सेकेंड थॉमस शोल विवाद: फिलीपींस ने चीन तटरक्षक बल के आरोप 'झूठे और भ्रामक' बताए, अमेरिका ने की निंदा
सारांश
मुख्य बातें
फिलीपींस के सशस्त्र बल (AFP) ने 22 जुलाई 2026 को दक्षिण चीन सागर के सेकेंड थॉमस शोल के निकट हुई ताज़ा झड़प को लेकर चीन तटरक्षक बल (CCG) के दावों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'झूठा और भ्रामक' करार दिया। AFP के अनुसार, फिलीपीनी नौसैनिकों ने पूरी जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुरूप कार्रवाई की, जबकि चीनी पक्ष ने क्षेत्र छोड़ने के निर्देशों की अनदेखी करते हुए एक फिलीपीनी सैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया।
मुख्य घटनाक्रम
चीन तटरक्षक बल ने दावा किया था कि सोमवार, 21 जुलाई की सुबह फिलीपींस के जहाज LT-57 से निकली दो रबर नौकाएं तेज़ गति से उसकी गश्ती नौका के पास पहुँचीं और खतरनाक तरीके से उससे टकरा गईं। फिलीपींस ने इस दावे को पूरी तरह नकारते हुए स्पष्ट किया कि वे दोनों नौकाएं केवल चीनी जहाज को अवैध रूप से संवेदनशील क्षेत्र में मौजूद रहने से रोकने के लिए भेजी गई थीं।
AFP ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'मुख्य सवाल यह है कि चीन तटरक्षक बल की रबर हुल्ड इन्फ्लेटेबल बोट (RHIB) बीआरपी सिएरा माद्रे के इतने करीब क्यों मौजूद थी? उसकी मौजूदगी उस क्षेत्र में अवैध घुसपैठ थी, जहाँ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फिलीपींस अपने संप्रभु अधिकारों का प्रयोग करता है।'
फिलीपींस की प्रतिक्रिया और संयम का दावा
AFP के अनुसार, स्थिति तब बिगड़ी जब चीन तटरक्षक बल ने बार-बार दिए गए निर्देशों की अनदेखी की और कथित तौर पर एक फिलीपीनी नौसैनिक पर लकड़ी के डंडे से हमला किया। फिलीपीनी सैनिकों ने संयम बरतते हुए केवल आत्मरक्षा में कार्रवाई की।
AFP ने कहा, 'पेशेवर व्यवहार को कमज़ोरी नहीं समझा जाना चाहिए।' फिलीपींस ने इस घटना की तुलना 17 जून 2024 की उस घटना से की, जब चीन तटरक्षक बल के कर्मियों पर इसी तरह के दबावपूर्ण और हिंसक व्यवहार के आरोप लगे थे। AFP के अनुसार, दोनों मामलों में उसके सैनिकों ने उकसावे के बावजूद अनुशासन बनाए रखा।
चीन पर दुष्प्रचार के आरोप
फिलीपींस ने चीन पर एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाने का भी आरोप लगाया। AFP का कहना है कि चीनी सरकारी मीडिया AI से तैयार एक वीडियो के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने और वर्ष 2016 के दक्षिण चीन सागर मध्यस्थता फैसले को कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है। AFP ने स्पष्ट किया कि इस तरह के प्रचार से वास्तविकता नहीं बदलेगी।
AFP ने यह भी दोहराया कि चीनी सेना, चीन तटरक्षक बल और समुद्री मिलिशिया दक्षिण चीन सागर में समन्वित तरीके से अवैध और दबावपूर्ण गतिविधियाँ जारी रखे हुए हैं, जो क्षेत्र में अस्थिरता का प्रमुख कारण हैं।
अमेरिका की निंदा
इस घटना के बाद अमेरिका ने भी चीन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका 20 जुलाई 2026 को सेकेंड थॉमस शोल में फिलीपींस के नौसैनिकों के विरुद्ध चीन की 'खतरनाक और आक्रामक कार्रवाई' की निंदा करता है और बीजिंग से क्षेत्र को अस्थिर करने वाली गतिविधियाँ तुरंत बंद करने का आग्रह करता है।
क्या होगा आगे
फिलीपींस ने स्पष्ट किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपने संप्रभु अधिकारों की रक्षा, अपने सैन्य कर्मियों की सुरक्षा और सेकेंड थॉमस शोल में अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं।