूप में प्रस्तुत करता रहा है।
आगे की राह
रंगनाथन और फिलिस्तीनी प्रधानमंत्री मुस्तफा ने दीर्घकालिक भारत-फिलिस्तीन साझेदारी को और सुदृढ़ करने तथा आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। तीन देशों को समेटने वाली यह यात्रा पश्चिम एशिया में भारत की सक्रिय राजनयिक भूमिका को रेखांकित करती है।