28 जून 2026
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लेबनान-इजरायल फ्रेमवर्क समझौता: राष्ट्रपति औन ने ट्रंप को दिया लागू करने का वादा

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लेबनान-इजरायल फ्रेमवर्क समझौता: राष्ट्रपति औन ने ट्रंप को दिया लागू करने का वादा

सारांश

लेबनान के राष्ट्रपति औन ने ट्रंप से फोन पर इजरायल के साथ अमेरिकी मध्यस्थता वाले फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने का वादा किया — एक दिन पहले ही विदेश सचिव रुबियो ने इस ऐतिहासिक डील की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य हिज्बुल्लाह के सैन्य ढाँचे को खत्म करना और लेबनान की संप्रभुता बहाल करना है।

मुख्य बातें

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 28 जून 2025 की देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की।
औन ने इजरायल-लेबनान फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने की जिम्मेदारी निभाने का वादा किया।
ट्रंप ने लेबनान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अमेरिकी समर्थन दोहराया।
विदेश सचिव मार्को रुबियो ने शुक्रवार को वाशिंगटन डीसी में फ्रेमवर्क समझौते की घोषणा की थी।
समझौते का लक्ष्य हिज्बुल्लाह के सैन्य ढाँचे को निष्क्रिय करना और इजरायली सेना की दक्षिणी लेबनान से वापसी सुनिश्चित करना है।
ट्रंप ने वाशिंगटन में औन से जल्द मुलाकात की इच्छा जताई।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने 28 जून 2025 की देर रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत की और वादा किया कि लेबनान सरकार इजरायल के साथ अमेरिकी मध्यस्थता में बने फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने में अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाएगी। यह जानकारी लेबनानी राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में दी गई।

औन ने क्या कहा

राष्ट्रपति औन ने ट्रंप से उम्मीद जताई कि अमेरिका समझौते के उल्लंघन को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि डील के तहत किए गए सभी वादे पूरे हों। उन्होंने विशेष रूप से इजरायल पर दक्षिणी लेबनान में कब्जे वाले इलाकों से हटने का दबाव बनाने की माँग की, ताकि लेबनानी सेना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा तक तैनात किया जा सके।

ट्रंप का समर्थन का आश्वासन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान और उसके लोगों के प्रति वाशिंगटन के समर्थन को दोहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करेगा, साथ ही देश के पूरे इलाके में सशस्त्र बलों के माध्यम से राज्य प्राधिकरण के विस्तार का भी समर्थन करेगा। फोन कॉल के अंत में ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही वाशिंगटन में औन से मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

फ्रेमवर्क समझौते की पृष्ठभूमि

इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने घोषणा की थी कि इजरायल और लेबनान स्थायी शांति और सुरक्षा के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते पर पहुँच गए हैं। वाशिंगटन डीसी में राजदूत स्तर की बातचीत के नए दौर के बाद हस्ताक्षरित इस समझौते में दोनों देशों के बीच युद्धविराम को फिर से लागू करने का प्रावधान है।

हस्ताक्षर समारोह के दौरान रुबियो ने कहा, 'आज का दिन अच्छा है क्योंकि हमें यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है — अमेरिका की मध्यस्थता और समर्थन से लेबनान की संप्रभु सरकार और इजरायली सरकार के बीच यह फ्रेमवर्क पक्की शांति और सुरक्षा की नींव रखेगा।'

समझौते के मुख्य उद्देश्य

इस फ्रेमवर्क के तीन प्रमुख लक्ष्य हैं: लेबनान की संप्रभुता की बहाली, हिज्बुल्लाह के सैन्य ढाँचे को निष्क्रिय करना, और सुरक्षा खतरे समाप्त होने के बाद इजरायली सेना को अपनी सीमाओं पर वापस लौटने में सहायता करना। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिणी लेबनान में तनाव अभी भी बना हुआ है और लेबनानी सेना की सीमावर्ती इलाकों में तैनाती पूरी तरह नहीं हो पाई है।

आगे क्या होगा

राष्ट्रपति औन की वाशिंगटन यात्रा जल्द होने की संभावना है, जो इस कूटनीतिक प्रक्रिया को और गति दे सकती है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि लेबनान सरकार समझौते की शर्तें कितनी तेजी से जमीन पर उतारती है और इजरायल दक्षिणी लेबनान से अपनी वापसी की समयसीमा पर कितना अमल करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — दक्षिणी लेबनान में इजरायली वापसी की कोई स्पष्ट समयसीमा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। हिज्बुल्लाह के सैन्य ढाँचे को 'खत्म करने' का लक्ष्य पिछले कई समझौतों में भी रहा है, जिनमें 2006 का संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव 1701 भी शामिल है — जो दशकों तक अधूरा रहा। औन की वाशिंगटन यात्रा और उसके बाद की कूटनीति यह तय करेगी कि यह डील इतिहास की उन घोषणाओं में जुड़ती है जो जमीन पर नहीं उतरीं, या वास्तव में क्षेत्र में नई स्थिरता की शुरुआत करती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेबनान-इजरायल फ्रेमवर्क समझौता क्या है?
यह अमेरिकी मध्यस्थता में बना एक समझौता है जिसकी घोषणा विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 27 जून 2025 को वाशिंगटन डीसी में की। इसका लक्ष्य लेबनान और इजरायल के बीच स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित करना, हिज्बुल्लाह के सैन्य ढाँचे को निष्क्रिय करना और इजरायली सेना की दक्षिणी लेबनान से वापसी सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रपति औन और ट्रंप की फोन वार्ता में क्या हुआ?
28 जून 2025 की देर रात हुई इस वार्ता में औन ने फ्रेमवर्क समझौते को लागू करने का वादा किया और अमेरिका से उल्लंघन रोकने में मदद माँगी। ट्रंप ने लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अमेरिकी समर्थन दोहराया और जल्द वाशिंगटन में मुलाकात की इच्छा जताई।
इस समझौते से दक्षिणी लेबनान पर क्या असर पड़ेगा?
समझौते के तहत इजरायल को दक्षिणी लेबनान के कब्जे वाले इलाकों से हटना होगा, जिससे लेबनानी सेना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा तक तैनात हो सके। हालाँकि वापसी की कोई स्पष्ट समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
हिज्बुल्लाह के बारे में इस डील में क्या प्रावधान है?
फ्रेमवर्क का एक प्रमुख उद्देश्य हिज्बुल्लाह के सैन्य ढाँचे को समाप्त करना है। यह लेबनान की संप्रभु सरकार को देश के पूरे इलाके में अपनी सशस्त्र सेनाओं के जरिए राज्य प्राधिकरण स्थापित करने में सहायता करने का भी प्रावधान रखता है।
आगे क्या होने की संभावना है?
राष्ट्रपति औन की वाशिंगटन यात्रा जल्द होने की संभावना है, जिसका संकेत ट्रंप ने खुद दिया। इसके बाद समझौते की शर्तों को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें लेबनानी सेना की सीमावर्ती तैनाती और इजरायली वापसी की निगरानी प्रमुख मुद्दे होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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