21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सेकेंड थॉमस शोल विवाद: फिलीपींस ने चीन तटरक्षक बल के आरोप 'झूठे और भ्रामक' बताए, अमेरिका ने की निंदा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सेकेंड थॉमस शोल विवाद: फिलीपींस ने चीन तटरक्षक बल के आरोप 'झूठे और भ्रामक' बताए, अमेरिका ने की निंदा

सारांश

दक्षिण चीन सागर के सेकेंड थॉमस शोल पर एक बार फिर तनाव चरम पर है। फिलीपींस ने चीन के आरोपों को 'झूठा और भ्रामक' बताया, AI वीडियो से दुष्प्रचार का आरोप लगाया और अमेरिका ने भी चीन की 'खतरनाक कार्रवाई' की निंदा की — यह टकराव 2016 के मध्यस्थता फैसले की अनदेखी की एक और कड़ी है।

मुख्य बातें

फिलीपींस के सशस्त्र बल (AFP) ने 21 जुलाई 2026 को सेकेंड थॉमस शोल पर हुई घटना को लेकर चीन तटरक्षक बल (CCG) के दावों को 'झूठा और भ्रामक' करार दिया।
चीन ने आरोप लगाया कि फिलीपींस के जहाज LT-57 से निकली रबर नौकाएं उसकी गश्ती नौका से खतरनाक तरीके से टकराईं; फिलीपींस ने इसे पूरी तरह नकारा।
AFP के अनुसार, चीन तटरक्षक बल ने निर्देशों की अनदेखी करते हुए कथित तौर पर एक फिलीपीनी नौसैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया।
फिलीपींस ने चीनी सरकारी मीडिया पर AI से तैयार वीडियो के जरिए 2016 के दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता फैसले को कमज़ोर करने का आरोप लगाया।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने 20 जुलाई 2026 की चीनी कार्रवाई को 'खतरनाक और आक्रामक' बताते हुए बीजिंग से गतिविधियाँ तुरंत बंद करने को कहा।

फिलीपींस के सशस्त्र बल (AFP) ने 22 जुलाई 2026 को दक्षिण चीन सागर के सेकेंड थॉमस शोल के निकट हुई ताज़ा झड़प को लेकर चीन तटरक्षक बल (CCG) के दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'झूठा और भ्रामक' करार दिया। AFP के अनुसार, फिलीपीनी नौसैनिकों ने पूरी जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की, जबकि चीनी पक्ष ने क्षेत्र छोड़ने के निर्देशों की अनदेखी करते हुए एक फिलीपीनी सैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया।

मुख्य घटनाक्रम

चीन तटरक्षक बल ने दावा किया था कि सोमवार, 21 जुलाई की सुबह फिलीपींस के जहाज LT-57 से निकली दो रबर नौकाएं तेज़ गति से उसकी गश्ती नौका के पास पहुँचीं और खतरनाक तरीके से उससे टकरा गईं। फिलीपींस ने इस दावे को पूरी तरह नकारते हुए स्पष्ट किया कि वे दोनों नौकाएं केवल चीनी जहाज को अवैध रूप से संवेदनशील क्षेत्र में मौजूद रहने से रोकने के लिए भेजी गई थीं।

AFP ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'मुख्य सवाल यह है कि चीन तटरक्षक बल की रबर हुल्ड इन्फ्लेटेबल बोट (RHIB) बीआरपी सिएरा माद्रे के इतने करीब क्यों मौजूद थी? उसकी मौजूदगी उस क्षेत्र में अवैध घुसपैठ थी, जहाँ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलीपींस अपने संप्रभु अधिकारों का प्रयोग करता है।'

फिलीपींस की प्रतिक्रिया और संयम का दावा

AFP के अनुसार, स्थिति तब बिगड़ी जब चीन तटरक्षक बल ने बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी की और कथित तौर पर एक फिलीपीनी नौसैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया। फिलीपीनी सैनिकों ने संयम बरतते हुए केवल आत्मरक्षा में कार्रवाई की।

AFP ने कहा, 'पेशेवर व्यवहार को कमज़ोरी नहीं समझा जाना चाहिए।' फिलीपींस ने इस घटना की तुलना 17 जून 2024 की उस घटना से की, जब चीन तटरक्षक बल के कर्मियों पर इसी तरह के दबावपूर्ण और हिंसक व्यवहार के आरोप लगे थे। AFP के अनुसार, दोनों मामलों में उसके सैनिकों ने उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा।

चीन पर दुष्प्रचार के आरोप

फिलीपींस ने चीन पर एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाने का भी आरोप लगाया। AFP का कहना है कि चीनी सरकारी मीडिया AI से तैयार एक वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और वर्ष 2016 के दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता फैसले को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। AFP ने स्पष्ट किया कि इस तरह के प्रचार से वास्तविकता नहीं बदलेगी।

AFP ने यह भी दोहराया कि चीनी सेना, चीन तटरक्षक बल और समुद्री मिलिशिया दक्षिण चीन सागर में समन्वित तरीके से अवैध और दबावपूर्ण गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं, जो क्षेत्र में अस्थिरता का प्रमुख कारण हैं।

अमेरिका की निंदा

इस घटना के बाद अमेरिका ने भी चीन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका 20 जुलाई 2026 को सेकेंड थॉमस शोल में फिलीपींस के नौसैनिकों के विरुद्ध चीन की 'खतरनाक और आक्रामक कार्रवाई' की निंदा करता है और बीजिंग से क्षेत्र को अस्थिर करने वाली गतिविधियाँ तुरंत बंद करने का आग्रह करता है।

क्या होगा आगे

फिलीपींस ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपने संप्रभु अधिकारों की रक्षा, अपने सैन्य कर्मियों की सुरक्षा और सेकेंड थॉमस शोल में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कानूनी दावों की अनदेखी और अब AI-निर्मित दुष्प्रचार को एक साथ हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। 2016 के मध्यस्थता फैसले ने चीन के दावों को अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध घोषित किया था, फिर भी बीजिंग ने उसे मानने से इनकार किया — और अब वह उसी फैसले को AI वीडियो से कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है। फिलीपींस का 'संयम' का आख्यान कूटनीतिक रूप से चतुर है, लेकिन असली सवाल यह है कि अमेरिकी निंदा के बावजूद ठोस प्रतिक्रिया कब आएगी। बिना परिणाम के निंदाएं चीन के व्यवहार को बदलने में अब तक विफल रही हैं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेकेंड थॉमस शोल पर ताज़ा विवाद क्या है?
20-21 जुलाई 2026 को दक्षिण चीन सागर के सेकेंड थॉमस शोल पर फिलीपींस और चीन के बीच एक झड़प हुई। चीन तटरक्षक बल ने आरोप लगाया कि फिलीपीनी रबर नौकाएं उसकी गश्ती नौका से टकराईं, जबकि फिलीपींस ने इसे 'झूठा और भ्रामक' बताते हुए कहा कि चीनी कर्मियों ने एक फिलीपीनी सैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया।
BRP सिएरा माद्रे क्या है और यह विवाद में क्यों है?
BRP सिएरा माद्रे फिलीपींस का एक जहाज़ है जिसे जानबूझकर सेकेंड थॉमस शोल पर उथले पानी में बैठाया गया है ताकि वहाँ फिलीपींस की स्थायी उपस्थिति बनी रहे। चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा जताता है, जिसे 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले ने अमान्य ठहराया था।
अमेरिका ने इस घटना पर क्या कहा?
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने 20 जुलाई 2026 की घटना को 'खतरनाक और आक्रामक' बताते हुए चीन की निंदा की। अमेरिका ने बीजिंग से दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियाँ तुरंत बंद करने का आग्रह किया।
फिलीपींस ने चीन पर दुष्प्रचार का आरोप क्यों लगाया?
AFP का कहना है कि चीनी सरकारी मीडिया ने AI से तैयार एक वीडियो के ज़रिए घटना के तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की। फिलीपींस के अनुसार, इस दुष्प्रचार का उद्देश्य 2016 के दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता फैसले को कमज़ोर करना है।
क्या इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं?
हाँ, फिलीपींस ने इस घटना की तुलना 17 जून 2024 की उस घटना से की है, जब चीन तटरक्षक बल के कर्मियों पर इसी तरह के दबावपूर्ण और हिंसक व्यवहार के आरोप लगे थे। AFP के अनुसार, दोनों मामलों में उसके सैनिकों ने उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले