राजदूत हर्ष कुमार जैन ने अकलान के सांस्कृतिक स्थलों का दौरा किया, भारत-फिलीपींस सांस्कृतिक संबंध मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
फिलीपींस में भारत के राजदूत हर्ष कुमार जैन ने अकलान प्रांत की अपनी चल रही यात्रा के दौरान कलिबो स्थित अति-अतिहान संग्रहालय, म्यूजियो इट अकेन और हाबोएन वीविंग स्टूडियो एंड कैफे का दौरा किया। यह यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई गहराई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
भारतीय दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस दौरे की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि राजदूत जैन को अकलान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिला। उन्होंने अति-अतिहान महोत्सव की परंपराओं, म्यूजियो इट अकेन में संरक्षित स्थानीय एवं स्वदेशी हस्तशिल्प तथा पीना बुनाई की सदियों पुरानी कला के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
इस दौरे में आंतरिक एवं स्थानीय शासन विभाग (डीआईएलजी) के क्षेत्रीय निदेशक जुआन जोवियन इंजेनिएरो और नुमानसिया नगरपालिका की उप महापौर मारिएल सिएलो कोचिंग भी राजदूत जैन के साथ उपस्थित रहीं।
पीना बुनाई: अकलान की अमूल्य धरोहर
गौरतलब है कि पीना बुनाई अकलान की सबसे प्रमुख पारंपरिक कलाओं में से एक है। इसमें अनानास के रेशों से अत्यंत महीन और कोमल कपड़ा तैयार किया जाता है, जो पीढ़ियों से स्थानीय कारीगरों की अनूठी कुशलता को दर्शाता है। यह कला फिलीपींस की राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है।
भारत-फिलीपींस संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और फिलीपींस के रणनीतिक संबंध दशकों पुराने हैं। हाल ही में दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया है। रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस मिसाइल सौदा इस साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण है — फिलीपींस भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का पहला विदेशी खरीदार है। इसके अलावा समुद्री सुरक्षा और 3.5 अरब डॉलर से अधिक के द्विपक्षीय व्यापार के साथ दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मज़बूत साझेदार बनकर उभरे हैं।
फिलीपींस के राजदूत का बयान
फिलीपींस के भारत में राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने हाल ही में कहा था कि इस समय दोनों देशों के संबंध अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में हैं। उन्होंने बताया, "आर्थिक क्षेत्र में भी हमारा व्यापार लगातार बढ़ रहा है। साल 2023 में हमने तीन अरब अमेरिकी डॉलर का आँकड़ा पार किया और अब चार अरब डॉलर की ओर बढ़ रहे हैं।"
इग्नासियो ने यह भी बताया कि एक दशक से अधिक समय के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं, जिससे पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। फिलीपींस ने भारतीय नागरिकों के लिए वीज़ा नियम सरल किए हैं — अब भारतीय पर्यटन या छोटे कारोबारी दौरे के लिए 14 दिनों तक बिना वीज़ा के फिलीपींस जा सकते हैं।
आगे की राह
राजदूत जैन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच जन-संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को और सुदृढ़ करने की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत और फिलीपींस अपनी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।