11 अगस्त 2026
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पीओके में मानवाधिकार हनन पर भारत सख्त, MEA ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की माँग की

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पीओके में मानवाधिकार हनन पर भारत सख्त, MEA ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की माँग की

सारांश

पीओके में 90 लोगों की मौत और इंटरनेट बंदी के बीच भारत ने खुलकर पाकिस्तान की निंदा की। MEA प्रवक्ता जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जवाबदेही माँगी और मक्का डिफेंस पैक्ट पर भी भारत की कड़ी निगरानी का संकेत दिया।

मुख्य बातें

MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को पीओके में मानवाधिकार हनन की कड़ी निंदा की।
पीओके में जारी हिंसा में अब तक 90 लोग मारे जा चुके हैं; प्रदर्शनकारियों पर बुलेट और इंटरनेट बंदी से जवाब दिया जा रहा है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहराने की माँग की।
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हस्ताक्षरित मक्का डिफेंस पैक्ट पर भारत ने कड़ी निगरानी का संकेत दिया।
भारत ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार, 11 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी हिंसा और मानवाधिकार उल्लंघन की कड़ी निंदा की। जायसवाल ने कहा कि अब तक 90 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और वहाँ की जनता की माँगों का जवाब बुलेट और इंटरनेट बंदी से दिया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

पीओके में हो रही हिंसा पर भारत के रुख के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमारी पड़ोस में हो रही गतिविधियों पर पूरी और करीबी नज़र है। हम देख रहे हैं कि कैसे पाकिस्तान में मानवाधिकारों का हनन किया जा रहा है। अब तक 90 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। लोगों की माँगों का जवाब बुलेट और नेट बंदी से दिया जा रहा है।'

उन्होंने आगे कहा, 'मानवाधिकार का हनन होते हमने देखा। हमने देखा लोगों को किस कदर मारा गया, उनके साथ ज़्यादती हुई। इसने एक बार फिर जता दिया कि पाकिस्तान को मानवाधिकार के क्षेत्र में अभी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है।'

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील

जायसवाल ने वैश्विक बिरादरी से सीधी अपील करते हुए कहा कि यह अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी है कि वह इस मसले पर ध्यान दे और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए। उन्होंने कहा, 'हाल की हिंसा में लोग मारे गए हैं। अब ये अंतरराष्ट्रीय समुदाय की जिम्मेदारी बनती है कि इस पर ध्यान दे और पाकिस्तान को इसके लिए जवाबदेह ठहराए।'

यह ऐसे समय में आया है जब पीओके में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी चिंता जता चुके हैं। गौरतलब है कि भारत ने इससे पहले भी पीओके में मानवाधिकार स्थिति पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, लेकिन इस बार का बयान अधिक स्पष्ट और मृतकों की संख्या का उल्लेख करने वाला है।

मक्का डिफेंस पैक्ट पर भारत की प्रतिक्रिया

ब्रीफिंग में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हाल ही में हस्ताक्षरित मक्का डिफेंस पैक्ट पर भी सवाल उठे। इस समझौते के तहत किसी भी एक देश पर सैन्य हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

जायसवाल ने कहा, 'हम पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर करीबी नज़र रखे हुए हैं। हम भारत की सुरक्षा और इलाके की शांति और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभाव के नज़रिए से इसे देख रहे हैं। भारत अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इस बारे में जो भी आवश्यक होगा उसी हिसाब से कदम उठाएगा।'

आम जनता और क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

पीओके में जारी हिंसा और इंटरनेट बंदी ने वहाँ की आम जनता के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आलोचकों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग और संचार की पाबंदी अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों का उल्लंघन है।

मक्का डिफेंस पैक्ट को लेकर भारतीय रणनीतिक विशेषज्ञ इसे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मान रहे हैं, क्योंकि पाकिस्तान पहले से ही भारत का पड़ोसी और तनाव का केंद्र रहा है।

क्या होगा आगे

भारत ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम एशिया और पीओके दोनों मोर्चों पर स्थिति की निगरानी जारी रखेगा। विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद अब देखना होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय — विशेषकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद — पाकिस्तान पर किस हद तक दबाव बनाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अभी पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीओके में मानवाधिकार हनन पर भारत ने क्या कहा?
MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को कहा कि पीओके में अब तक 90 लोग मारे जा चुके हैं और लोगों की माँगों का जवाब बुलेट व इंटरनेट बंदी से दिया जा रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को इसके लिए जवाबदेह ठहराने की माँग की।
पीओके में कितने लोग मारे गए हैं?
MEA प्रवक्ता के अनुसार पीओके में हाल की हिंसा में अब तक 90 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। भारत सरकार ने इन मौतों को मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर उदाहरण बताया है।
मक्का डिफेंस पैक्ट क्या है और भारत की क्या प्रतिक्रिया है?
मक्का डिफेंस पैक्ट पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की के बीच हस्ताक्षरित एक सैन्य समझौता है, जिसके तहत किसी एक देश पर हमले को तीनों पर हमला माना जाएगा। भारत ने कहा है कि वह इस घटनाक्रम पर करीबी नज़र रखे हुए है और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत ने क्या माँग की है?
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह पीओके में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान दे और पाकिस्तान को इसके लिए जवाबदेह ठहराए। MEA प्रवक्ता ने कहा कि यह जिम्मेदारी अब वैश्विक बिरादरी की है।
पीओके में इंटरनेट बंदी और हिंसा का आम जनता पर क्या असर है?
कथित तौर पर पाकिस्तानी अधिकारियों ने पीओके में इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी हैं और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया है। इससे वहाँ की आम जनता का बाहरी दुनिया से संपर्क कट गया है और मानवीय स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि मुश्किल हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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