मार्को रुबियो आज जयपुर पहुंचेंगे, आमेर किले में उपमुख्यमंत्री दीया कुमार करेंगी स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने चार दिवसीय भारत दौरे के तहत सोमवार, 26 मई को जयपुर पहुंचेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर करीब 2 बजे जयपुर पहुंचेंगे और मंगलवार, 27 मई सुबह 6:30 बजे रवाना होंगे। यह रुबियो की जयपुर की पहली यात्रा है, और इसे लेकर जिला प्रशासन, पुलिस तथा सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
आमेर किले में होगा भव्य स्वागत
रुबियो के कार्यक्रम के मुताबिक वे दोपहर करीब 3 बजे आमेर किले पहुंचेंगे, जहाँ राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमार उनका स्वागत करेंगी। किले के अंदर जलेब चौक में स्वागत समारोह की तैयारियाँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति की झलक दिखाने के लिए लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों को आमंत्रित किया गया है।
आमेर पैलेस के आसपास सफाई, लाइटिंग और सौंदर्यीकरण का काम भी तेज़ कर दिया गया है, ताकि इस हाई-प्रोफाइल दौरे के दौरान शहर का सर्वोत्तम पक्ष सामने आ सके।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
अधिकारी यात्रा मार्ग, कार्यक्रम स्थलों और ठहरने की जगहों का बारीकी से निरीक्षण कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ होटलों, पर्यटन स्थलों और वीवीआईपी मूवमेंट वाले इलाकों पर विशेष नज़र बनाए हुए हैं। यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से योजना तैयार की गई है, ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो।
अधिकारियों के अनुसार सभी प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि रुबियो की जयपुर यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा न आए और समस्त व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हों।
भारत दौरे का व्यापक एजेंडा
रुबियो 23 से 26 मई तक भारत के चार प्रमुख शहरों — कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली — का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग को और मज़बूत करना बताया जा रहा है। नई दिल्ली में होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
जेडी वेंस की यात्रा के बाद अमेरिकी रुचि का सिलसिला जारी
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 21 से 24 अप्रैल के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अपने परिवार के साथ जयपुर आए थे। उस दौरान उन्होंने आमेर किले सहित कई पर्यटन स्थलों का दौरा किया था और शहर में एक कार्यक्रम को संबोधित भी किया था। रुबियो की यह यात्रा इस कड़ी को आगे बढ़ाती है और जयपुर को भारत-अमेरिका कूटनीतिक संवाद के एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव के रूप में स्थापित करती है।
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता और रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं।