4 अगस्त 2026
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पीओके चुनाव महज दिखावा, जून से 90 लोगों की मौत: विदेश मंत्रालय की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

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पीओके चुनाव महज दिखावा, जून से 90 लोगों की मौत: विदेश मंत्रालय की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

सारांश

पाकिस्तान जब पीओके में चुनावी वैधता का नाटक कर रहा है, भारत ने सीधे तौर पर कहा — यह दिखावा है। जून से 90 मौतें, संचार बंदी और दमन की पृष्ठभूमि में MEA का यह बयान पाकिस्तान के पाखंडपूर्ण मुखौटे को उघाड़ता है और वैश्विक समुदाय से जवाबदेही की माँग करता है।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 4 अगस्त 2026 को पीओके के 'तथाकथित स्थानीय चुनावों' को 'पूरी तरह दिखावा' करार दिया।
जून 2026 से अब तक पीओके में जन-प्रदर्शनों के दौरान 90 लोगों की मौत हो चुकी है, कई अन्य घायल हैं।
JKJAAC की अगुवाई में विरोध-प्रदर्शन 5 जून 2026 से जारी हैं; पाकिस्तान ने गोली, संचार बंदी और दमन से जवाब दिया।
भारत ने वैश्विक समुदाय से पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की।
जायसवाल ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 4 अगस्त 2026 को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे 'तथाकथित स्थानीय चुनावों' को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें 'पूरी तरह दिखावा' करार दिया। भारत ने वैश्विक समुदाय से अपील की कि वह पाकिस्तान के पाखंडपूर्ण मुखौटे के पार वास्तविकता को देखे और आम नागरिकों पर हो रही ज्यादती के विरुद्ध ठोस कदम उठाए।

मुख्य घटनाक्रम

जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में यह तथाकथित स्थानीय चुनाव पूरी तरह से दिखावा है। वास्तविक स्थिति वहाँ हो रहे जन-प्रदर्शन और पाकिस्तानी बलों द्वारा की जा रही निर्मम हत्याओं की है। ऐसे खोखले दावे वास्तविकता से बिल्कुल अलग हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान 'खोखले चुनावी अभ्यास से वैधता का भ्रम पैदा कर रहा है' और उसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

पीओके में दमन और मानवाधिकार उल्लंघन

प्रवक्ता जायसवाल ने बताया कि जून 2026 से अब तक पीओके में जन-प्रदर्शनों को कुचलने के दौरान 90 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। उन्होंने कहा, 'वहाँ की सत्ता व्यवस्था ने जनता के असंतोष का जवाब गोली से, संचार बंदी से, दमन और धमकी से दिया है।' यह विरोध-प्रदर्शन जम्मू और कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) की अगुवाई में 5 जून 2026 को शुरू हुए थे और तब से लगातार जारी हैं।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब पीओके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाइयाँ अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियाँ बन रही हैं। पाकिस्तान द्वारा इसी दौरान 'स्थानीय चुनाव' कराने के कदम को भारत ने वैधता का झूठा आवरण ओढ़ने की कोशिश बताया है।

वैश्विक समुदाय से भारत की अपील

जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह 'मानवाधिकार पर पाकिस्तान के पाखंडपूर्ण उपदेशों के मुखौटे के पार वास्तविकता को देखे।' भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को इन खोखले चुनावी नाटकों के लिए वैश्विक मंचों पर जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।

सीमा पार आतंकवाद पर भारत का रुख

पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में जायसवाल ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला देते हुए कहा, 'सभी ने देखा कि ऑपरेशन सिंदूर में हमने उन्हें कैसा जवाब दिया था।' उन्होंने सभी देशों से क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की अपील की, और पाकिस्तान से भी माँग की कि वह अपनी धरती पर चल रहे आतंकी ठिकानों को खत्म करे।

आगे क्या होगा

भारत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीओके की स्थिति संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद सहित कई वैश्विक मंचों पर उठाई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान द्वारा कराए जा रहे ये चुनाव अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। भारत आने वाले समय में इस मुद्दे को बहुपक्षीय मंचों पर और अधिक मुखरता से उठाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संचार बंदी और सशस्त्र दमन का सिलसिला जारी हो, तो चुनावी नाटक वैधता नहीं, बल्कि विरोधाभास को और गहरा करता है। भारत का यह बयान समय पर है, परंतु असली परीक्षा यह है कि क्या भारत इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर उतनी ही दृढ़ता से उठाता है जितनी दृढ़ता से प्रेस ब्रीफिंग में। वैश्विक समुदाय की चुप्पी पाकिस्तान को ऐसे नाटकों की छूट देती रही है — और इस बार भी उसे तोड़ने की जिम्मेदारी केवल बयानों से नहीं, ठोस कूटनीतिक कदमों से पूरी होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीओके में हो रहे चुनावों पर भारत का क्या रुख है?
भारत ने पीओके में कराए जा रहे 'तथाकथित स्थानीय चुनावों' को पूरी तरह दिखावा और वैधता का झूठा भ्रम बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 4 अगस्त 2026 को कहा कि ये चुनाव वहाँ की वास्तविक स्थिति — दमन, गोलीबारी और संचार बंदी — को छुपाने की कोशिश हैं।
पीओके में जून से अब तक कितने लोग मारे गए हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार जून 2026 से अब तक पीओके में जन-प्रदर्शनों के दौरान 90 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने JKJAAC की अगुवाई में 5 जून से जारी विरोध-प्रदर्शनों को गोली, संचार बंदी और दमन से कुचलने की कोशिश की है।
JKJAAC क्या है और पीओके में इसकी भूमिका क्या है?
जम्मू और कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) पीओके में नागरिक अधिकारों के लिए सक्रिय एक संगठन है। इसी की अगुवाई में 5 जून 2026 से पीओके में व्यापक जन-प्रदर्शन शुरू हुए, जिन्हें पाकिस्तानी बलों ने बलपूर्वक दबाने की कोशिश की।
ऑपरेशन सिंदूर का इस संदर्भ में क्या महत्व है?
पाकिस्तान की सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर पूछे गए सवाल के जवाब में MEA प्रवक्ता जायसवाल ने ऑपरेशन सिंदूर का हवाला दिया, जिसे भारत ने पाकिस्तान को दिए गए कड़े जवाब के रूप में पेश किया। उन्होंने सभी देशों से क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की अपील की।
भारत ने वैश्विक समुदाय से क्या माँग की है?
भारत ने वैश्विक समुदाय से आग्रह किया है कि वह पाकिस्तान के 'मानवाधिकार पर पाखंडपूर्ण उपदेशों के मुखौटे के पार' वास्तविकता को देखे और पीओके में नागरिकों पर हो रही ज्यादती के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए। MEA ने स्पष्ट किया कि खोखले चुनावी अभ्यास से वैधता का भ्रम पैदा करने की कोशिश स्वीकार्य नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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